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असंवैधानिक कानून का विरोध गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि
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इटावा। महात्मा गांधी के 72वें बलिदान दिवस पर डा. आंबेडकर चौराहा पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें धर्मनिरपेक्ष जनतांत्रिक दलों, जनसंगठनों, बुद्धिजीवियों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए संकल्प लिया कि सीएए, एनसीआर, एनआरपी हमें मंजूर नही। एनपीआर के प्रश्नों का जवाब नहीं देंगे, कागज नही दिखाएंगे।
सभा में संकल्प लिया गया कि हम एकजुट होकर लड़ेंगे। घर-घर जाकर इन काले कानूनों के खतरों से जनता को अवगत कराएंगे। यह अभियान 23 मार्च को अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत वाले दिन तक चलेगा। इतिहासकार डा. एसपी कश्यप ने कहा कि गांधी सांप्रदायिकता के धुर विरोधी और सभी भारतीयों की एकता के पक्षधर थे। नौजवानो के लिए गांधी का संदेश था कि जो कानून जनविरोधी और राष्ट्रहित में न हो, उनका विरोध असहयोग सविनय अवज्ञा से किया जाए। आज के माहौल में गांधी जी का यह संदेश बहुत प्रासंगिक हैं ।
अध्यक्षता किसान सभा के महामंत्री मुकुट सिंह व संचालन अनिल दीक्षित ने किया। सभा को पीस पार्टी के इकबाल हुसैन, एनसीपी के विश्वनाथ पखारिया, बहुजन मुक्ति पार्टी के अर्जुनेश कुमार, एआईएलयू के दलेल सिंह यादव एड., कौमी तहफ्फुज कमेटी के खादिम अब्बास, आजाद वेलफेयर सोसायटी के जमील कुरैशी, माकपा के नाथूराम यादव, प्रेमशंकर यादव, किसान सभा के रामप्रकाश, संतोष शाक्य, सीटू के अमर सिंह शाक्य, डीवाईएफआई के नरेन्द्र शाक्य, वीरपाल कठेरिया एड ने संबोधित किया। सकट नरायण, रामकृष्ण, आशाराम, देवम शंकर राठौर ने क्रांतिकारी गीत पढे़। मुकुट सिंह ने संविधान की उददेशिका का सामूहिक वाचन कराया।
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सभा में संकल्प लिया गया कि हम एकजुट होकर लड़ेंगे। घर-घर जाकर इन काले कानूनों के खतरों से जनता को अवगत कराएंगे। यह अभियान 23 मार्च को अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत वाले दिन तक चलेगा। इतिहासकार डा. एसपी कश्यप ने कहा कि गांधी सांप्रदायिकता के धुर विरोधी और सभी भारतीयों की एकता के पक्षधर थे। नौजवानो के लिए गांधी का संदेश था कि जो कानून जनविरोधी और राष्ट्रहित में न हो, उनका विरोध असहयोग सविनय अवज्ञा से किया जाए। आज के माहौल में गांधी जी का यह संदेश बहुत प्रासंगिक हैं ।
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अध्यक्षता किसान सभा के महामंत्री मुकुट सिंह व संचालन अनिल दीक्षित ने किया। सभा को पीस पार्टी के इकबाल हुसैन, एनसीपी के विश्वनाथ पखारिया, बहुजन मुक्ति पार्टी के अर्जुनेश कुमार, एआईएलयू के दलेल सिंह यादव एड., कौमी तहफ्फुज कमेटी के खादिम अब्बास, आजाद वेलफेयर सोसायटी के जमील कुरैशी, माकपा के नाथूराम यादव, प्रेमशंकर यादव, किसान सभा के रामप्रकाश, संतोष शाक्य, सीटू के अमर सिंह शाक्य, डीवाईएफआई के नरेन्द्र शाक्य, वीरपाल कठेरिया एड ने संबोधित किया। सकट नरायण, रामकृष्ण, आशाराम, देवम शंकर राठौर ने क्रांतिकारी गीत पढे़। मुकुट सिंह ने संविधान की उददेशिका का सामूहिक वाचन कराया।
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