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लेखपाल निर्भय, न 144 का डर, न निलंबन का भय
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इटावा। लेखपालों पर न ही जिले में धारा 144 लगने का डर दिख रहा है और न ही 16 साथियों के निलंबन का कोई भय है। आंदोलनकारी लेखपाल निर्भय कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी कार्यालय के बगल में बैठकर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं। शनिवार को भी उनका धरना जारी रहा।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले के लेखपालों ने नवंबर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया था। पहले अतिरिक्त गांवों का प्रभार छोड़ा, रक्तदान किया और बाइक रैली निकाली। इसके बावजूद सरकार ने आठ मांगें पूरी नहीं की तो लेखपालों ने 10 दिसंबर हड़ताल कर तहसील मुख्यालयों में फिर कलक्ट्रेट में धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया। 13 को प्रदेश सरकार ने हड़ताल अवैध घोषित कर एस्मा लागू करा दिया। इसके बावजूद लेखपाल पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। जिला प्रशासन ने 18 दिसंबर को हड़ताली लेखपालों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस जारी किया लेकिन उसका भी कोई असर नहीं हुआ।
19 नवंबर को लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष और तहसील संघ पदाधिकारियों समेत 16 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया। इसके बावजूद लेखपालों का धरना-प्रदर्शन कलक्ट्रेट में लगातार जारी है। अहम बात ये है कि जिले में धारा 144 लागू है जिसमें चार से अधिक लोग एक जगह जमा नहीं हो सकते लेकिन लेखपाल जिलाधिकारी कार्यालय के बगल में प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं। शनिवार को भी मनोज कुमार फौजी की अध्यक्षता में धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही। प्रदर्शन में अर्जुन सिंह, बलवीर सिंह यादव, नरेंद्र सिंह राजपूत, माजिद हुसैन, अजीत यादव, चांदनी जैन, दीपशिखा समेत बड़ी संख्या में लेखपाल शामिल रहे। संघ के जिलाध्यक्ष राजेश यादव ने बताया कि रविवार को अवकाश है और सोमवार से फिर कलक्ट्रेट में धरना दिया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले के लेखपालों ने नवंबर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया था। पहले अतिरिक्त गांवों का प्रभार छोड़ा, रक्तदान किया और बाइक रैली निकाली। इसके बावजूद सरकार ने आठ मांगें पूरी नहीं की तो लेखपालों ने 10 दिसंबर हड़ताल कर तहसील मुख्यालयों में फिर कलक्ट्रेट में धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया। 13 को प्रदेश सरकार ने हड़ताल अवैध घोषित कर एस्मा लागू करा दिया। इसके बावजूद लेखपाल पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। जिला प्रशासन ने 18 दिसंबर को हड़ताली लेखपालों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस जारी किया लेकिन उसका भी कोई असर नहीं हुआ।
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19 नवंबर को लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष और तहसील संघ पदाधिकारियों समेत 16 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया। इसके बावजूद लेखपालों का धरना-प्रदर्शन कलक्ट्रेट में लगातार जारी है। अहम बात ये है कि जिले में धारा 144 लागू है जिसमें चार से अधिक लोग एक जगह जमा नहीं हो सकते लेकिन लेखपाल जिलाधिकारी कार्यालय के बगल में प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं। शनिवार को भी मनोज कुमार फौजी की अध्यक्षता में धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही। प्रदर्शन में अर्जुन सिंह, बलवीर सिंह यादव, नरेंद्र सिंह राजपूत, माजिद हुसैन, अजीत यादव, चांदनी जैन, दीपशिखा समेत बड़ी संख्या में लेखपाल शामिल रहे। संघ के जिलाध्यक्ष राजेश यादव ने बताया कि रविवार को अवकाश है और सोमवार से फिर कलक्ट्रेट में धरना दिया जाएगा।
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