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Etawah News: बिजनौर से रेस्क्यू कर सफारी लाए गए तेंदुएं की मौत
Fri, 01 Sep 2023 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 01 Sep 2023 11:56 PM IST
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इटावा। पांच दिन पहले बिजनौर से रेस्क्यू कर लाए गए तेंदुए की भी शुक्रवार शाम मौत हो गई है। सफारी प्रशासन ने दौरे पड़ने से तेंदुए की मौत होने की पुष्टि की है।
बिजनौर के नगीना रेंज के गांव दयालपुरा से 26 अगस्त की रात में रेस्क्यू करके एक तेंदुए को सफारी पार्क में लाया गया था। तब सफारी प्रशासन ने तेंदुआ व्यस्क और पूरा स्वस्थ होने का दावा किया था। रेस्क्यू कर लाये गए तेंदुए की सघन निगरानी व देखभाल सफारी के डॉ. रॉबिन यादव कर रहे थे। 30 अगस्त को दोपहर 4.15 बजे से तेंदुए को दौरे (फिट्स) आने लगे।
न्यूरो की जटिलता होने की आशंका को देखते हुए उपचार के लिए जयपुर प्राणि उद्यान के पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर, कानपुर प्राणि उद्यान के पशु चिकित्सक मो. नासिर तथा इटावा सफारी पार्क के पशु चिकित्सक डॉ. रॉबिन सिंह यादव ने इसका इलाज किया, लेकिन उसे बचा नहीं सके। 31 अगस्त को रात 8:50 बजे पर उसने दम तोड़ दिया। सफारी निदेशक दीक्षा भंडारी ने बताया कि तेंदुआ जंगल से रेस्क्यू कर लाया गया था। इसलिए वन्यजीव चिकित्सों के सुझाव पर तेंदुए के शव को आईवीआरआई बरेली में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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13 दिन पहले भी एक तेंदुए की हो चुकी है मौत
पिछले महीने 12 अगस्त को बिजनौर से ही एक तेदुएं को रेस्क्यू करके सफारी लाया गया था। वह ग्रामीणों के हमले से घायल था। सफारी प्रशासन के अनुसार, उसकी उम्र कम थी और अंदरूनी चोटों के कारण ही उसकी 19 अगस्त को मौत हो गई थी।
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बिजनौर के नगीना रेंज के गांव दयालपुरा से 26 अगस्त की रात में रेस्क्यू करके एक तेंदुए को सफारी पार्क में लाया गया था। तब सफारी प्रशासन ने तेंदुआ व्यस्क और पूरा स्वस्थ होने का दावा किया था। रेस्क्यू कर लाये गए तेंदुए की सघन निगरानी व देखभाल सफारी के डॉ. रॉबिन यादव कर रहे थे। 30 अगस्त को दोपहर 4.15 बजे से तेंदुए को दौरे (फिट्स) आने लगे।
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न्यूरो की जटिलता होने की आशंका को देखते हुए उपचार के लिए जयपुर प्राणि उद्यान के पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर, कानपुर प्राणि उद्यान के पशु चिकित्सक मो. नासिर तथा इटावा सफारी पार्क के पशु चिकित्सक डॉ. रॉबिन सिंह यादव ने इसका इलाज किया, लेकिन उसे बचा नहीं सके। 31 अगस्त को रात 8:50 बजे पर उसने दम तोड़ दिया। सफारी निदेशक दीक्षा भंडारी ने बताया कि तेंदुआ जंगल से रेस्क्यू कर लाया गया था। इसलिए वन्यजीव चिकित्सों के सुझाव पर तेंदुए के शव को आईवीआरआई बरेली में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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13 दिन पहले भी एक तेंदुए की हो चुकी है मौत
पिछले महीने 12 अगस्त को बिजनौर से ही एक तेदुएं को रेस्क्यू करके सफारी लाया गया था। वह ग्रामीणों के हमले से घायल था। सफारी प्रशासन के अनुसार, उसकी उम्र कम थी और अंदरूनी चोटों के कारण ही उसकी 19 अगस्त को मौत हो गई थी।