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ब्रांडेड कपड़ा इटावाः बाजार में नहीं, कैसे बंटेगी निशुल्क यूनीफार्म

Sat, 05 Sep 2020 10:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2020 10:51 PM IST
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How to distribute free uniforms not in branded textile market in etawah
इटावा। परिषदीय विद्यालयों में निशुल्क यूनिफार्म वितरण में अब एक नया पेंच फंस गया है। ब्रांडेड तीन कंपनियों के कपड़ों की अनिवार्यता के नियम ने प्रधानाध्यापकों को मुसीबत में डाल दिया है। इन कंपनियों के कपडे़ पहले तो बाजार में मिल नहीं रहे हैं, अब यदि मिल भी रहे हैं तो महंगे हैं।
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विद्यालयों को एक बच्चे की ड्रेस के लिए शासन से 300 रुपये की धनराशि मिलने का प्रावधान है। यदि इन कंपनियों का कपड़ा खरीदने जाएं तो इतने रुपये में सिर्फ एक मीटर कपड़ा आ रहा है। अब एक मीटर से न तो पेंट बन सकता है और न शर्ट। फिर सिलाई का पैसा कौन देगा। अव्यवहारिक नियमों ने इस बार यूनिफार्म वितरण पर ग्रहण लगा दिया है। 15 सितंबर तक निशुल्क यूनिफार्म बांटने के आदेश है। ऐसे में शिक्षक यह तय नहीं कर पा रहे हैं वे करें तो क्या करें।
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निशुल्क यूनिफार्म वितरण की व्यवस्था इस बार आरंभिक दौर से ही गड़बड़ाई हुई है। वितरण होने वाली यूनीफार्म गुणवत्तापूर्ण नहीं मिलने पर डीएम ने भुगतान पर रोक लगा दी। पूरे जिले में यूनिफार्म वितरण में पहले गुणवत्ता की जांच उसके बाद भुगतान की प्रक्रिया लागू कर दी गई। ऐसे में शिक्षकों ने यूनिफार्म वितरण ही बंद कर दिया। करीब 15 दिन इसी गफलत में गुजर गए।
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इसके बाद जब यह मामला मीडिया में आया तो आनन फानन में भुगतान पर लगी रोक हटा दी गई। साथ ही तीन बड़ी नामचीन कपड़ा निर्माता कंपनियों के ही कपडे़ से यूनिफार्म तैयार कराने का आदेश जारी कर दिया है। मानक यह है कि यूनिफार्म में 67 प्रतिशत पॉलियस्टर एवं 33 प्रतिशत काटन होना चाहिए। ब्रांडेड कंपनियों के कपड़ों के लिए जब शिक्षक बाजार में पहुंचा तो वहां इतना सस्ता कपड़ा नहीं मिला जो 300 रुपये में यूनिफार्म तैयार हो सके। कपड़ा महंगा होने के कारण उसको खरीदकर यूनिफार्म तैयार कराना संभव नहीं है।
राजकीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष जितेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि शिक्षक गुणवत्तापूर्ण कपड़ा ही खरीदें। अगर इसके बाद कोई परेशानी आती है तो संगठन शिक्षक की पूरी मदद करेगा। यूनिफार्म वितरण का केवल एक सप्ताह का समय शेष बचा है। अभी तक तमाम शिक्षक बाजार में ब्रांडेड कंपनियों के कपडे़ ढूंढते फिर रहे हैं।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने कहा कि ब्रांडेड कंपनियों के कपडे़ की यूनिफार्म का वितरण ही करना है। इस संबंध में जो आदेश जारी हुए है। उसका पालन करना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। समय से यूनिफार्म वितरण न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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