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पैरवी लचर, तो 20 आरोपी दोषमुक्त
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इटावा। जिला पुलिस ने महिलाओं और बच्चों से संबंधित दुष्कर्म, छेड़छाड़ व पॉक्सो के मामलों की ऑपरेशन आईना के तहत समीक्षा की। परखा कि इन मामलों में पीड़ित महिलाएं पुलिस की कार्रवाई से कितनी संतुष्ट और कितनी असंतुष्ट हैं।
समीक्षा के दौरान पाया कि पिछले तीन साल में पुलिस की लचर पैरवी और विवेचना के चलते संबंधित मामलों के 20 आरोपी कोर्ट से दोष मुक्त हो गए। आपरेशन आईना की समीक्षा में सामने आया कि छह पीड़ित महिलाएं पुलिस की कार्रवाई व विवेचना से कतई संतुष्ट नहीं हैं, जबकि कई ने पुलिस की कार्रवाई और विवेचना से संतुष्टि भी जताई।
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने ऑपरेशन आईना के तहत जिले के कई थानों में बीते तीन वर्षों में दर्ज पॉक्सो, छेड़छाड़ व दुष्कर्म पीड़िताओं के घर महिला दरोगा की अगुवाई में टीम को भेजकर समीक्षा कराई।
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इस दौरान थानों में दर्ज रिपोर्ट के तहत उनका फीडबैक भी लिया। जाना की पीड़ित महिलाएं पुलिस की कार्रवाई और विवेचना से कितनी संतुष्ट हैं। इसमें जो नतीजे सामने आए वह अफसरों को परेशान करने वाले है।
जांच के दौरान पीड़ित छह महिलाओं ने कहा कि वह पुलिस की कार्रवाई व विवेचना से कतई संतुष्ट नहीं हैं। समीक्षा के दौरान निकलकर आया कि पुलिस ने विवेचना और प्रबल पैरवी के चलते वर्ष 2019 से 2021 के बीच (सितंबर से पहले तक) कोर्ट ने पॉक्सो, दुष्कर्म व छेड़छाड़ के 26 अभियुक्तों को कारावास की सजा सुनाई।
छह अभियुक्तों को कोर्ट ने आजीवन कारावास व अर्थ दंड की सजा भी सुनाई। इसमें कुकर्म का आरोपी भी शामिल है, जबकि कोर्ट में अभी भी 16 मामले विचाराधीन है, जिनके आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस टीम कोर्ट में समय-समय पर पैरवी करने में जुटी है।
मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को 55 दिन में सजा
बढ़पुरा क्षेत्र के एक गांव में जनवरी 2021 को चार साल की मासूम संग अरुण ने दुष्कर्म किया था। परिजनों ने अरुण के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मासूम को अस्पताल में भर्ती कराया था।
20 जनवरी की रात तत्कालीन बढ़पुरा थाना प्रभारी जीवाराम यादव व क्राइम ब्रांच की टीम ने अरुण को गिरफ्तार किया था। तब से आरोपी जिला कारागार में निरुद्ध है। इस संगीन वारदात की पुलिस ने विवेचना की।
15 दिन में कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया। पुलिस की पैरवी से कोर्ट ने 55 दिन में ही अरुण को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
इनको हुई उम्रकैद की सजा
लवेदी थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2014 में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी पिंटू चौहान को कोर्ट ने 23 मई 2019 को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये की सजा सुनाई।
जसवंतनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2013 में नाबालिग का अपहरण, दुष्कर्म व एससी-एसटी के मामले में आरोपी अभिषेक राठौर को कोर्ट ने 31 अक्तूबर 2019 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जसवंतनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2017 में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी जितेंद्र को कोर्ट ने 24 जनवरी 2020 को आजीवन कारावास की सजा व 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
भरथना थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2019 में 12 साल से कम उम्र की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले आरोपी ज्ञान सिंह उर्फ छोटू को कोर्ट ने 17 फरवरी 2020 को आजीवन कारावास की सजा व 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
बकेवर थाना क्षेत्र के एक गांव में फरवरी 2020 में सात साल की बच्ची संग जंगल में दुष्कर्म व धमकी, एससी-एसटी के तहत आरोपी भूरा मुस्लिम उर्फ वकील को कोर्ट ने 18 फरवरी 2021 को आजीवन कारावास की सजा व एक लाख रुपये के जुर्माना लगाया।
