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दो दर्जन से अधिक गांवों में घुसा बाढ का पानी

Tue, 23 Aug 2016 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
अमर उजाला ब्यूरो इटावा Updated Tue, 23 Aug 2016 11:23 PM IST
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flood effected 24 villages
चंबल में बढ़ता जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला

चंबल नदी खतरे के निशान से 3.40 मीटर ऊपर बह रही है। चकरनगर तहसील के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़  का पानी घुस गया है। सैकड़ों एकड़ लहलहाती फसल पर अब लहरें उठ रही हैं। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर सभी बाढ़ चौकियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। वहीं बाढ़ से ग्राम कांयछी और हरौली के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। इन गांवों का संपर्क बाकी हिस्सों से कट गया है।

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चंबल नदी में आई बाढ़ के कारण क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। यमुना और चंबल के बढ़ते जलस्तर से कांयछी गांव जाने वाला रास्ता डूब गया है। इस गांव का संपर्क जिले के बाकी हिस्से से कट गया है। ग्रामीण अपने ही गांव में कैद होकर रह गए हैं। कांयछी गांव की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह तीन तरफ से यमुना नदी से घिरा हुआ है। जब चंबल और यमुना नदियां भरेह के पास मिलती हैं तो यह क्षेत्र डूब जाता है।  इसी तरह बाढ़ का पानी बढ़ने की वजह से हरौली मार्ग भी ठप हो गया है। जबकि ग्राम ददरा, बछेड़ी, कुंदौल ,छिबरौली, राबनी, कतरौली, गोपियाखार, कंधावली, कचहरी,भरेह, हरौली, गढ़ाकासदा, निवी, खिरीटी, गौहानी सहित लगभग दो दर्जन गांवों की सैकड़ों एकड़ कछारी भूमि की फसल नष्ट हो गई है। एसडीएम चकरनगर राजमणि मिश्रा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद बताया कि चंबल नदी खतरे के निशान 119.60 के सापेक्ष 123 मीटर पर बह रही है। हालांकि अब इसका जल स्थिर बना हुआ है।
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ग्रामीणों से नहीं मिल पाए एसडीएम
मंगलवार को एसडीएम चकरनगर राजमणि मिश्रा मंगलवार सुबह करीब 9 बजे गांव का दौरा करने पहुंचे। रास्ता नहीं होने के कारण वे भी ग्रामवासियों से नहीं मिल पाए। उन्होंने वन विभाग दरोगा को ग्राम की पुलिया पर नाव की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। ग्रामवासियों का कहना है कि दो दिन से यमुना नदी में काफी पानी आ गया है। जिसके चलते वे लोग गांव में कैद हो गए हैं। एसडीएम ने बताया कि वन विभाग को सूचना दे दी गई है। आवागमन की सुविधा जल्द की जाएगी।
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 ये गांव हैं प्रभावित
नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण किनारे स्थित गांवों की हालत खराब है। गांव जाने वाले रास्ते जलमग्न हैं।  वहीं सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। ग्राम कांयछी, हरौली, बहादुरपुर, खेरापुर, भरेह, निवी, चकरपुरा, गढ़ाकास्दा, गौहानी खिरीटी, रनिया, डिभौली, बिडौरी, निवरी, करियावली, शेरगढ़, पाली बाढ़ की चपेट में हैं। हरौली बहादुरपुर और गढ़ा कास्दा से बाबरपुर जाने वाला मार्ग भी पानी में डूब गया है।


बाढ़ चौकियां हुईं सक्रिय
क्षेत्र में 11 बाढ़ चौकियां हैं। जिन पर ग्राम पंचायत/ग्राम विकास अधिकारियों को प्रभारी नियुक्त किया गया है।  तहसील सभागार में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है।

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