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नवरात्र से पहले आई महंगाई

Tue, 05 Oct 2021 11:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 11:06 PM IST
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Inflation came before Navratri
इटावा। शारदीय नवरात्र बृहस्पतिवार से शुरू होने से पहले ही खाद्य पदार्थों, सब्जियों के दामों और व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में महंगाई का तड़का लग गया है। एक महीने के अंदर खाद्य सामग्री के साथ सब्जियों के दाम भी काफी बढ़ गए हैं।
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वहीं, नवरात्र के व्रत में प्रयोग होने वाली खाद्य सामग्री की कीमतों में उछाल आ गया है। सात अक्तूबर से नवरात्र की शुरुआत होगी। इस दिन से नवरात्र खत्म होने तक माता के भक्त उपवास रखेंगे।
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व्रत रखने वाले लोग केवल फलाहार को महत्व देते हैं और अब फलों के दामों में इजाफा हो गया है। बढ़ती महंगाई की वजह से रसोई का बजट गड़बड़ाने से गृहिणियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
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चीनी हो या तेल, दालें अथवा नवरात्र के व्रत में इस्तेमाल की जाने वाली मेवा जैसी सामग्री के दामों में बढ़ोतरी हुई है। पिछले चार महीनों में खाद्य सामग्री और मेवा समेत सभी चीजों के दाम 10 से 20 फीसद तक बढ़ गए हैं। सबसे ज्यादा उछाल खाद्य तेलों के दाम में आया।
जून में सरसों का तेल 160 रुपये किलो था, जो अब 190 और 200 रुपये प्रति किलो पहुंच चुका है। अरहर की दाल की कीमत स्थिर बनी हुई है। जून में यह दाल 110 रुपये प्रति किलो थी, जो अभी भी इसी कीमत पर बिक रही है।

चीनी पर जरूर महंगाई का असर पड़ा है। 36 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी इस वक्त 42 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
बाहर से आने वाले मसालों और मेवा पर टैक्स एवं ट्रैफिक चार्ज अधिक होने की वजह से महंगाई बढ़ गई है। इस वजह से ग्राहक भी जरूरतभर के सामान खरीद रहा है।
-सुबोध जैन, किराना व्यापारी, लखना।
आयात-निर्यात के साथ अन्य प्रकार के लगने वाले टैक्स खाद्य पदार्थों पर महंगाई बढ़ा रहे हैं। इस पर सरकार को विचार विमर्श कर उचित कदम उठाने चाहिए।
-राजाबाबू, किराना व्यापारी, लखना।
चीनी, मसाला, मेवा आदि के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस वजह से रसोई का बजट गड़बड़ा रहा है। सरकार को महंगाई पर अंकुश लगाना चाहिए।
-ललिता देवी, पुरावली दरवाजा, लखना।
सरसों के तेल के भाव आसमान छूते जा रहे हैं। चार माह में तीस से चालीस रुपये तक तेल पर महंगा हुआ। इससे रसोई का बजट भी गड़बड़ा गया है।
-आरती पोरवाल, लखना, पुराना पुल पार।
महंगाई न कम हुई है और न होगी, लेकिन त्योहार पास आने से पहले ही आम जरूरी सामान जिस तरह महंगे हो रहे, वह चिंतित और परेशान करने वाले होते हैं।
-मीना चतुर्वेदी, छिपैटी बाजार, कोतवाली सिटी।
नवरात्र आने से पहले जैसी खरीदारी पहले हुआ करती थी, अभी दिखाई नहीं दे रही। नवरात्र में एक दिन रह गया, लेकिन बाजार में सन्नाटा है। लोगों के मन में कहीं न कहीं महंगाई का असर तो है।
-विशाल जैन, किराना कारोबारी, बल्देव चौराहा गाड़ीपुरा, इटावा।
मेवा की कीमतें पहले और अब
बादाम 800 - 1000
अखरोट 700 - 800
छुहारा 250- 350
किशमिश 300- 400
चिरौंजी 1200- 1500
पिस्ता 1000- 1200
मुनक्का 700- 800
खाद्य तेल की कीमतें
सरसों का तेल 170- 200
डालडा 130- 150
रिफाइंड 140- 160
चीनी 3600- 4200
दालों के भाव
मूंग 80- 90
मटर 80- 120
मसूर 70- 100
राजमा 100- 140
उरद 90- 100
अरहर 110- 110
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