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छात्राएं सीखेंगी जूडो-कराटे, हर ब्लाक में सौ लड़कियों को दी जाएगी ट्रेनिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Fri, 10 Apr 2015 11:55 PM IST
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आत्मरक्षा के लिए छात्राओं को स्कूलों में अब जूडो-कराटे की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। छेड़छाड़ की बढ़ती वारदातों पर काबू पाने के लिए प्रदेश सरकार ने यह फैसला किया है। इस साल करीब 900 छात्राओं को यह ट्रेनिंग दिए जाने की योजना है।
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इसके लिए ड्रेस और किट भी सरकार मुहैया कराएगी। माना जाता है कि असुरक्षा की भावना के चलते ही बड़ी संख्या में छात्राएं कक्षा-8 के बाद पढ़ाई नहीं कर पातीं। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने कक्षा 6 से लेकर 8 तक की छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिले के सभी नौ विकास खंडों के 20-20 विद्यालयों को चुना गया है।
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इनमें 900 छात्राओं को जूडो-कराटे की ट्रेनिंग दी जाएगी। कराटे की ड्रेस और किट के लिए हर बालिका को 550 रुपये दिए जाएंगे। इन छात्राओं को ट्रेनिंग देने के लिए हर ब्लाक में एक-एक ब्लैक बेल्ट मास्टर ट्रेनर भी नियुक्त कर दिए गए हैं। ये नौ मास्टर ट्रेनर छात्राओं को हफ्ते में तीन दिन ट्रेनिंग देंगे।
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यह ट्रेनिंग तीन महीने यानी जुलाई तक चलेगी। हर रोज कम से कम एक घंटे छात्राओं को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। जूडो-कराटे सीखने के लिए छात्राओं में फिटनेस भी जरूरी है। इसके लिए ट्रेनर उन्हें टिप्स देंगे। जैसे, उन्हें सुबह उठने की आदत डालनी होगी। प्राणायाम, जॉगिंग, रस्सी कूदने आदि के लिए कहा जाएगा।
जूनियर विद्यालय की छात्राओं को सुबह 8 से दोपहर एक बजे के बीच ही ट्रेनिंग दी जाएगी। समय का निर्धारण स्कूलों के प्रिसिंपलों पर छोड़ दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष 900 बालिकाओं को ही ट्रेनिंग दी जाएगी। अगले साल चयनित विद्यालयों की संख्या में वृद्धि की जा सकती है। शहर में तो कई लड़कियां जूडो-कराटे की ट्रेनिग ले लेती हैं लेकिन गांव के विद्यालयों में यह शुरुआत होने से ट्रेनिंग को लेकर बालिकाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।