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Etawah News: नहीं निकल रही आलू की लागत, किसानों पर आफत

Thu, 23 Feb 2023 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Thu, 23 Feb 2023 12:01 AM IST
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farmers are not getting cost of potato
निबाड़ीकला। आलू के दामों में गिरावट ने किसानों को चिंतित कर दिया है। आलू की फसल से लागत निकालना मुुश्किल हो रहा है। मंडी में आलू 250 से लेकर 300 रुपये प्रति पैकेट (50 किलो) बिक रहा है। फुटकर में भी भाव सात रुपये किलो है।
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भविष्य में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद में किसान आलू का शीतगृहों में भंडारण कर रहे हैं। वहीं, सहालग और अन्य जरूरी काम के कारण पैसों की जरूरत के कारण बड़ी संख्या में किसान आलू को मंडी में बेच रहे हैं।
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जनपद में आलू की पैदावार काफी बड़े क्षेत्रफल में की जाती है। 10 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में इस बार आलू की फसल की गई है। किसान कच्ची और पक्की दोनों फसलों करते हैं। इस बार मौसम ने साथ दिया और कोहरा अधिक नहीं पड़ा। कच्ची के बाद किसानों ने आलू की पक्की फसल की खोदाई भी शुरू कर दी है। दूसरे जिलों का भी आलू आने से मंडी में दाम घट गए हैं। कम भाव मिलने से कई किसान कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने में जुट गए हैं। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में आलू के भाव में इजाफा होगा, इससे कुछ राहत मिलेगी।
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आलू आढ़ती अशोक कुमार के मुताबिक सफेद आलू का भाव 250 से 300 है। लाल आलू 300 से 350 रुपये में बिक रहा है।

बीते वर्ष 1400 रुपये क्विंटल बिका था आलू
विगत वर्ष होली से पहले मंडी में आलू की आवक बहुत कम थी। इसके कारण चिपसोना और 3797 आलू 1200 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था। हाइब्रिड आलू भी 500 से 700 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था। त्योहार से पहले आलू की मांग बढ़ती है। कोल्ड स्टोर में भंडारण नहीं हो पाने से किसान मंडी में आलू बेचता है। इस बार आलू के दाम गिरने से किसानों की परेशानी बढ़ी है। किसानों का कहना है कि एक बीघा में आलू बुआई से लेकर खोदाई तक पर 12 से 15 हजार रुपये खर्च आता है। एक बीघा में अगर 50 पैकेट आलू निकला और यह 250 रुपये के भाव से बिका तो साढ़े 12 हजार रुपये ही मिल रहे हैं। 300 रुपये प्रति पैकेट के भाव से बिकने पर 15000 रुपये मिलते हैं। मंडी तक आलू ले जाने में भाड़ा अलग से खर्च होता है। ऐसे में लागत नहीं निकल रही है।


नगला तुला निवासी किसान अनमोलचंद ने बताया कि आलू के दाम गिरने से लागत तक नहीं निकल पा रही है। मंडी लाने के बाद उपज वापस तक ले जानी पड़ रही है। इसके कारण कम दामों पर ही आलू बेचना पड़ रहा है।


निबाड़ीकला निवासी किसान राघवेंद्र के मुताबिक कम से कम 500 रुपये प्रति पैकट आलू का मूल्य होना चाहिए। इस समय 250 रुपये आलू बिक रहा है। भाव कम मिलने से इस बार कोल्डस्टोर में आलू ज्यादा मात्रा में रखा जाएगा।
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