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परीक्षा केंद्रों पर न पर्याप्त पुलिस फोर्स और न ही कक्ष निरीक्षक

Wed, 24 Feb 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला, इटावा
अमर उजाला, इटावा Updated Wed, 24 Feb 2016 12:08 AM IST
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Examination centers , not enough police force nor room inspector
जिले में चल रही यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में नकल माफिया हावी हैं। खासकर ग्रामीण अंचल के परीक्षा केंद्रों पर नकल का बोलबाला है। परीक्षा केंद्रों पर न तो पर्याप्त पुलिस फोर्स है और न ही पर्याप्त कक्ष निरीक्षक ही हैं।
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हालांकि शिक्षा विभाग अभी भी जिले में नकल विहीन परीक्षाएं होने का दावा कर रहा है। मजे की बात तो यह है कि जिले में ऐसा पहली बार हो रहा है कि परीक्षा शुरू हुए पांच दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक कोई भी परीक्षार्थी नकल करते हुए नहीं पकड़ा गया।
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मानों जनपद में सभी परीक्षार्थी पूरी ईमानदारी से परीक्षा दे रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि केंद्रों पर नकल कराने को लेकर प्रति छात्र दो से पांच हजार रुपए लिए जा रहे हैं।
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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हुई। मंगलवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल की गणित, प्रारंभिक गणित और गृह विज्ञान की परीक्षा कराई गई। जबकि दूसरी पाली में इंटर की संगीत वादन एवं गायन की परीक्षा हुई।

गणित की परीक्षा में पंजीकृत 18064 परीक्षार्थियों में से 2721, प्रारंभिक गणित की परीक्षा में पंजीकृत 1974 में से 199 तथा गृहविज्ञान की परीक्षा मेें पंजीकृत 8695 में से 920 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।

शिक्षा विभाग 3840 अनुपस्थित परीक्षार्थियों को सख्ती के चलते परीक्षा छोड़ जाने की बात कहकर खुश है। जबकि अभी तक एक भी परीक्षार्थी को नकल करते हुए नहीं पकड़ा गया।

शिक्षा विभाग की सख्ती का कुछ असर शहरी क्षेत्र में तो दिखता हैं परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में तो नकल माफिया हावी नजर आ रहे हैं। यद्यपि शिक्षा विभाग के सात सचल दल नकलची परीक्षार्थियों को पकड़ने के लिए दौड़ रहे हैं लेकिन  सचल दलों के किसी केंद्र पर पहुंचने से पहले ही सूचना पहुंच जाती है।

लिहाजा उस अवधि में परीक्षा पूरी साफ सुथरी होती दिखती है। नकल माफिया पूरी योजना के साथ कार्य कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कई केंद्रों पर नकल कराने को लेकर प्रत्येक छात्र से दो हजार से पांच हजार रुपए तक लिए जा रहे हैं।

भरथना प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर धड़ल्ले से नकल कराई जा रही है। कहीं पर बाहर से नकल पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैँ तो कहीं पर कक्ष के अंदर ही परक्षार्थी को नकल कराई जा रही है।

ऐसे नजारे परीक्षा केंद्रों के अंदर व बाहर खूब देखे जा रहे हैं परंतु प्रशासन व शिक्षा विभाग इससे पूरी तरह अनजान बना हुआ है। स्थिति यह है कि जब परीक्षा कराने वाले ही नकल कराने में मशगूल हैं तब परीक्षाओं की शुचिता कैसे बरकरार रह सकती है।

सरसईनावर प्रतिनिधि के अनुसार विकास खंड ताखा क्षेत्र में छह से अधिक सरकारी, अर्द्धसरकारी, वित्तविहीन विद्यालयों मेें परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त फोर्स न होने तथा कक्ष निरीक्षकों की कमी है।

इसी का लाभ नकल माफिया उठा रहे हैं। क्षेत्र के कई केंद्रों पर नकल माफिया परीक्षा केंद्रों के आसपास नजर आते हैं। खुलेआम नकल कराने के रुपये मांगे जा रहे हैं और रुपये जमा न करने पर अलग बिठाने की धमकी दी जा रही है।


जिला पंचायत इंटर कॉलेज के केंद्र व्यवस्थापक प्रदीप गौतम ने केंद्र पर पुलिस फोर्स के साथ-साथ कक्ष निरीक्षकों की कमी होने की जानकार दी। बताया कि इस संबंध में विभाग को अवगत कराया जा चुका है।
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