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वन महोत्सव में आक्सीजन रोपेगा वन विभाग
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इटावा। वन संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाए रखने के लिए एक से सात जुलाई तक मनाए जाने वाले वन महोत्सव की तैयारी में वन विभाग और जिला प्रशासन जुट गया है। महोत्सव के दौरान वन विभाग समेत 27 सरकारी विभाग मिलकर कानपुर मंडल में ढाई करोड़ पौधे रोपित करेंगे। इनमें सर्वाधिक ऑक्सीजन देने वाले पीपल, बरगद, पाकड़ आदि औषधीय पौधों का रोपण किया जायेगा।
एक से सात जुलाई तक मनता है वन महोत्सव
वनों के क्षेत्रफल को बढ़ाने व जनता में पौधरोपण के लिए जन-जागरण पैदा काने के लिए एक से सात जुलाई के बीच प्रतिवर्ष वन महोत्सव मनाया जा रहा है। वन महोत्सव में सप्ताह भर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को पौधा रोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
आयोजन के बीच एक दिन बड़ी संख्या में पौधा रोपण का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। कोरोना महामारी के बाद वन विभाग ने कानपुर मंडल में अपनी 131 नर्सरियों में तीन करोड़ सत्तर लाख पौधे तैयार किए हैं। इनमें सहजन, फलदार पौधों के साथ ही ऑक्सीजन के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाने वाले औषधीय पौधे खास तौर पर तैयार किए गए हैं।
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वन विभाग की कानपुर मंडल की नर्सरियों में तैयार किए जा रहे तीन करोड़ सत्तर लाख पौधों में ढाई करोड़ पौधे वन महोत्सव के दौरान रोपित किए जाएंगे। इनमें एक करोड़ अट्ठाइस लाख पौधे वन विभाग और एक करोड़ बाइस लाख पौधे छब्बीस अन्य सरकारी विभाग रोपित कराएंगे।
पीपल, बरगद जैसे औषधीय पौधों पर जोर रहेगा
केके सिंह, मुख्य वन संरक्षक का कहना है कि वन महोत्सव के दौरान कानपुर मंडल के छह जिलों में ढाई करोड़ पौधों का रोपण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। अभियान को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेजी से की जा रही है। वन महोत्सव में पीपल, बरगद, शीशम, सागौन, सहजन जैसे पौधों के साथ ही औषधीय पौधों का रोपण करने पर जोर है।
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डीएम भी कर चुकीं है कई बार बैठक
वन महोत्सव को सफल बनाने के लिए डीएम श्रुति सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। डीएम इसे लेकर कई बार वन विभाग के साथ ही अन्य सरकारी विभाग के अफसरों के साथ बैठक भी कर चुकीं हैं। ताकि वन महोत्सव के दौरान पौधे रोपण में किसी तरह की दिक्कत न हो सके।
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जिला नर्सरी की संख्या लगे पौधेे
कानपुर नगर 27 64 लाख 64 हजार
कानपुर देहात 24 81 लाख 79 हजार
इटावा 27 70 लाख 88 हजार
औरैया 12 43 लाख 6 हजार
फर्रुखाबाद 18 56 लाख 91 हजार
कन्नौज 23 52 लाख 61 हजार
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एक से सात जुलाई तक मनता है वन महोत्सव
वनों के क्षेत्रफल को बढ़ाने व जनता में पौधरोपण के लिए जन-जागरण पैदा काने के लिए एक से सात जुलाई के बीच प्रतिवर्ष वन महोत्सव मनाया जा रहा है। वन महोत्सव में सप्ताह भर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को पौधा रोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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आयोजन के बीच एक दिन बड़ी संख्या में पौधा रोपण का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। कोरोना महामारी के बाद वन विभाग ने कानपुर मंडल में अपनी 131 नर्सरियों में तीन करोड़ सत्तर लाख पौधे तैयार किए हैं। इनमें सहजन, फलदार पौधों के साथ ही ऑक्सीजन के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाने वाले औषधीय पौधे खास तौर पर तैयार किए गए हैं।
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वन विभाग की कानपुर मंडल की नर्सरियों में तैयार किए जा रहे तीन करोड़ सत्तर लाख पौधों में ढाई करोड़ पौधे वन महोत्सव के दौरान रोपित किए जाएंगे। इनमें एक करोड़ अट्ठाइस लाख पौधे वन विभाग और एक करोड़ बाइस लाख पौधे छब्बीस अन्य सरकारी विभाग रोपित कराएंगे।
पीपल, बरगद जैसे औषधीय पौधों पर जोर रहेगा
केके सिंह, मुख्य वन संरक्षक का कहना है कि वन महोत्सव के दौरान कानपुर मंडल के छह जिलों में ढाई करोड़ पौधों का रोपण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। अभियान को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेजी से की जा रही है। वन महोत्सव में पीपल, बरगद, शीशम, सागौन, सहजन जैसे पौधों के साथ ही औषधीय पौधों का रोपण करने पर जोर है।
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डीएम भी कर चुकीं है कई बार बैठक
वन महोत्सव को सफल बनाने के लिए डीएम श्रुति सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। डीएम इसे लेकर कई बार वन विभाग के साथ ही अन्य सरकारी विभाग के अफसरों के साथ बैठक भी कर चुकीं हैं। ताकि वन महोत्सव के दौरान पौधे रोपण में किसी तरह की दिक्कत न हो सके।
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जिला नर्सरी की संख्या लगे पौधेे
कानपुर नगर 27 64 लाख 64 हजार
कानपुर देहात 24 81 लाख 79 हजार
इटावा 27 70 लाख 88 हजार
औरैया 12 43 लाख 6 हजार
फर्रुखाबाद 18 56 लाख 91 हजार
कन्नौज 23 52 लाख 61 हजार
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