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इंटर्न छात्र छात्राएं काम बंद करके प्रशासनिक भवन में बैठे धरने पर
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सैफई विवि में धरने पर बैठे इंटर्न के छात्र-छात्राएं। संवाद
- फोटो : ETAWAH
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सैफई (इटावा)। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के इंटर्न छात्र-छात्राएं बुधवार को काम बंद कर प्रशासनिक भवन में धरने पर बैठे गए। प्रदर्शनकारी छेड़छाड़ का आरोप लगाकर जूनियर डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। महिला इंटर्न को सुरक्षा मिलने पर ही काम पर लौटने की बात कही है।
विश्वविद्यालय के मेडिसिन विभाग में कार्यरत नॉन पीजी डॉ. विजय भदौरिया मैनपुरी जिले के किशनी के निवासी हैं। उनके भाई डॉ अजय भदौरिया ने सोमवार को सैफई थाने में 2016 बैच के इंटर्नशिप (इंटर्न) कर रहे डॉ. कुलदीप वर्मा एवं तीन अज्ञात के खिलाफ डॉ. विजय को हॉस्टल की छत से फेंकने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसी के विरोध में इंटर्न छात्र- छात्राओं ने बुधवार को काम बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी पोस्टर भी लिए थे। उन पर डरना दबना बहुत हुआ अब नारी न बेहाल हो, कर्मभूमि पर शोषण हो तो काम नहीं हड़ताल हो, हम सब ने यही ठाना है नारी शोषण के खिलाफ आवाज उठाना, जब छेड़ोगे महिला डॉक्टर सरेआम, वहां महिला डॉक्टर कैसे करें करेगी काम नारे लिखे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन और तहसील के अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया।
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प्रदर्शनकारियों ने एमबीबीएस छात्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने, एफआईआर वापस लेने, संस्थान में महिला सहायता केंद्र की स्थापना और सीसीटीवी कैमरा लगवाने की मांग समेत कई मांगें की हैं।
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विश्वविद्यालय के मेडिसिन विभाग में कार्यरत नॉन पीजी डॉ. विजय भदौरिया मैनपुरी जिले के किशनी के निवासी हैं। उनके भाई डॉ अजय भदौरिया ने सोमवार को सैफई थाने में 2016 बैच के इंटर्नशिप (इंटर्न) कर रहे डॉ. कुलदीप वर्मा एवं तीन अज्ञात के खिलाफ डॉ. विजय को हॉस्टल की छत से फेंकने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसी के विरोध में इंटर्न छात्र- छात्राओं ने बुधवार को काम बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी पोस्टर भी लिए थे। उन पर डरना दबना बहुत हुआ अब नारी न बेहाल हो, कर्मभूमि पर शोषण हो तो काम नहीं हड़ताल हो, हम सब ने यही ठाना है नारी शोषण के खिलाफ आवाज उठाना, जब छेड़ोगे महिला डॉक्टर सरेआम, वहां महिला डॉक्टर कैसे करें करेगी काम नारे लिखे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन और तहसील के अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया।
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प्रदर्शनकारियों ने एमबीबीएस छात्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने, एफआईआर वापस लेने, संस्थान में महिला सहायता केंद्र की स्थापना और सीसीटीवी कैमरा लगवाने की मांग समेत कई मांगें की हैं।