बढ़पुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2021 जनवरी माह में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले अरुण को कोर्ट ने 55 दिन में आजीवन कारावास की सजा व 50 हजार रुपये का लगाया।
अभी दाखिल नहीं हुई 28 की केस डायरी
पुलिस ने छेड़छाड़, दुष्कर्म व पॉक्सो के 34 अन्य मामलों की कई थानों में रिपोर्ट दर्ज की थी। इनमें से पुलिस अभी तक 28 मामलों की केस डायरी कोर्ट में दाखिल नहीं कर सकी है।
तीन साल में अब तक पुलिस सिर्फ पांच ही मामलों की केस डायरी कोर्ट में दाखिल कर सकी। वहीं, किशोर न्यायालय में पुलिस ने एक डायरी दाखिल की।
पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म व छेड़छाड़ के दर्ज मामलों से संबंधित पीड़ित महिलाओं से उनके घर जाकर बात की। उनकी समस्याएं सुुनीं। इन घटनाओं की कोर्ट में पैरवी करने वाले सभी पैरोकारों (पुलिसकर्मियों) से बात कर केस का अपडेट लिया।
पीड़िताओं को कोर्ट में विचाराधीन केस की वस्तुस्थिति से भी रूबरू कराया। पुलिस की विवेचना व पैरवी से असंतुष्ट छह पीड़िताओं को पुलिस अपनी कार्रवाई से संतुष्ट करने का प्रयास कर रही है।
-रजनी सिंह, दरोगा, मिशन आईना
पॉक्सो एक्ट के अभियोगों में इटावा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। विवेचना व वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित करने के साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी की। विधि विज्ञान प्रयोगशाला से संबंधित मामलों की परीक्षण रिपोर्ट जल्द प्राप्त की गई।
इसके बाद तय समयावधि के भीतर विवेचक ने कोर्ट में अभियुक्त के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। पैरवी कर कोर्ट में पीड़ित, वादी और गवाहों के बयान कराए गए। इन सबका नतीजा रहा कि छेड़छाड़, पॉक्सो व दुष्कर्म के मामलों में आरोपियों को कोर्ट से सजा दिलाने में पुलिस कामयाब रही।
मिशन आईना के तहत दरोगा रजनी सिंह ने घर-घर जाकर पीड़िताओं से बात की। मिशन से जुड़े सभी प्रकरणों के दस्तावेजों को इंस्पेक्टर अनिल कुमार चौबे ने जुटाया।
-डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी, इटावा।
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समीक्षा के दौरान पाया कि पिछले तीन साल में पुलिस की लचर पैरवी और विवेचना के चलते संबंधित मामलों के 20 आरोपी कोर्ट से दोष मुक्त हो गए। आपरेशन आईना की समीक्षा में सामने आया कि छह पीड़ित महिलाएं पुलिस की कार्रवाई व विवेचना से कतई संतुष्ट नहीं हैं, जबकि कई ने पुलिस की कार्रवाई और विवेचना से संतुष्टि भी जताई।
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एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने ऑपरेशन आईना के तहत जिले के कई थानों में बीते तीन वर्षों में दर्ज पॉक्सो, छेड़छाड़ व दुष्कर्म पीड़िताओं के घर महिला दरोगा की अगुवाई में टीम को भेजकर समीक्षा कराई।
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इस दौरान थानों में दर्ज रिपोर्ट के तहत उनका फीडबैक भी लिया। जाना की पीड़ित महिलाएं पुलिस की कार्रवाई और विवेचना से कितनी संतुष्ट हैं। इसमें जो नतीजे सामने आए वह अफसरों को परेशान करने वाले है।
जांच के दौरान पीड़ित छह महिलाओं ने कहा कि वह पुलिस की कार्रवाई व विवेचना से कतई संतुष्ट नहीं हैं। समीक्षा के दौरान निकलकर आया कि पुलिस ने विवेचना और प्रबल पैरवी के चलते वर्ष 2019 से 2021 के बीच (सितंबर से पहले तक) कोर्ट ने पॉक्सो, दुष्कर्म व छेड़छाड़ के 26 अभियुक्तों को कारावास की सजा सुनाई।
छह अभियुक्तों को कोर्ट ने आजीवन कारावास व अर्थ दंड की सजा भी सुनाई। इसमें कुकर्म का आरोपी भी शामिल है, जबकि कोर्ट में अभी भी 16 मामले विचाराधीन है, जिनके आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस टीम कोर्ट में समय-समय पर पैरवी करने में जुटी है।
मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को 55 दिन में सजा
बढ़पुरा क्षेत्र के एक गांव में जनवरी 2021 को चार साल की मासूम संग अरुण ने दुष्कर्म किया था। परिजनों ने अरुण के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मासूम को अस्पताल में भर्ती कराया था।
