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शिशु के लिए पहले हजार दिन अहम
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Mon, 27 Apr 2015 11:57 PM IST
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राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत ताखा के ब्लाक सभागार में सोमवार को ब्लाक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें सीडीओ डा. अशोक चंद्र ने कहा कि शिशु के लिए पहले एक हजार दिन की देखभाल बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसमें गर्भावस्था के 270 दिन और उसके बाद के 730 दिन शामिल हैं।
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इन दिनों में शिशु की उचित देखभाल से उसके मानसिक और शारीरिक विकास में अधिकतम वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में बच्चे को कुपोषण से बचा लिया जाए तो बच्चा स्वस्थ होगा। उन्होंने कहा कि ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा और एएनएम अपने दायित्व निभाएं।
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इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस दिवस पर पोषाहार का वितरण, गर्भवती के हीमोग्लोबिन, खून, पेशाब की जांच करें। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति की हर महीने होने वाली बैठक में स्वास्थ्य पोषण और साफ सफाई पर ध्यान दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि इस समिति को हर साल मिलने वाला 10 हजार रुपया खर्च नहीं किया जा रहा है। इस ओर ग्रामवासियों को भी जागरूक किया जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि कार्यकत्रियां स्वास्थ्य विभाग से समन्वय बनाकर कार्य करें।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कहा कि जो वजन मशीन खराब है तो उसे चेक कर लें। यदि बाद में किसी अधिकारी के निरीक्षण के दौरान मशीन खराब मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। अभी सूचना दे देने पर खराब मशीन को निदेशालय भेजकर रिपेयर या फिर बदल कर दूसरी उपलब्ध करा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पोषण मिशन को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सपनों को साकार करना है। कार्यशाला का संचालन सीडीपीओ प्रभारी सुबोधवाला ने किया। इस मौके पर एसडीएम ताखा, सुपरवाइजर आदि मौजूद रहे।