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नया चंबल पुल शासन गया भूल
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sat, 08 Oct 2016 11:53 PM IST
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पुराना चंबल पुल।
- फोटो : अमर उजाला
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डेढ़ साल पहले चंबल नदी पर नया पुल बनाने का सेतु निगम का प्रस्ताव फाइलों में कैद होकर रह गया। शासन स्तर से इसकी कोई सुध नहीं ली गई। नए पुल की लागत करीब 62 करोड़ आंकी गई है। वहीं पुराना चंबल पुल ओवरलोड के चलते क्षतिग्रस्त है और इस पर आवागमन बंद है। ऐसे में नए चंबल पुल की दरकार बढ़ गई है।
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वर्तमान में इटावा शहर से यूपी और एमपी को चंबल नदी पर जोड़ने के लिए एक मात्र पुल है। ये 60 साल पुराना है। इस पर दिनरात ओवरलोड वाहनों की आवाजाही होती है। जिससे ये जर्जर होता जा रहा है। इस साल में ये पुल दो बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस समस्या के समाधान के लिए सपा सरकार ने एक नए पुल के निर्माण की पहल की थी। शासन ने सेतु निगम को नए पुल के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए थे। विभाग ने करीब 62 करोड़ का प्रस्ताव बनाया और फरवरी 2015 में शासन को भेज दिया। उम्मीद थी कि शासन से इसे मंजूरी मिल जाएगी और पुल निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। लेकिन ये प्रस्ताव धूल फांक रहा है। प्रस्ताव में क्या अवरोध है, सेतु निगम को भी इसका पता नहीं है।
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18 पिलर प्रस्तावित
सेतु निगम ने नए पुल के प्रस्ताव में 18 पिलर रखे हैं। वर्तमान में जो पुराना पुल चल रहा है, उसमें सिर्फ 9 पिलर हैं। यानि करीब आधा किमी लंबे पुल में पिलर की संख्या दोगुनी और स्पॉन (पिलर से पिलर के बीच की दूरी) को कम किया गया है। भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार प्रस्तावित पुल तीन लेन का होगा। इसकी चौड़ाई 10.5 मीटर रहेगी। मौजूदा पुल की चौड़ाई सिर्फ 7.5 मीटर ही है।
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पुराने पुल पर लोड होगा कम
प्रस्तावित पुल के बनने से चंबल नदी पर दो पुल हो जाएंगे। नया पुल मौजूदा पुल के पूरब की ओर बनाया जाना है। इटावा से भिंड जाने पर नए पुल और भिंड से इटावा आने पर पुराने पुल का प्रयोग होगा। जाहिर है कि इससे पुराने पुल पर लोड में कमी आएगी।
दो प्रांतों के बीच का है मसला
नए पुल के निर्माण में देरी के पीछे दो कारण बताए जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि चंबल नदी पर बनने वाला पुल यूपी और एमपी को जोड़ता है। इसलिए पुल के निर्माण में दोनों प्रांतों की अनुमति जरूरी है। ये पुल नेशनल हाईवे पर बनेगा। इसलिए केंद्र की मंजूरी के साथ धनराशि भी अपेक्षित है।
एप्रोच बनाएगा एनएच
पुल का निर्माण सेतु निगम करेगा। लेकिन पुल से जुड़ी एप्रोच रोड को नेशनल हाईवे अथारिटी बनवाएगी। राष्ट्रीय मार्ग खंड के एई एसपी सिंह के अनुसार एप्रोच समेत पुल की लागत करीब 100 करोड़ तक पहुंच सकती है।
वर्जन
शासन की डिमांड पर चंबल पुल का प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। अब शासन स्तर से ही निर्णय लिया जाना है। अब तक कोई दिशानिर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
देवेंद्र सिंह, डीपीएम, सेतु निगम इटावा