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एससीएसटी एक्ट के मामले में चार लोगों को तीन तीन साल की सजा
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इटावा। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट अवधेश कुमार ने एससीएसटी एक्ट में साक्ष्यों के आधार पर चार आरोपियों को दोषी करार दिया। दोषियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि सैफई थाना क्षेत्र के गांव भुज पुरा निवासी सुजीत कुमार जाटव ने आरोप लगाया था कि छह नवंबर 2011 को गांव के मोहन लाल के यहां पर मजदूरी करने गए थे। उसे मजदूरी के पैसे नहीं दिए। सात नवंबर को पड़ोस के गांव में मजदूरी करने के लिए जा रहे थे। रास्ते में सुजीत ने साथियों के साथ मारपीट की।
जाति सूचक गालियां देकर अपमानित किया। मारपीट में सुजीत को चोटें आई। कोर्ट के आदेश पर सैफई थाने में मोहन लाल, राकेश, सुजीत कुमार, गोलू उर्फ गौरव व मुकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान मोहन लाल की मौत हो गई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रमाकांत चतुर्वेदी ने साक्ष्य पेश किए। जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि सैफई थाना क्षेत्र के गांव भुज पुरा निवासी सुजीत कुमार जाटव ने आरोप लगाया था कि छह नवंबर 2011 को गांव के मोहन लाल के यहां पर मजदूरी करने गए थे। उसे मजदूरी के पैसे नहीं दिए। सात नवंबर को पड़ोस के गांव में मजदूरी करने के लिए जा रहे थे। रास्ते में सुजीत ने साथियों के साथ मारपीट की।
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जाति सूचक गालियां देकर अपमानित किया। मारपीट में सुजीत को चोटें आई। कोर्ट के आदेश पर सैफई थाने में मोहन लाल, राकेश, सुजीत कुमार, गोलू उर्फ गौरव व मुकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान मोहन लाल की मौत हो गई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रमाकांत चतुर्वेदी ने साक्ष्य पेश किए। जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया।
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