नम आंखों से शहीद नितिन को दी अंतिम विदाई
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बारामूला के बीएसएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में शहीद होने वाले सैनिक नितिन यादव मंगलवार को हजारों नम आंखों के बीच राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए। कैबिनेट मंत्री और सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, कांग्रेसी नेता पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित व पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल आदि शहीद के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की। कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने शहीद के परिवार को सरकार की ओर से 20 लाख रुपये की मदद किए जाने, गांव नगला बरी में शहीद स्मारक और गांव तक पक्की सड़क बनवाने की बात कही।
बारामूला में दो अक्तूबर की रात बीएसएफ कैंप पर हुई आतंकी हमले में नगला बरी निवासी अविवाहित नितिन यादव (24) शहीद हो गए थे। मंगलवार सुबह 7:40 बजे उनका शव बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट आरबी दत्ता की देखरेख में घर पर पहुंचा। शव देखते ही कोहराम मच गया। मां ऊषा यादव और बहन अंशू यादव का करुण क्रंदन सुन वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गई। पिता बलवीर सिंह यादव और भाई सचिन यादव फूट-फूटकर रो पड़े। लोगाें ने उन्हें किसी तरह संभाला। करीब एक घंटे बाद 8:55 बजे कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव भी शहीद के घर पहुंचे। उन्होंने नितिन के पिता बलवीर सिंह यादव एवं बडे़ भाई सचिन से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। शहीद नितिन के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया।
यहां उन्होंने शहीद के परिवार को राज्य सरकार की ओर से 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने की भी घोषणा की। कहा कि इस गांव में शहीद स्मारक बनवाया जाएगा और गांव से लेकर चौपुला पुलिया तक पक्की सड़क बनवाई जाएगी। सुबह करीब साढ़े 9 बजे शहीद नितिन की घर से अंतिम यात्रा शुरू हुई। करीब आधा किलोमीटर का रास्ता तय करने के बाद गांव के बाहर प्राथमिक विद्यालय ईश्वरपुर के सामने शहीद के परिवार की जमीन पर अंतिम संस्कार हुआ। यहां बीएसएफ जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी। बड़े भाई सचिन ने मुखागिभन दी। पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद नितिन यादव का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान डीएम शमीम अहमद, एसएसपी एन कोलांचि, माकपा नेता और शहीद के चाचा मुकुट सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, सदर विधायक रघुराज सिंह शाक्य, पूर्व एमएलसी रामनरेश यादव मिनी, पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, जिला महासचिव कृष्ण मुरारी गुप्ता, भाजपा नेता बृजवीर सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
शीला दीक्षित ने अंशू को गले लगाकर बंधाया ढाढ़स
शहर में चुनावी बस यात्रा लेकर आई कांग्रेसी नेता दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी दोपहर करीब पौने दो बजे नगला बरी पहुंची। उन्होंने शहीद नितिन के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। यहां शहीद नितिन की बहन अंशू को उन्होंने गले से लगाकर ढाढ़स बंधाया। वह यहां करीब 15-20 मिनट तक रुकी। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, जिलाध्यक्ष उदयभान सिंह यादव, कोमल सिंह कुशवाहा, सूरज सिंह यादव, मेहरबान सिंह आदि कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।
मां ऊषा यादव को मिलेगा वेतन
शहीद नितिन ने वर्ष 2013 में बीएसएफ की नौकरी ज्वाइन की थी। उनकी सर्विस को अभी तीन साल हुए थे। यहां आए बीएसएफ की 40वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट आरबी दत्ता ने बताया कि शहीद नितिन की सर्विस अवधि तक नामित नॉमिनी ऊषा यादव को वेतन मिलेगा। वह वेतन संबंधी औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए ऊषा देवी को बरालोकपुर स्थित स्टेट बैंक भी लेकर गए। उन्होंने बताया कि शहीद नितिन का पार्थिव शरीर जम्मू-कश्मीर से दिल्ली तक हवाईजहाज से लाया गया। सोमवार रात 10.25 पर दिल्ली से चले। सड़क मार्ग से मंगलवार तड़के 3.40 पर चौबिया थाने पहुंचे। उसके बाद सुबह 7.40 पर नगलाबरी स्थित शहीद के घर पर आए। शहीद के पार्थिव शरीर के साथ बीएसएफ के करीब 18-19 यहां पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि शहीद जवान नितिन ने बहादुरी का परिचय दिया। वह आखिरी दम तक आतंकियों से जूझता रहा। नितिन ने अपनी जान पर खेलकर आतंकियों को कैंप के अंदर नहीं घुसने दिया।
और अच्छे हथियार मिलें
शहीद नितिन के दोस्त पंकज यादव भी बीएसएफ गुजरात में तैनात हैं। उन्होंने सुना तो वह भी नगला बरी गांव पहुंचे। बताया कि नितिन बचपन से संघर्षशील रहा है। सचिन व नितिन दोनों भाई जहां भी भर्ती होती थी। वहां पहुंच जाते थे। नितिन का चयन हो गया। आज देश ने एक शानदार जवान खोया, परिवार ने बेटा और उन्होंने दोस्त खोया है। पंकज का कहना रहा कि जवानों को और बेहतर हथियार मिलने चाहिए।
40-45 लोगों की जान बचाई
ऊसराहार निवासी बीएसएफ के जवान रवि भी बारामूला कैंप में तैनात हैं। शहीद के अंतिम संस्कार में पहुंचे रवि ने बताया कि नितिन ने जांबाजी दिखाते हुए 40-45 लोगों की जान बचाई। जिस समय हमला हुआ। उस समय नितिन ही ड्यूटी पर थे। शहीद नितिन पर देश को हमेशा नाज रहेगा।