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पहले कोरोना जांच कराओ फिर आना घर
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कोरोना महामारी को लेकर गांवों के लोग भी जागरूक होने लगे हैं। परदेस से लौटने वाले अपनों को भी अब बिना जांच गांव और घरों में नहीं घुसने दे रहे हैं।
सोमवार को अलग-अलग गांवों को लौटे चार लोगों को ग्रामीणों व परिवार के लोगों ने घर में नहीं घुसने दिया। चारों ने गांवों में बने क्वारंटीन सेंटरों में रात गुजारी और सुबह जिला अस्पताल की कोरोना ओपीडी में जांच कराई।
इकदिल निवासी ध्रुव गुजरात के अहमदाबाद से लौटे हैं। उन्होंने बताया कि वहां सात साल से एक कपड़े के कारखाने में काम करते थे।
महीने में 15 हजार की आमदनी हो जाती थी। सोमवार को पैदल और मालवाहक वाहनों से घर पहुंचे। परिवार के लोगों ने घर में ही नहीं घुसने दिया।
रात क्वारंटीन सेंटर में रहे। रास्ते में कई जगह जांच हुई। जिला अस्पताल में थर्मल स्क्रीनिंग में तापमान सामान्य निकाला है। अब घर में क्वारंटीन रहेंगे।
इकदिल के छोटू छह महीने पहले ही अहमदाबाद गए थे। मंगलवार को लौटे तो घर वालों ने घुसने नहीं दिया। कहा जांच कराने के बाद ही आना।
जगसौरा गांव के कुल्ले रावत मुंबई से पैदल, ट्रक और लोडर पर लौटे हैं। 10 साल से कपड़ा फैक्टरी में काम कर रहे थे।
लॉकडाउन में किसी तरह वहां से निकलकर आए हैं। घर पहुंचे तो परिवार के लोगों ने कहा कि क्वारंटीन सेंटर पर रुको, जांच कराने के बाद ही घर आना। मध्य प्रदेश के रीवा में क्लीनिक चलाने वाले बीएएमएस रविंद्र वहां सात साल से रह रहे हैं। उनका घर शहर की नई बस्ती में है।
रवींद्र ने बताया कि पैदल और माल ले जाने वाले वाहनों से इटावा पहुंचे। रास्ते में कई जगह स्वास्थ्य की जांच हुई। घर पहुंचे तो परिवार के लोगों ने बाहर रोक दिया। कई जगह जांच की बात कहने पर भी नहीं माने, क्वारंटीन केंद्र में ठहराया।
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सुबह अस्पताल में जांच कराई। थर्मल स्क्रीनिंग में तापमान सामान्य निकला। डॉक्टर ने होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी है।
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सोमवार को अलग-अलग गांवों को लौटे चार लोगों को ग्रामीणों व परिवार के लोगों ने घर में नहीं घुसने दिया। चारों ने गांवों में बने क्वारंटीन सेंटरों में रात गुजारी और सुबह जिला अस्पताल की कोरोना ओपीडी में जांच कराई।
इकदिल निवासी ध्रुव गुजरात के अहमदाबाद से लौटे हैं। उन्होंने बताया कि वहां सात साल से एक कपड़े के कारखाने में काम करते थे।
महीने में 15 हजार की आमदनी हो जाती थी। सोमवार को पैदल और मालवाहक वाहनों से घर पहुंचे। परिवार के लोगों ने घर में ही नहीं घुसने दिया।
रात क्वारंटीन सेंटर में रहे। रास्ते में कई जगह जांच हुई। जिला अस्पताल में थर्मल स्क्रीनिंग में तापमान सामान्य निकाला है। अब घर में क्वारंटीन रहेंगे।
इकदिल के छोटू छह महीने पहले ही अहमदाबाद गए थे। मंगलवार को लौटे तो घर वालों ने घुसने नहीं दिया। कहा जांच कराने के बाद ही आना।
जगसौरा गांव के कुल्ले रावत मुंबई से पैदल, ट्रक और लोडर पर लौटे हैं। 10 साल से कपड़ा फैक्टरी में काम कर रहे थे।
लॉकडाउन में किसी तरह वहां से निकलकर आए हैं। घर पहुंचे तो परिवार के लोगों ने कहा कि क्वारंटीन सेंटर पर रुको, जांच कराने के बाद ही घर आना। मध्य प्रदेश के रीवा में क्लीनिक चलाने वाले बीएएमएस रविंद्र वहां सात साल से रह रहे हैं। उनका घर शहर की नई बस्ती में है।
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रवींद्र ने बताया कि पैदल और माल ले जाने वाले वाहनों से इटावा पहुंचे। रास्ते में कई जगह स्वास्थ्य की जांच हुई। घर पहुंचे तो परिवार के लोगों ने बाहर रोक दिया। कई जगह जांच की बात कहने पर भी नहीं माने, क्वारंटीन केंद्र में ठहराया।
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सुबह अस्पताल में जांच कराई। थर्मल स्क्रीनिंग में तापमान सामान्य निकला। डॉक्टर ने होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी है।