20 जनवरी की रात तत्कालीन बढ़पुरा थाना प्रभारी जीवाराम यादव व क्राइम ब्रांच की टीम ने अरुण को गिरफ्तार किया था। तब से आरोपी जिला कारागार में निरुद्ध है। इस संगीन वारदात की पुलिस ने विवेचना की।
15 दिन में कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया। पुलिस की पैरवी से कोर्ट ने 55 दिन में ही अरुण को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
इनको हुई उम्रकैद की सजा
लवेदी थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2014 में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी पिंटू चौहान को कोर्ट ने 23 मई 2019 को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये की सजा सुनाई।
जसवंतनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2013 में नाबालिग का अपहरण, दुष्कर्म व एससी-एसटी के मामले में आरोपी अभिषेक राठौर को कोर्ट ने 31 अक्तूबर 2019 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जसवंतनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2017 में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी जितेंद्र को कोर्ट ने 24 जनवरी 2020 को आजीवन कारावास की सजा व 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
भरथना थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2019 में 12 साल से कम उम्र की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले आरोपी ज्ञान सिंह उर्फ छोटू को कोर्ट ने 17 फरवरी 2020 को आजीवन कारावास की सजा व 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
बकेवर थाना क्षेत्र के एक गांव में फरवरी 2020 में सात साल की बच्ची संग जंगल में दुष्कर्म व धमकी, एससी-एसटी के तहत आरोपी भूरा मुस्लिम उर्फ वकील को कोर्ट ने 18 फरवरी 2021 को आजीवन कारावास की सजा व एक लाख रुपये के जुर्माना लगाया।
बढ़पुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2021 जनवरी माह में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले अरुण को कोर्ट ने 55 दिन में आजीवन कारावास की सजा व 50 हजार रुपये का लगाया।
अभी दाखिल नहीं हुई 28 की केस डायरी
पुलिस ने छेड़छाड़, दुष्कर्म व पॉक्सो के 34 अन्य मामलों की कई थानों में रिपोर्ट दर्ज की थी। इनमें से पुलिस अभी तक 28 मामलों की केस डायरी कोर्ट में दाखिल नहीं कर सकी है।
तीन साल में अब तक पुलिस सिर्फ पांच ही मामलों की केस डायरी कोर्ट में दाखिल कर सकी। वहीं, किशोर न्यायालय में पुलिस ने एक डायरी दाखिल की।
पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म व छेड़छाड़ के दर्ज मामलों से संबंधित पीड़ित महिलाओं से उनके घर जाकर बात की। उनकी समस्याएं सुुनीं। इन घटनाओं की कोर्ट में पैरवी करने वाले सभी पैरोकारों (पुलिसकर्मियों) से बात कर केस का अपडेट लिया।
पीड़िताओं को कोर्ट में विचाराधीन केस की वस्तुस्थिति से भी रूबरू कराया। पुलिस की विवेचना व पैरवी से असंतुष्ट छह पीड़िताओं को पुलिस अपनी कार्रवाई से संतुष्ट करने का प्रयास कर रही है।
-रजनी सिंह, दरोगा, मिशन आईना
पॉक्सो एक्ट के अभियोगों में इटावा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। विवेचना व वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित करने के साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी की। विधि विज्ञान प्रयोगशाला से संबंधित मामलों की परीक्षण रिपोर्ट जल्द प्राप्त की गई।
इसके बाद तय समयावधि के भीतर विवेचक ने कोर्ट में अभियुक्त के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। पैरवी कर कोर्ट में पीड़ित, वादी और गवाहों के बयान कराए गए। इन सबका नतीजा रहा कि छेड़छाड़, पॉक्सो व दुष्कर्म के मामलों में आरोपियों को कोर्ट से सजा दिलाने में पुलिस कामयाब रही।
मिशन आईना के तहत दरोगा रजनी सिंह ने घर-घर जाकर पीड़िताओं से बात की। मिशन से जुड़े सभी प्रकरणों के दस्तावेजों को इंस्पेक्टर अनिल कुमार चौबे ने जुटाया।
-डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी, इटावा।