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फ्रेट कॉरिडोर का काम हुआ शुरू
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बलरई में डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर का निर्माण शुरू कराने पहुंचे नायब तहसीलदार अविनाश कुमार
- फोटो : ETAWAH
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बलरई। रेलवे स्टेशन के निकट डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक माह से बंद काम प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार से शुरू हुआ। यहां अधिगृहीत जमीन का मुआवजा न मिलने की बात पर किसानों ने जनवरी में काम रुकवा दिया था।
डीएफसीसी के पंकज कुमार ने बताया कि फ्रेट कॉरिडोर के लिए जगह अधिगृहित की गई थी। नौ लाख 66 हजार 687 रुपये की धनराशि नौ जनवरी 1998 को भूमि स्वामियों को प्रदान की गई। भूमि स्वामियों ने 8 फरवरी 2022 को रेलवे के अधिकारियों से शिकायत की कि उन्हें मुआवजा पूरा नहीं मिला है। 5-5 लाख रूपये उन्हें प्रति व्यक्ति के हिसाब से मिलना चाहिए। 25 फरवरी को उपजिलाधिकारी नम्रता सिंह के आदेश पर नायब तहसीलदार, लेखपाल, पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
जांच में पाया गया कि जमीन का मुआवजा किसानों को मिल चुका है। 2019 नवंबर के बाद नियमावली में संशोधन हुआ है। अब नए नियम में सभी हिस्सेदारों को पांच लाख रुपये देने का प्रावधान है। परंतु इसका भुगतान काफी पहले हो चुका है इसलिए अब नए नियम का लाभ नहीं दिया जा सकता। नायब तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि सभी को फोन से हिदायत दी गई है कि वह काम में व्यवधान न डालें।
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डीएफसीसी के पंकज कुमार ने बताया कि फ्रेट कॉरिडोर के लिए जगह अधिगृहित की गई थी। नौ लाख 66 हजार 687 रुपये की धनराशि नौ जनवरी 1998 को भूमि स्वामियों को प्रदान की गई। भूमि स्वामियों ने 8 फरवरी 2022 को रेलवे के अधिकारियों से शिकायत की कि उन्हें मुआवजा पूरा नहीं मिला है। 5-5 लाख रूपये उन्हें प्रति व्यक्ति के हिसाब से मिलना चाहिए। 25 फरवरी को उपजिलाधिकारी नम्रता सिंह के आदेश पर नायब तहसीलदार, लेखपाल, पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
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जांच में पाया गया कि जमीन का मुआवजा किसानों को मिल चुका है। 2019 नवंबर के बाद नियमावली में संशोधन हुआ है। अब नए नियम में सभी हिस्सेदारों को पांच लाख रुपये देने का प्रावधान है। परंतु इसका भुगतान काफी पहले हो चुका है इसलिए अब नए नियम का लाभ नहीं दिया जा सकता। नायब तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि सभी को फोन से हिदायत दी गई है कि वह काम में व्यवधान न डालें।
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