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गेहूं छोड़ सरसों और आलू पर भारी बारिश, कोहरा

Thu, 06 Jan 2022 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jan 2022 11:42 PM IST
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Heavy rain, fog on mustard and potato except wheat
इटावा। बृहस्पतिवार की सुबह की शुरुआत कोहरा, हल्की हवाओं और बारिश के साथ शुरू होने से सर्दी बढ़ने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बुधवार की देर शाम से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को पूरे दिन रुक-रुक कर जारी रही।
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मौसम बदलने से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री पर बरकरार रहा। पूरे दिन कोहरा होने और हल्की बारिश से दोपहिया वाहन सवारों को हेड लाइट जलाकर चलना पड़ा।
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छुट्टा मवेशी भी बारिश और सर्दी से बचने के लिए बाजार में दुकानों के टिनशेड और दूसरी जगहों पर शरण ली। गोशालाओं में गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए कोई इंतजाम देखने को नहीं मिल रहे हैं।
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बारिश संग सर्दी बढ़ने से लोग आग जलाकर बैठे। मौसम का असर जिला अस्पताल की ओपीडी में भी देखने को मिला। बृहस्पतिवार को करीब चार सौ मरीज कम आए। बृहस्पतिवार को 575 मरीज आए थे।
दोपहर 12 बजे के बाद जिला अस्पताल में सन्नाटा छा गया। अस्पताल के फिजीशियन डॉ. शांतनु निगम ने बताया कि 87 मरीज देखे, इनमें खांसी, बुखार और जुकाम के अलावा त्वचा रोग के थे।
बताया कि बदले मौसम से खांसी, जुकाम, बुखार के अलावा त्वचा रोग के मरीज बढ़ रहे हैं। बताया कि बिना मास्क लगाए आने वाले मरीजों को नहीं देखा जा रहा है।
उधर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक इंजीनियर भूपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है, जबकि आलू में झुलसा रोग लगना शुरू हो गए हैं। इस समय हो रही बारिश से झुलसा रोग और जोर पकड़ लेगा।
सरसों में दाना पड़ चुका है, उसे धूप मिलना बहुत जरूरी है। इसके अलावा चना और मटर की फसल को भी नुकसान होने की आशंका है। बारिश से हरी सब्जियों की फसल को भी नुकसान होने की आशंका सता रही है।
ठंड से गोशाला में ठिठुर रहे गोवंश
जिले में बुधवार की शाम से शुरू हुई बारिश का दौर बृहस्पतिवार को पूरे दिन जारी रहने से किसानों को दोहरी चिंता सता रही है। एक ओर खेतों में खड़ी फसलों को बचाने की चिंता सता रही, दूसरी ओर पुरवा हवाएं चलने से दुधारू पशुओं को सर्दी से बचाने के उपाय करने पड़ रहे हैं।
खुद को बचाने के लिए अलाव जलाकर बैठना पड़ रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना उन किसानों को करना पड़ रहा है जो रात और दिन खेतों में फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है।
पुरवा हवाएं दुधारू पशुओं के लिए खतरा
चकरनगर। रिमझिम बारिश व ठंडी हवाएं जानलेवा बन गई हैं। पुरवा हवाओं के चलने से पालतू दुधारू पशुओं के बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। पशुओं को सर्दी से बचाने को पशुपालक दुधारू पशुओं को तबेलों व घर के अंदर सुरक्षित जगहों पर बांध कर रख रहे हैं।
सर्दी से बचने को लोग घरों के अंदर आग जलाकर या रजाई में दुबक कर रह रहे हैं। गोशालाओं में गोवंश सर्दी की बचाने के लिए महज टिन शेडों में पॉलिथीन लगाकर इतिश्री कर ली है।
गोवंश गोशालाओं में सर्दी से यातना झेल रहे हैं। गोशालाओं में गोवंशों को सर्दी से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। सहसों गोशाला संचालक राजू बाल्मीकि के अनुसार, गोवंशों को जो करब खिलाया जाता है, उसमें हरा चारा, दाना आता ही नहीं है।
खंड विकास कार्यालय के मुताबिक, 450 आवारा गोवंश नौगांव, हरौली, वरचोली, अनदेखा, बिठौली में संरक्षित हैं। किसान रविंद्र सिंह, पूरन सिंह व जयकरण सिंह के अनुसार, बेमौसम बारिश से सरसों की फसल 20 से 30 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका सता रही है।
आलू, सरसों, चना उत्पादकों की धड़कन बढ़ी
लवेदी। बारिश से आलू, सरसों, चना किसानों की धड़कनें तेज हो गई हैं। पूरे दिन धूप न निकलने से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। बारिश से आलू में झुलसा व सरसों में माहू रोग लगने की आशंका बढ़ गई है।
मौसम की मार से आलू उत्पादक किसान परेशान हैं। अक्तूबर में हुई बारिश से किसानों की आलू व सरसों की फसल नष्ट हो चुकी है। इसके बाद किसानों ने दोबारा आलू व सरसों की फसल बुवाई की है।
इस समय खेतों में आलू, सरसों, चना, गेहूं, बेझर, चना की फसलें तैयार हो रही हैं। आलू किसान चंद्रशेखर कुशवाहा के अनुसार, यदि इसी तरह चार-पांच दिन तक बारिश हुई तो आलू में झुलसा व सरसों में माहू रोग लगने की आशंका बढ़ जाएगी।
जनता कालेज बकेवर के डॉ. एके पांडेय के अनुसार, इसी तरह दो-चार दिन बारिश और होने पर सरसों, आलू, मटर, चना की फसलों को नुकसान होने से कोई नहीं बचा सकता है।
बारिश से सरसों के फूल झड़े
बकेवर/इकदिल। बारिश से सरसों का फूल झड़ गया और आलू की फसल में नुकसान की आशंका है। किसान ध्रुव तिवारी, मनोज ऋषीश्वर, दया शंकर अवस्थी का कहना है कि सरसों की फसल को बारिश से काफी नुकसान होगा।
जिन्होंने हाल में आलू की फसल में पानी लगाया, उनमें अगर नमी ज्यादा दिनों तक रहने पर आलू की बेल को नुकसान हो सकता है। इकदिल क्षेत्र में भी बारिश से किसान आलू, लहसुन, सरसों व हरी सब्जियां के खराब होने की आशंका को लेकर चिंतित हैं।

ठंड से बचने को आग का सहारा
भरथना। बारिश व शीतलहर से ठंड बढ़ गई है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव तापते रहे। नगर पालिका प्रशासन ने बालूगंज मार्ग, मोतीगंज, जवाहर रोड, आजाद रोड आदि सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाए।
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