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आरती कीजे हनुमान लला की.....
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:20 AM IST
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संकट मोचन मंदिर में हनुमान जी के बाल रूप की झांकी।
- फोटो : अमर उजाला
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हनुमान जयंती के पावन मौके पर शुक्रवार को शहर के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही पूजा अर्चना शुरू हो गई। इस मौके पर हनुमान जी का भव्य श्रृंगार किया गया और छप्पन भोग लगाया गया। यमुना तट स्थित प्राचीन पिलुआ महावीर मंदिर व जुगरामऊ के हनुमान मंदिर पर मेला लगा और सुबह से देर शाम तक श्रृद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंचते रहे। भक्तों ने हनुमान जी को चोला चढ़ाया और बूंदी के लड्डू का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया।
हनुमान जयंती पर भोर से ही शहर में पूजा पाठ का सिलसिला शुरू हो गया और देर शाम तक पवन पुत्र हनुमान की आराधना होती रही। पिलुआ ग्राम में यमुना तट स्थित प्राचीन पिलुआ महावीर मंदिर पर भव्य मेला लगा। यहां विराजमान हनुमान जी की लेटी हुई प्रतिमा को लड्डुओं का भोग लगाया। मंदिर के महंत हरभजन दास ने भोर में हनुमान जी का अभिषेक के साथ श्रृंगार करने के बाद आरती की।
वहीं जुगरामऊ स्थित हनुमान मंदिर पर भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लग गया।
मंदिर पर देर शाम तक भक्त हनुमान जी की आराधना में लीन रहे। इन दोनों ही प्राचीन मंदिरों पर लगे मेले में बच्चों ने जमकर खरीददारी भी की। चौगुर्जी स्थित प्राचीन शिव मंदिर में माता अंजनी क ी गोद में विराजमान हनुमान जी की आराधना हुई। भोर अभिषेक, श्रृंगार और पूजन के बाद पांच बजे मंदिर के पट श्रृंगार के दर्शन को भक्तों के लिए खोल दिए गए।
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दोपहर 12 बजते ही हनुमान जी के बाल रूप की आरती शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहीं कटरा सेवा कली स्थित हनुमान मंदिर पर भी सुबह से शाम तक पूजा पाठ का सिलसिला जारी रहा और प्रसाद का वितरण किया गया।
संकट मोचन मंदिर पर लगा छप्पन भोग- इटावा। हनुमान जयंती के पावन मौके पर प्रधान डाकघर के सामने स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर पर छप्पन भोग लगाया गया। इसके साथ ही मंदिर को रंग- बिरंगे गुब्बारों और विद्युत लाइटों से सजाया गया। मंदिर पर सुबह से सुंदर कांड का पाठ भी हुआ और दोपहर आरती से पूर्व पूर्ण हुआ।
दोपहर मंदिर पर हनुमानजी की भव्य आरती हुई, जिसमे महिलाओं बच्चों व पुरुषों ने बढ़- चढ़कर भाग लिया। यहां पर हनुमान जी के बाल रूप की झांकी भी सजाई गई, जिसमें छोटे- छोटे बच्चों को हनुमान जी का रूप धारण कराया गया था, यह सजीव झांकी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। मंदिर के संस्थापक डा. राम नारायण दीक्षित ने आरती की और शाम छप्पन भोग के प्रसाद का वितरण किया।
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हनुमान जयंती पर भोर से ही शहर में पूजा पाठ का सिलसिला शुरू हो गया और देर शाम तक पवन पुत्र हनुमान की आराधना होती रही। पिलुआ ग्राम में यमुना तट स्थित प्राचीन पिलुआ महावीर मंदिर पर भव्य मेला लगा। यहां विराजमान हनुमान जी की लेटी हुई प्रतिमा को लड्डुओं का भोग लगाया। मंदिर के महंत हरभजन दास ने भोर में हनुमान जी का अभिषेक के साथ श्रृंगार करने के बाद आरती की।
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वहीं जुगरामऊ स्थित हनुमान मंदिर पर भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लग गया।
मंदिर पर देर शाम तक भक्त हनुमान जी की आराधना में लीन रहे। इन दोनों ही प्राचीन मंदिरों पर लगे मेले में बच्चों ने जमकर खरीददारी भी की। चौगुर्जी स्थित प्राचीन शिव मंदिर में माता अंजनी क ी गोद में विराजमान हनुमान जी की आराधना हुई। भोर अभिषेक, श्रृंगार और पूजन के बाद पांच बजे मंदिर के पट श्रृंगार के दर्शन को भक्तों के लिए खोल दिए गए।
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दोपहर 12 बजते ही हनुमान जी के बाल रूप की आरती शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहीं कटरा सेवा कली स्थित हनुमान मंदिर पर भी सुबह से शाम तक पूजा पाठ का सिलसिला जारी रहा और प्रसाद का वितरण किया गया।
संकट मोचन मंदिर पर लगा छप्पन भोग- इटावा। हनुमान जयंती के पावन मौके पर प्रधान डाकघर के सामने स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर पर छप्पन भोग लगाया गया। इसके साथ ही मंदिर को रंग- बिरंगे गुब्बारों और विद्युत लाइटों से सजाया गया। मंदिर पर सुबह से सुंदर कांड का पाठ भी हुआ और दोपहर आरती से पूर्व पूर्ण हुआ।
दोपहर मंदिर पर हनुमानजी की भव्य आरती हुई, जिसमे महिलाओं बच्चों व पुरुषों ने बढ़- चढ़कर भाग लिया। यहां पर हनुमान जी के बाल रूप की झांकी भी सजाई गई, जिसमें छोटे- छोटे बच्चों को हनुमान जी का रूप धारण कराया गया था, यह सजीव झांकी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। मंदिर के संस्थापक डा. राम नारायण दीक्षित ने आरती की और शाम छप्पन भोग के प्रसाद का वितरण किया।