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फाइलेरिया से निपटने को कसी कमर
बयूरो/ अमर उजाला, इटावा
Updated Mon, 09 Mar 2015 11:39 PM IST
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अभियान के लिए 4692 ड्रग डिस्ट्रीब्यूटर तैनात किए गए हैं। टीमों का
पर्यवेक्षण करने को 771 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। सोमवार को सीएमओे
डॉ. राजेश कु मार यादव ने डीआईसी तथा एल्वैंडाजोल की गोलियां खिलाकर अभियान
का औपचारिक शुभारंभ किया।
डाक्टरों का कहना है कि फाइलेरिया यानी हाथी पांव का रोग क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। ये मच्छर घरों के आसपास जमा गंदे पानी में पैदा होते हैं। इसलिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए और रात में फुल आस्तीन की शर्ट तथा पायजामा पहनकर सोयें।
घर की टंकियों तथा बर्तनाें में पानी जमा नहीं रहने देना चाहिए। फाइलेरिया से बचने को सरकार की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। 10 एवं 11 मार्च क ो चलाए जाने वाले अभियान में घर-घर जाकर डीआईसी तथा एलवैंडाजोल की गोलियंा खिलाई जाएंगी।
दो से पांच साल के बच्चों क ो डीआईसी तथा एलवैंडाजोल की एक-एक गोली खिलाई जाएगी। 6 से 14 साल के बच्चों क ो डीआईसी की दो तथा एलवैंडाजोल की एक गोली दी जाएगी।
15 साल से अधिक आयु के किशोरों तथा युवाओं को डीआईसी की तीन तथा एलवैंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। दो साल से कम आयु के बच्चों तथा गर्भवती महिलाआें, गंभीर रूप से बीमार रोगियों क ो दवा नहीं खिलाई जाएगी।
फाइलेरिया की दवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा उपस्वास्थ्य कें द्राें को उपलब्ध करा दी गई हैं।
सोमवार को आयोजित फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के अवसर पर सीएमओ डॉ. राजेश यादव के अलावा एसीएमओ डॉ. देवी प्रसाद, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकमल चौरसिया, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विपिन कपूर, डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश कुमार, अनुराग श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो पर रैपिड एक्शन टीम भी बनाई गई है।
डाक्टरों का कहना है कि फाइलेरिया यानी हाथी पांव का रोग क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। ये मच्छर घरों के आसपास जमा गंदे पानी में पैदा होते हैं। इसलिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए और रात में फुल आस्तीन की शर्ट तथा पायजामा पहनकर सोयें।
घर की टंकियों तथा बर्तनाें में पानी जमा नहीं रहने देना चाहिए। फाइलेरिया से बचने को सरकार की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। 10 एवं 11 मार्च क ो चलाए जाने वाले अभियान में घर-घर जाकर डीआईसी तथा एलवैंडाजोल की गोलियंा खिलाई जाएंगी।
दो से पांच साल के बच्चों क ो डीआईसी तथा एलवैंडाजोल की एक-एक गोली खिलाई जाएगी। 6 से 14 साल के बच्चों क ो डीआईसी की दो तथा एलवैंडाजोल की एक गोली दी जाएगी।
15 साल से अधिक आयु के किशोरों तथा युवाओं को डीआईसी की तीन तथा एलवैंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। दो साल से कम आयु के बच्चों तथा गर्भवती महिलाआें, गंभीर रूप से बीमार रोगियों क ो दवा नहीं खिलाई जाएगी।
फाइलेरिया की दवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा उपस्वास्थ्य कें द्राें को उपलब्ध करा दी गई हैं।
सोमवार को आयोजित फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के अवसर पर सीएमओ डॉ. राजेश यादव के अलावा एसीएमओ डॉ. देवी प्रसाद, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकमल चौरसिया, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विपिन कपूर, डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश कुमार, अनुराग श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो पर रैपिड एक्शन टीम भी बनाई गई है।