फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   fire

बजट का अभाव, नहीं बना फायर स्टेशन

Sun, 18 Jul 2021 11:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 11:06 PM IST
विज्ञापन
fire
इटावा। जिले में फायर सर्विस की व्यवस्था बदहाल सिस्टम की मार झेल रही है। हालात ये हैं कि सरैया चुंगी के पास फायर स्टेशन निर्माण के लिए विभाग के पास जमीन तो है, लेकिन बजट नहीं। इसके चलते स्टेशन का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन

वर्ष 1992 में फायर विभाग को सरैया चुंगी स्थित आवासीय अनुसूचित जाति छात्रावास के पास खाली पड़ी करीब तीन एकड़ जमीन स्टेशन निर्माण के लिए हैंडओवर की गई थी। इसके बाद इस जमीन को दो लोगों ने अपनी बताकर कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई। इसके चलते फायर स्टेशन निर्माण में अड़ंगा लग गया। लगभग 25 साल चले मुकदमे के बाद हाईकोर्ट ने जमीन 2016-17 में फायर विभाग की होने का फैसला दिया।
विज्ञापन

इसके बाद स्टेशन निर्माण के लिए एक बार फिर से कवायद तेज हुई। तत्कालीन सीएफओ ने स्वीकृत जमीन पर फायर स्टेशन बनाने के लिए शासन स्तर पर कई बार पत्र लिखा, लेकिन बजट को स्वीकृति नहीं मिली। जुलाई 2019 को जिले के फायर विभाग का कार्य सीएफओ तबारक हुसैन ने संभाला। वे भी फायर स्टेशन के लिए कई बार शासन को पत्र भेज चुके हैं, लेकिन अभी तक शासन से निर्माण के लिए धनराशि जारी नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इटावा पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का गृह जनपद है। ऐसे में यहां हर महीने दो-तीन बार वीआईपी और वीवीआईपी का दौरा होता रहता है। तत्कालीन व वर्तमान सीएफओ ने कई बार जनप्रतिनिधियों को मामले से अवगत कराया लेकिन फायर स्टेशन निर्माण की पहल अभी तक नहीं हुई है।
ऐसा नहीं है कि शासन स्तर से अग्निशमन केंद्र निर्माण को बजट जारी नहीं हो सकता। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से ऐसा नहीं हो पा रहा। शासन स्तर पर अभी तक किसी ने मजबूत पैरवी नहीं की। स्थानीय लोगों की मानें तो कोई सांसद या विधायक इसके लिए मजबूत पैरवी नहीं कर रहा है। इसलिए पैसा नहीं जारी हो सका है।
पद वर्तमान जरूरत मौजूद
फायरमैन 69 25
हवलदार 9 6
एफएसएसओ 4 0
एफएसओ 4 0
सफाई कर्मी 4 1
फालोअर 8 2
चालक 10 14
इटावा पुलिस लाइन में उधार के दो कमरों में मुख्य अग्निशमन अधिकारी का कार्यालय संचालित है। वहीं, पुलिस लाइन के टीन शेड व मैदान पर फायर विभाग की गाड़ियां भी खड़ी रहती हैं। विभाग के पास अपना कार्यालय नहीं है, जबकि भूमि सालों पहले आवंटित हो चुकी है।
जिले के 19 लाखों लोगों को आग से बचाने का जिम्मा फिलहाल इटावा व सैफई फायर स्टेशन के कंधों पर है। हालात ये हैं कि कहीं भी आग लगने पर ग्रामीणों को अपने संसाधनों से आग बुझानी पड़ती है। क्योंकि जब तक दमकल पहुंचती है, तब तक सब कुछ राख हो चुका होता है।
शासन की मंशा के अनुसार प्रत्येक तहसील में अग्निशमन केंद्र होना चाहिए। जिले में अभी इटावा व सैफई तहसील में ही अग्निशमन केंद्र संचालित है। भरथना व चकरनगर में अग्निशमन केंद्र निर्माणाधीन है। वहीं जसवंतनगर व ताखा में अग्निशमन केंद्र निर्माण का प्रस्ताव विचाराधीन है।

इटावा अग्निशमन केंद्र के भवन निर्माण के लिए वह कई पर पत्र लिखकर शासन से बजट की मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक पैसा जारी नहीं हो सका है। - तबारक हुसैन, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed