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शिक्षक बनने को करनी पड़ी मशक्कत
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Sat, 18 Apr 2015 12:20 AM IST
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शिक्षामित्र से शिक्षक बनने को दूरदराज से आईं
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महिलाआें को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। डायट परिसर में महिलाओं क ो
बैठने तक की जगह भी नसीब नहीं हुई।
पहले दिन केवल महिला शिक्षामित्रों को कांउसलिंग के लिए बुलाया गया था। बीएसए की देखरेख में 477 महिला शिक्षामित्राें ने काउंसलिंग में भाग लिया है।
शुक्र वार को सुबह से ही महिला शिक्षामित्रों का डायट पहुंचना शुरू हो गया था। निर्धारित समय से करीब एक घंटे देर से काउंसलिंग शुरू की गई। द्वितीय चरण में 477 शिक्षामित्रों को बुलाया गया था।
डायट परिसर के पांच कमरों में करीब पांच बजे तक काउंसलिंग चली है। संबंधित एबीएसए ने कांउसलिंग अलग-अलग पांच कमरों में की है। शिक्षामित्रों के कागजात जमा करा लिए हैं।
विकल्पपत्र नहीं भराए गए हैं। बीएसए ने बताया कि जल्द ही नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे। इसके बाद पुरुष शिक्षामित्रों की काउंसलिंग कराई जाएगी। डायट में महिला शिक्षामित्रों को भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा है।
पहले दिन केवल महिला शिक्षामित्रों को कांउसलिंग के लिए बुलाया गया था। बीएसए की देखरेख में 477 महिला शिक्षामित्राें ने काउंसलिंग में भाग लिया है।
शुक्र वार को सुबह से ही महिला शिक्षामित्रों का डायट पहुंचना शुरू हो गया था। निर्धारित समय से करीब एक घंटे देर से काउंसलिंग शुरू की गई। द्वितीय चरण में 477 शिक्षामित्रों को बुलाया गया था।
डायट परिसर के पांच कमरों में करीब पांच बजे तक काउंसलिंग चली है। संबंधित एबीएसए ने कांउसलिंग अलग-अलग पांच कमरों में की है। शिक्षामित्रों के कागजात जमा करा लिए हैं।
विकल्पपत्र नहीं भराए गए हैं। बीएसए ने बताया कि जल्द ही नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे। इसके बाद पुरुष शिक्षामित्रों की काउंसलिंग कराई जाएगी। डायट में महिला शिक्षामित्रों को भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा है।