{"_id":"61abb5e5cb6d4f13b8170bd7","slug":"jila-asptaal-etawah-news-knp6677325149","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल की गुणवत्ता का मूल्यांकन कर टीम लौटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल की गुणवत्ता का मूल्यांकन कर टीम लौटी
विज्ञापन
जिला पुरुष अस्पताल में गुणवत्ता का मूल्यांकन करती एनक्वॉस की टीम
- फोटो : ETAWAH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। तीन दिन तक जिला पुरुष अस्पताल का मूल्यांकन करने वाली दिल्ली से आई एनक्वॉस (नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड सर्टिफिकेट) की तीन सदस्यीय टीम शनिवार को लौट गई।
नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस के जिला सलाहकार डॉ. रईसुद्दीन ने बताया अस्पताल की गुणवत्ता की जांच के लिए भारत सरकार की ओर से 3 सदस्यीय टीम आई थी। पहले दिन ओपीडी, रेडियोलॉजी, इमरजेंसी, ब्लड बैंक, अति कुपोषण वार्ड, फार्मेसी, हेल्प डेस्क का दूसरे दिन ऑपरेशन थिएटर, पैथालॉजी लैब, ब्लड बैंक, सेंट्रल स्टोर, सप्लाई विभाग आदि का निरीक्षण किया था। शनिवार को तीसरे व अंतिम दिन जरनल प्रशासनिक कार्यों का निरीक्षण किया। बताया कि अस्पताल को यदि 70 प्रतिशत से अधिक अंक मिलने पर एनक्वॉस सर्टिफिकेट मिलेगा।
बताया कि भारत सरकार ने अस्पतालों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक मानक तैयार किया है। उसके लिए चेक लिस्ट भी तैयार की है। चेक लिस्ट के अनुसार संबंधित विभागों की गुणवत्ता जांची जाती है। हालांकि हर वर्ष राज्य स्तरीय टीम भी अस्पताल का मूल्यांकन करने आती हैं। उनके बाद भारत सरकार की टीम गुणवत्ता का मूल्यांकन करती है। टीम में तमिलनाडु से डॉ. सुगुना, बेंगलुरु से डॉ. के अनिल कुमार तथा इंदौर के डॉ. अभिषेक जीनवाल शामिल रहे।
विज्ञापन
इस दौरान सीएमएस डॉ. एमएम आर्या, हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. निखिलेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस के जिला सलाहकार डॉ. रईसुद्दीन ने बताया अस्पताल की गुणवत्ता की जांच के लिए भारत सरकार की ओर से 3 सदस्यीय टीम आई थी। पहले दिन ओपीडी, रेडियोलॉजी, इमरजेंसी, ब्लड बैंक, अति कुपोषण वार्ड, फार्मेसी, हेल्प डेस्क का दूसरे दिन ऑपरेशन थिएटर, पैथालॉजी लैब, ब्लड बैंक, सेंट्रल स्टोर, सप्लाई विभाग आदि का निरीक्षण किया था। शनिवार को तीसरे व अंतिम दिन जरनल प्रशासनिक कार्यों का निरीक्षण किया। बताया कि अस्पताल को यदि 70 प्रतिशत से अधिक अंक मिलने पर एनक्वॉस सर्टिफिकेट मिलेगा।
विज्ञापन
बताया कि भारत सरकार ने अस्पतालों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक मानक तैयार किया है। उसके लिए चेक लिस्ट भी तैयार की है। चेक लिस्ट के अनुसार संबंधित विभागों की गुणवत्ता जांची जाती है। हालांकि हर वर्ष राज्य स्तरीय टीम भी अस्पताल का मूल्यांकन करने आती हैं। उनके बाद भारत सरकार की टीम गुणवत्ता का मूल्यांकन करती है। टीम में तमिलनाडु से डॉ. सुगुना, बेंगलुरु से डॉ. के अनिल कुमार तथा इंदौर के डॉ. अभिषेक जीनवाल शामिल रहे।
विज्ञापन
इस दौरान सीएमएस डॉ. एमएम आर्या, हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. निखिलेश आदि मौजूद रहे।