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Etawah News: 29 साल बाद विरासत की जमीन पर मिला
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निवाड़ीकला (इटावा)। क्षेत्र के बस्ती महेवा गांव की महिला को 29 साल बाद उसके हक की जमीन मिली। नायब तहसीलदार कोर्ट ने वरासत का मुकदमे में फैसला उसके पक्ष में सुनाया। कोर्ट ने खतौनी में महिला का नाम दर्ज करने का आदेश दिया है।
बस्ती महेवा के राजनारायण तिवारी की मौत हो गई थी। उनकी करीब दो एकड़ जमीन पत्नी सरजू देवी के नाम हो गई। इकलौती बेटी कोमला की शादी हो चुकी थी। रिश्तेदारों ने फर्जी तरीके से वसीयत करा ली।
जानकारी होने पर कोमला पत्नी राजेश शुक्ला ने वर्ष 1993 में वारिस होने का दावा पेश किया। मुकदमा नायब तहसीलदार कोर्ट में चला। कोमला के साक्ष्यों और उनके अधिवक्ता की दलीलों के आधार पर कोर्ट ने फर्जी वसीयत को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने सारी जमीन कोमला के नाम दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर राजस्व विभाग ने खतौनी में कोमला का नाम दर्ज कर लिया है।
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बस्ती महेवा के राजनारायण तिवारी की मौत हो गई थी। उनकी करीब दो एकड़ जमीन पत्नी सरजू देवी के नाम हो गई। इकलौती बेटी कोमला की शादी हो चुकी थी। रिश्तेदारों ने फर्जी तरीके से वसीयत करा ली।
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जानकारी होने पर कोमला पत्नी राजेश शुक्ला ने वर्ष 1993 में वारिस होने का दावा पेश किया। मुकदमा नायब तहसीलदार कोर्ट में चला। कोमला के साक्ष्यों और उनके अधिवक्ता की दलीलों के आधार पर कोर्ट ने फर्जी वसीयत को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने सारी जमीन कोमला के नाम दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर राजस्व विभाग ने खतौनी में कोमला का नाम दर्ज कर लिया है।
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