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विकास का वादा, नहीं दिखता इरादा

Thu, 12 Feb 2015 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Thu, 12 Feb 2015 12:01 AM IST
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Mahewa village forgotten after adopting
आदर्श ग्राम योजना में भाजपा सांसद अशोक दोहरे ने महेवा गांव को गोद तो ले लिया, लेकिन लगता है यहां विकास कराने का इरादा नहीं है। सांसद ग्राम की घोषणा को चार माह बीत चुके हैं और अब तक इस गांव के लोग बुनियादी जरूरतों को तरस रहे हैं। गांव की गलियां दुरुस्त हुईं और न जल निकासी की समस्या का निदान हुआ।
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जगह-जगह गंदगी के ढेर सफाई अभियान को मुंह चिढ़ा रहे हैं। सांसद के गांव गोद लेने के बाद लोग काफी खुश थे।  उन्हें अच्छे दिन की तस्वीर दिखने लगी थी। वैसे तो जिले में और भी बदहाल गांव हैं, लेकिन भाजपा सांसद अशोक दोहरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसद आदर्श ग्राम योजना में महेवा गांव को गोद लिया।
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इस गांव की आबादी करीब 6 हजार है, जिसमें करीब 3700 मतदाता हैं। गांव की बदहाली की तस्वीर ऐसी है कि गलियां कच्ची न सही, लेकिन जो खड़ंजा बिछा है, वह जीर्णशीर्ण हैं। नालियां टूटी हैं। पशु अस्पताल की इमारत जर्जर है। सुलभ शौचालय के सामने महीनों से जलभराव है।
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अभी तक विकास या सुधार कार्य की एक ईंट नहीं रखी गई। यहां बता दें कि महेवा को एशिया के प्रथम ब्लाक होने का दर्जा हासिल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सांसद अशोक दोहरे गांव गोद लेने की घोषणा करने के बाद आज तक नजर नहीं आए। जब सांसद ही नजर नहीं आ रहे हैं तो गांव का विकास कैसे होगा।

मिल चुकी है सांसद निधि की पहली किस्त
ऐसा भी नहीं है कि विकास कार्य के लिए बजट की कमी है। दो महीने पहले ही सांसद निधि के रूप में ढाई करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी हो चुकी है। अगर सांसद अपनी निधि से कुछ रुपये गोद लिए गांव पर खर्च कर देते तो उनसे ऐसी शिकायत न होती।

एसएजीवाई में होना तो यह है
सांसद आदर्श ग्राम योजना (एसएजीवाई) में वैयक्तिक, मानव, सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण विकास करने का प्रावधान किया गया है। इसे लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया जाना है। इसे पूरा करने के लिए रकम से अधिक प्रयासों की जरूरत मानी जा रही है, जो दिख नहीं रहा।

मसलन लोग साफ सफाई पर ध्यान दें, दैनिक व्यायाम करें, धूम्रपान, नशीले पदार्थों का सेवन न करें। इसे प्रचारित करने के लिए होर्डिंग लगाई जानी चाहिए। इसके अलावा बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जानी हैं, जिसमें सभी बेघर गरीबों व कच्चे मकानों में रहने वालों को पक्के मकान दिए जाने हैं। सभी परिवारों को बिजली कनेक्शन, स्ट्रीट लाइट, सड़कें, ग्रामीण बाजार, माइक्रो मिनी बैंक, डाकघर, एटीएम, बॉडब्रैंड कनेक्टिविटी, सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी आदि की व्यवस्थाएं की जानी है।

सांसद जी फोन नहीं उठाते
सांसद अशोक दोहरे से गोद लिए गांव में विकास कार्य को लेकर उनका पक्ष जानने को फोन किया गया, जो नहीं उठा। उनके सरकारी नंबर 9013869444 और निजी नंबर 9997134734 पर करीब आधा दर्जन बार कॉल की गई।


रकम ही नहीं मिली, कैसे हो काम
अभी सर्वे कार्य की फीडिंग चल रही है। इसके बाद विलेज डेवलपमेंट प्लान तैयार होगा। फिर फंड की व्यवस्था होगी। फिलहाल गोद लिए गांव में विकास कार्य के लिए कहीं से धनराशि नहीं मिली है। सांसद चाहें तो वे अपनी निधि से गांव में कार्य करा सकते हैं। सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत कई कार्यों के लिए धन की जरूरत नहीं है वहीं तमाम बुनियादी सेवाएं बगैर धनराशि के नहीं हो सकती। जब तक धनराशि नहीं मिलती। तब तक विकास कार्य शुरू नहीं हो सकते। -प्रदीप कुमार यादव, परियोजना निदेशक, डीआरडीए, इटावा
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