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इटावा के इतिहास और भूगोल से परिचित कराएगी हरीश की पुस्तक
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इटावा। आईपीएस अधिकारी हरीश कुमार की पुस्तक इटावा कल, आज और कल जिले के इतिहास और भूगोल से वर्तमान और भावी पीढ़ी को अवगत कराएगी। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित पुस्तक का नुमाइश पंडाल पर विमोचन करेंगे।
एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से चर्चा में हरीश कुमार ने बताया कि वह मूल रूप से औरैया जिले के रहने वाले हैं। अटसू को आठवीं और जनता डिग्री कॉलेज अजीतमल से ग्रेजुएट करने वाले हरीश ने कहा कि मेरी जिज्ञासा थी कि अपनी जन्मभूमि को लेकर कुछ किया जाए। इसी ध्येय को लेकर पुस्तक लिखी है। 17 अध्याय की इस पुस्तक में इटावा जिले के इतिहास, भूगोल, चर्चित राजनीतिक हस्तियां, तीज त्योहार, रसोई और यमुना चंबल के बीहड़ व बागियों का वर्णन है। किताब में ये प्रयास किया गया है कि जिले की भावी पीढ़ी जिले के विकास में भूमिका निभाने वाले लोगों को जाने।
एक सवाल के जवाब में हरीश ने कहा कि हमारे दृष्टि कोण में इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों में जाने वाली युवा पीढ़ी इटावा से अलग हो रही है। मेरा मकसद यहां की भावी पीढ़ी को जनपद से जोड़े रखना है। राजनीतिक क्षेत्र में इटावा में बड़ी धरोहरें हैं। जनपद ने दो मुख्यमंत्री, दो विधानसभा अध्यक्ष दिए हैं। 1857 की क्रांति में भी योगदान रहा है। इन्हीं सब से युवाओं को परिचित कराना है। विमोचन कार्यक्रम में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डा. रामशंकर कठेरिया, राज्यमंत्री तकनीकी शिक्षा अजीत पाल, सरिता भदौरिया, सावित्री कठेरिया, विनय शाक्य, रमेश दिवाकर, विश्वपति त्रिवेदी, रामेश्वर दयाल पूर्व आईपीएस भी मौजूद रहेंगे।
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एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से चर्चा में हरीश कुमार ने बताया कि वह मूल रूप से औरैया जिले के रहने वाले हैं। अटसू को आठवीं और जनता डिग्री कॉलेज अजीतमल से ग्रेजुएट करने वाले हरीश ने कहा कि मेरी जिज्ञासा थी कि अपनी जन्मभूमि को लेकर कुछ किया जाए। इसी ध्येय को लेकर पुस्तक लिखी है। 17 अध्याय की इस पुस्तक में इटावा जिले के इतिहास, भूगोल, चर्चित राजनीतिक हस्तियां, तीज त्योहार, रसोई और यमुना चंबल के बीहड़ व बागियों का वर्णन है। किताब में ये प्रयास किया गया है कि जिले की भावी पीढ़ी जिले के विकास में भूमिका निभाने वाले लोगों को जाने।
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एक सवाल के जवाब में हरीश ने कहा कि हमारे दृष्टि कोण में इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों में जाने वाली युवा पीढ़ी इटावा से अलग हो रही है। मेरा मकसद यहां की भावी पीढ़ी को जनपद से जोड़े रखना है। राजनीतिक क्षेत्र में इटावा में बड़ी धरोहरें हैं। जनपद ने दो मुख्यमंत्री, दो विधानसभा अध्यक्ष दिए हैं। 1857 की क्रांति में भी योगदान रहा है। इन्हीं सब से युवाओं को परिचित कराना है। विमोचन कार्यक्रम में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डा. रामशंकर कठेरिया, राज्यमंत्री तकनीकी शिक्षा अजीत पाल, सरिता भदौरिया, सावित्री कठेरिया, विनय शाक्य, रमेश दिवाकर, विश्वपति त्रिवेदी, रामेश्वर दयाल पूर्व आईपीएस भी मौजूद रहेंगे।
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