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अदायगी के चलते पांच समितियों पर लगा ताला
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चकरनगर। क्षेत्र के किसानों ने समितियों का पैसा वापस नहीं किया। ऐसी स्थिति में कुंदोल, सिंडोस, गौहानी, सहसों, करियावली की साधन सहकारी समितियां बंद हो गई। इन पर 73 लाख से ज्यादा रुपये कई मदों का बकाया है।
किसान अगर समितियों से लिया पैसा समय से लौटा देते तो खाद-बीज का संकट किसानों को नहीं झेलना पड़ता। क्षेत्र में 10 साधन सहकारी समितियां स्थापित की गई थी। धीरे-धीरे पांच समितियां वर्ष 1997 तक कर्ज के चलते बंद हो गई।
वर्तमान में कुल पांच समितियां संचालित हैं, जिनसे ही किसानों को खाद की आपूर्ति की जाती है। सरसों की बुआई में डीएपी की कमी से किसान अभी दोचार हैं। 15 नवंबर से शुरू होने वाली गेहूं की खेती के लिए डीएपी कहां से आएगी, का संकट भी सामने आ खड़ा हुआ है।
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जिला सहकारी बैंक का सबसे अधिक कुंदौल गांव की समिति पर 28,95,176 रुपये, गौहानी 21,83,651 रुपये, करियावली 16,41,766 रुपये, सहसों 3,82,453 रुपये, सिंडोस में 2,02,678 रुपये बकाया है, जिससे ये समितियां बंद हो गई।
इन गांव के किसान निजी दुकानदारों से या अन्य समितियों से खाद लेकर किसानी कर रहे हैं। चकरनगर जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक रूपेश सिंह राजावत ने बताया कि 73 लाख से ज्यादा रुपये किसानों पर कई मदों का बकाया होने से समितियों को बंद कर दिया गया है।
करियावली समिति को नगद बिक्री पर चालू कर दिया गया। क्षेत्र में कुल 10 समितियां हैं, जिनमें भरेह, बंसरी, चकरनगर, बरेछा, करियावली संचालित हैं। किसानों के लिए खाद का पूर्ण प्रबंधन करने का प्रयास किया जा रहा है। खपत ज्यादा होने से समस्या खड़ी हो जाती है।
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किसान अगर समितियों से लिया पैसा समय से लौटा देते तो खाद-बीज का संकट किसानों को नहीं झेलना पड़ता। क्षेत्र में 10 साधन सहकारी समितियां स्थापित की गई थी। धीरे-धीरे पांच समितियां वर्ष 1997 तक कर्ज के चलते बंद हो गई।
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वर्तमान में कुल पांच समितियां संचालित हैं, जिनसे ही किसानों को खाद की आपूर्ति की जाती है। सरसों की बुआई में डीएपी की कमी से किसान अभी दोचार हैं। 15 नवंबर से शुरू होने वाली गेहूं की खेती के लिए डीएपी कहां से आएगी, का संकट भी सामने आ खड़ा हुआ है।
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जिला सहकारी बैंक का सबसे अधिक कुंदौल गांव की समिति पर 28,95,176 रुपये, गौहानी 21,83,651 रुपये, करियावली 16,41,766 रुपये, सहसों 3,82,453 रुपये, सिंडोस में 2,02,678 रुपये बकाया है, जिससे ये समितियां बंद हो गई।
इन गांव के किसान निजी दुकानदारों से या अन्य समितियों से खाद लेकर किसानी कर रहे हैं। चकरनगर जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक रूपेश सिंह राजावत ने बताया कि 73 लाख से ज्यादा रुपये किसानों पर कई मदों का बकाया होने से समितियों को बंद कर दिया गया है।
करियावली समिति को नगद बिक्री पर चालू कर दिया गया। क्षेत्र में कुल 10 समितियां हैं, जिनमें भरेह, बंसरी, चकरनगर, बरेछा, करियावली संचालित हैं। किसानों के लिए खाद का पूर्ण प्रबंधन करने का प्रयास किया जा रहा है। खपत ज्यादा होने से समस्या खड़ी हो जाती है।