{"_id":"608edcf88ebc3ed1e6362651","slug":"get-the-bride-first-or-let-the-votes-count-etawha-news-knp626424189","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथों में मेंहदी लगाकर दूल्हा पहुंचा मतगणना केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथों में मेंहदी लगाकर दूल्हा पहुंचा मतगणना केंद्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भरथना ब्लॉक की बालमपुर ग्राम पंचायत के प्रधान पद के प्रत्याशी की शाम को बरात जानी थी और रात में उनके गांव की मतगणना होनी थी। एजेंट भी वही बने थे।
मेहंदी लगाए व शादी का कार्ड लेकर मतगणना केंद्र पहुंचे और पहले अपने गांव की मतगणना कराने की गुहार लगाई। मतगणना तो पहले नहीं हो सकी लेकिन एसडीएम ने दूल्हे की जगह उनके साथी को मतगणना एजेंट बनाने की इजाजत दे दी।
ग्राम पंचायत बालमपुर से हरिश्चंद्र सिंह पुत्र रुकुम सिंह प्रधान पद के प्रत्याशी हैं। दो मई को मतगणना वाले दिन ही उनकी बरात जानी थी। शाम छह बजे सराय जलाल के पास मनियापुर गांव उनकी बारात जानी थी।
हरिशचंद्र को उम्मीद थी कि उनके गांव की मतगणना शाम तक खत्म हो जाएगी, इसलिए वह मतगणना एजेंट बन गए थे। जानकारी करने पर हरिश्चंद्र को पता चला कि उनके गांव की मतगणना देर रात में होगी।
विज्ञापन
हरिश्चंद्र हाथ में मेहंदी लगाए और शादी का कार्ड लेकर मतगणना स्थल पहुंच गए। एसडीएम को प्रार्थनापत्र देकर पहले मतगणना कराने की गुहार लगाई।
एसडीएम ने मतगणना का क्रम तो नहीं बदला लेकिन एसडीएम ने प्रधान पद के दूल्हा उम्मीदवार के स्थान पर उसके की हरिश्चंद्र के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को मतगणना एजेंट बनाने की स्वीकृति दे दी। हरिश्चंद्र ने समर्थक को मतगणना एजेंट नामित कर घर चले गए। शाम को बरात लेकर दुल्हन लेने निकल गए।
विज्ञापन
मेहंदी लगाए व शादी का कार्ड लेकर मतगणना केंद्र पहुंचे और पहले अपने गांव की मतगणना कराने की गुहार लगाई। मतगणना तो पहले नहीं हो सकी लेकिन एसडीएम ने दूल्हे की जगह उनके साथी को मतगणना एजेंट बनाने की इजाजत दे दी।
ग्राम पंचायत बालमपुर से हरिश्चंद्र सिंह पुत्र रुकुम सिंह प्रधान पद के प्रत्याशी हैं। दो मई को मतगणना वाले दिन ही उनकी बरात जानी थी। शाम छह बजे सराय जलाल के पास मनियापुर गांव उनकी बारात जानी थी।
विज्ञापन
हरिशचंद्र को उम्मीद थी कि उनके गांव की मतगणना शाम तक खत्म हो जाएगी, इसलिए वह मतगणना एजेंट बन गए थे। जानकारी करने पर हरिश्चंद्र को पता चला कि उनके गांव की मतगणना देर रात में होगी।
विज्ञापन
हरिश्चंद्र हाथ में मेहंदी लगाए और शादी का कार्ड लेकर मतगणना स्थल पहुंच गए। एसडीएम को प्रार्थनापत्र देकर पहले मतगणना कराने की गुहार लगाई।
एसडीएम ने मतगणना का क्रम तो नहीं बदला लेकिन एसडीएम ने प्रधान पद के दूल्हा उम्मीदवार के स्थान पर उसके की हरिश्चंद्र के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को मतगणना एजेंट बनाने की स्वीकृति दे दी। हरिश्चंद्र ने समर्थक को मतगणना एजेंट नामित कर घर चले गए। शाम को बरात लेकर दुल्हन लेने निकल गए।