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परौली रमायन गोशाला में बनेगा गोबर बायोगैस संयंत्र
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परौली रमायन गोशाला में बन रहा बायो गैस प्लांट
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। बसरेहर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत परौली रमायन जिले की सबसे बड़ी गोशाला में अब गोबर गैस बनेगी। इससे गोशाला में जगमग होगी ही गांव के दो दर्जन से अधिक लोगों को भी खाना बनाने के लिए गैस कनेक्शन दिया जाएगा।
परौली रमायन गोशाला 118 बीघा में बनाई गई है। उसी के अंदर आनंद इंजीनियर कंपनी से लाखों रुपये की लागत से गोबर बायो गैस प्लांट बना रही है। यहां इतनी गैस पैदा होगी, जिससे गोशाला की बिजली की जरूरतें पूरी करने के साथ ही करीब दो दर्जन से अधिक परिवारों को भी कनेक्शन दिया जा सकेगा।
गोशाला में रह रहे गोवंश के गोबर से खाद भी बनेगी। इंजीनियर अमित कुमार ने बताया गोबर को अच्छी तरीके से कन्वर्ट करके खाद भी बनायी जाएगी।16 फुट का टैंक बनाया जा रहा है। इसमें गोशाला के अंदर रोशनी और पानी की पर्याप्त मात्रा से सप्लाई चलेगी। इससे बिजली की काफी बचत होगी। इसमें प्रतिदिन करीब 5 क्विंटल गोबर का प्रयोग किया जाएगा।
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परौली रमायन गोशाला 118 बीघा में बनाई गई है। उसी के अंदर आनंद इंजीनियर कंपनी से लाखों रुपये की लागत से गोबर बायो गैस प्लांट बना रही है। यहां इतनी गैस पैदा होगी, जिससे गोशाला की बिजली की जरूरतें पूरी करने के साथ ही करीब दो दर्जन से अधिक परिवारों को भी कनेक्शन दिया जा सकेगा।
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गोशाला में रह रहे गोवंश के गोबर से खाद भी बनेगी। इंजीनियर अमित कुमार ने बताया गोबर को अच्छी तरीके से कन्वर्ट करके खाद भी बनायी जाएगी।16 फुट का टैंक बनाया जा रहा है। इसमें गोशाला के अंदर रोशनी और पानी की पर्याप्त मात्रा से सप्लाई चलेगी। इससे बिजली की काफी बचत होगी। इसमें प्रतिदिन करीब 5 क्विंटल गोबर का प्रयोग किया जाएगा।
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