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Etawah News: हर साल सफाई फिर भी टेल प्यासी, अब 1.57 करोड़ और खर्च
Tue, 06 Oct 2026 11:26 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:26 PM IST
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फोटो 01::भोगनीपुर निचली गंगा नहर से जुड़े इस माइनर की भी होगी सफाई। संवाद
इटावा। नहरों और रजवाहों की सिल्ट सफाई पर हर साल लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद टेल तक पानी न पहुंचने की समस्या दूर नहीं हो पा रही है। अब एक बार फिर 33 नहरों, रजवाहों और माइनरों की सिल्ट सफाई के लिए 1.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग का दावा है कि सफाई के बाद नहरों की जल वहन क्षमता बढ़ेगी और टेल तक पानी आसानी से पहुंचेगा। हालांकि, पिछले वर्षों में भी इसी तरह सफाई के बाद टेल तक पानी पहुंचाने के दावे किए जाते रहे हैं लेकिन किसानों की परेशानी बरकरार है।
भोगनीपुर प्रखंड निचली गंगा नहर की ओर से तैयार कार्ययोजना में इटावा के अलावा औरैया और कानपुर देहात के कुछ क्षेत्रों की नहरों और रजवाहों को शामिल किया गया है। प्रत्येक कार्य को पूरा करने के लिए 21 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके पूरा होते ही सफाई का काम शुरू कराया जाएगा। योजना के तहत अटसू रजवाहा के किमी 0 से 10.500 तक सफाई पर 5.25 लाख रुपये खर्च होंगे।
बिलाया रजवाहा के अलग-अलग हिस्सों पर 6.21 लाख, बहेड़ा रजवाहा पर 2.68 लाख और निबाड़ी रजवाहा के विभिन्न हिस्सों पर 3.58 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। निबाड़ी रजवाहा के किमी 6 से 14.484 तक 4.61 लाख, बहेड़ा के किमी 0 से 4.100 तक 2.21 लाख और कुड़रिया रजवाहा के निर्धारित हिस्सों पर 5.53 लाख रुपये खर्च होंगे। ईकरी माइनर की आठ किमी की सफाई पर 2.49 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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किसान अनमोल चंद्र और इसरार खां का कहना है कि सिल्ट जमा होने से नहरों की पानी ले जाने की क्षमता प्रभावित होती है। यही वजह बताकर विभाग हर साल सफाई कराता है। इसके बावजूद टेल के किसानों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचना व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। किसानों की असली चिंता यह है कि सफाई के बाद भी अगर टेल तक पानी नहीं पहुंचा तो 1.57 करोड़ रुपये खर्च करने का फायदा आखिर किसे मिलेगा।
एक्सईएन राकेश कुमार ने बताया कि सिल्ट सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्धारित समय में सफाई का काम पूरा कराया जाएगा। जिसकी लगातार निगरानी भी की जाएगी।
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भोगनीपुर प्रखंड निचली गंगा नहर की ओर से तैयार कार्ययोजना में इटावा के अलावा औरैया और कानपुर देहात के कुछ क्षेत्रों की नहरों और रजवाहों को शामिल किया गया है। प्रत्येक कार्य को पूरा करने के लिए 21 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके पूरा होते ही सफाई का काम शुरू कराया जाएगा। योजना के तहत अटसू रजवाहा के किमी 0 से 10.500 तक सफाई पर 5.25 लाख रुपये खर्च होंगे।
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बिलाया रजवाहा के अलग-अलग हिस्सों पर 6.21 लाख, बहेड़ा रजवाहा पर 2.68 लाख और निबाड़ी रजवाहा के विभिन्न हिस्सों पर 3.58 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। निबाड़ी रजवाहा के किमी 6 से 14.484 तक 4.61 लाख, बहेड़ा के किमी 0 से 4.100 तक 2.21 लाख और कुड़रिया रजवाहा के निर्धारित हिस्सों पर 5.53 लाख रुपये खर्च होंगे। ईकरी माइनर की आठ किमी की सफाई पर 2.49 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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किसान अनमोल चंद्र और इसरार खां का कहना है कि सिल्ट जमा होने से नहरों की पानी ले जाने की क्षमता प्रभावित होती है। यही वजह बताकर विभाग हर साल सफाई कराता है। इसके बावजूद टेल के किसानों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचना व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। किसानों की असली चिंता यह है कि सफाई के बाद भी अगर टेल तक पानी नहीं पहुंचा तो 1.57 करोड़ रुपये खर्च करने का फायदा आखिर किसे मिलेगा।
एक्सईएन राकेश कुमार ने बताया कि सिल्ट सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्धारित समय में सफाई का काम पूरा कराया जाएगा। जिसकी लगातार निगरानी भी की जाएगी।