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Etawah News: बेटी को बस पर बैठाकर लौट रहे मजदूर की मौत, हाईवे किनारे गड्ढे में मिला शव
Fri, 23 Oct 2026 11:17 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 23 Oct 2026 11:17 PM IST
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फोटो 7:: मोहर सिंह। फाइल फोटो
इकदिल। आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर इकदिल ओवरब्रिज के पास शुक्रवार सुबह सर्विस रोड किनारे गड्ढे में मजदूर का शव पड़ा मिला। मृतक की पहचान मोहल्ला लुधियात निवासी मोहर सिंह (58) के रूप में हुई। वह बृहस्पतिवार रात चित्रकूट घूमने गई अपनी बेटी को बस पर बैठाने के बाद घर लौट रहे थे। आशंका है कि रास्ते में किसी वाहन की टक्कर लगने से उनकी मौत हुई। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के भांजे राकेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को मोहल्ले के कई लोग एक बस से चित्रकूट घूमने गए थे। उसी बस से मोहर सिंह की बड़ी बेटी भी गई थी। मोहर सिंह अपनी बेटी को हाईवे पर बस में बैठाकर रात में घर लौट रहे थे। देर रात तक उनके घर न पहुंचने पर परिजन को चिंता हुई। उन्होंने फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद उनकी छोटी बेटी अनामिका अपनी मां रेशमा देवी के साथ पिता की तलाश में निकली।
काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह परिजन इटावा से बकेवर जाने वाली सर्विस रोड के किनारे तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मोहर सिंह गड्ढे में मृत अवस्था में पड़े मिले। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। मोहर सिंह मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे।
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उनके परिवार में पत्नी रेशमा देवी, पुत्र राहुल और तीन बेटियां मनीषा, साधना और अनामिका हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि प्रथम दृष्टया किसी वाहन की टक्कर से दुर्घटना होने की आशंका है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। परिजन की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर वाहन की टक्कर से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
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मृतक के भांजे राकेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को मोहल्ले के कई लोग एक बस से चित्रकूट घूमने गए थे। उसी बस से मोहर सिंह की बड़ी बेटी भी गई थी। मोहर सिंह अपनी बेटी को हाईवे पर बस में बैठाकर रात में घर लौट रहे थे। देर रात तक उनके घर न पहुंचने पर परिजन को चिंता हुई। उन्होंने फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद उनकी छोटी बेटी अनामिका अपनी मां रेशमा देवी के साथ पिता की तलाश में निकली।
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काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह परिजन इटावा से बकेवर जाने वाली सर्विस रोड के किनारे तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मोहर सिंह गड्ढे में मृत अवस्था में पड़े मिले। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। मोहर सिंह मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे।
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उनके परिवार में पत्नी रेशमा देवी, पुत्र राहुल और तीन बेटियां मनीषा, साधना और अनामिका हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि प्रथम दृष्टया किसी वाहन की टक्कर से दुर्घटना होने की आशंका है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। परिजन की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर वाहन की टक्कर से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

फोटो 7:: मोहर सिंह। फाइल फोटो