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Etawah News: दहेज हत्या में पति व सास को सात साल की सजा
Fri, 26 May 2023 11:40 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 26 May 2023 11:40 PM IST
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कोर्ट ने चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सात साल पुराने दहेज हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए पति व सास को दोषी पाया। दोनों को सात साल की सजा व चार हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
भरथना थाना क्षेत्र के गांव नगला जय लाल गौरवयादव उर्फ बाबी की पत्नी रेनू की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मृतका रेनू के चाचा जयवीर सिंह ने दहेज के रूप में ढाई लाख रुपये न देने पर ससुरालीजनों पर फांसी लगाकर हत्या कर दिए जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विवेचना के बाद पुलिस ने पति गौरव यादव उर्फ बॉबी व सास ऊषा देवी के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए। सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्टट्रेक कोर्ट प्रथम दिलीप कुमार सचान ने की। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने गौरव यादव व ऊषा देवी को दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उन्हें सात सात साल की सजा व चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें दो माह का अतिरिक्त कारावास काटना पड़ेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सात साल पुराने दहेज हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए पति व सास को दोषी पाया। दोनों को सात साल की सजा व चार हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
भरथना थाना क्षेत्र के गांव नगला जय लाल गौरवयादव उर्फ बाबी की पत्नी रेनू की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मृतका रेनू के चाचा जयवीर सिंह ने दहेज के रूप में ढाई लाख रुपये न देने पर ससुरालीजनों पर फांसी लगाकर हत्या कर दिए जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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विवेचना के बाद पुलिस ने पति गौरव यादव उर्फ बॉबी व सास ऊषा देवी के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए। सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्टट्रेक कोर्ट प्रथम दिलीप कुमार सचान ने की। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने गौरव यादव व ऊषा देवी को दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उन्हें सात सात साल की सजा व चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें दो माह का अतिरिक्त कारावास काटना पड़ेगा।
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