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जिले में वायरल फीवर व डेंगू फैला, 15 दिन में अस्पताल पहुंचे 5452 मरीज
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इटावा। वायरल और डेंगू जैसी बीमारियों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सांसद डा. रामशंकर कठेरिया भी वायरल से पीड़ित हैं। इसके अलावा बसरेहर ब्लॉक के संतोषपुरा घाट गांव के वायरल फीवर व डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भी वायरल फीवर, डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में बीते 15 दिनों में 5452 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच चुके हैं।
केवल जिला अस्पताल में 10 दिन में 94 मरीजों को भर्ती किया गया। सरकारी आंकड़ों से ही अनुमान लगाया जा सकता है कि जिले में वायरल फीवर, डेंगू व अन्य संक्रामक बीमारियों का कितना प्रकोप है।
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संतोषपुर घाट गांव के तीन लोगों को डेंगू की पुष्टि
बसरेहर विकासखंड क्षेत्र के संतोषपुर घाट गांव में वायरल व डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। गांव के तीन लोगों को डेंगू ने अपनी चपेट में ले रखा है। वहीं, 80 के करीब लोग बुखार से पीड़ित हैं। इनमें कई बच्चे भी शामिल हैं।
गांव की गंगाश्री देवी को हालात बिगड़ने पर परिजन जिला अस्पताल ले गए। वहां पर उन्हें भर्ती नहीं किया गया। पति कोमल सिंह ने आरोप लगाया जिला अस्पताल के 26 नंबर कमरे में जाकर उन्होंने पत्नी को दिखाया।
वहां से कमरा नंबर 32 में भेज दिया। वहां पहुंचा तो कोमल को कर्मचारियों ने भर्ती करने से मना कर दिया। उसके बाद उसने एक रिश्तेदार से पांच हजार रुपये कर्ज लेकर पत्नी का निजी अस्पताल में इलाज कराया।
गांव के धर्मवीर सिंह और उनकी बेटी कुसुम लता समेत तीन लोगों की लैब की जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा गांव की मुन्नी देवी, दो वर्ष का यश, सत्यवीर सिंह व रेनू देवी व उनके दो बच्चे रितेश और गुनगुन व प्रेमबत्ती देवी व सनी व पंकज व रनजीत सिंह समेत तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं।
गांव में छोटे-छोटे बच्चे भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे ही हालात शहर के कई मोहल्लों व ग्रामीण क्षेत्र के गांवों के हैं। डॉक्टरों की टीमें लगातार प्रभावित गांवों में नजर रख रही हैं।
इटावा। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बढ़ते वायरल, डेंगू व मलेरिया के रोगियों की संख्या को देखते हुए जिले में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला अस्पताल में डेंगू व मलेरिया के मरीजों के लिए 35 बेड का वार्ड तैयार किया गया है।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्र की सभी सीएचसी में चार-चार बेड आरक्षित करा दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. भगवान दास का दावा है कि मलेरिया, डेंगू व वायरल फीवर के रोगियों के इलाज का सभी अस्पतालों में बंदोबस्त किया गया है। दवाएं भी पर्याप्त मात्र अस्पतालों में उपलब्ध हैं।
सीएमओ ने बताया कि जिन गांव या कस्बों में वायरल फीवर या अन्य किसी संक्रामक बीमारी से मरीज मिलेंगे। वहां संबंधित ब्लाक की सीएचसी के डॉक्टर कैंप लगाएंगे। वहीं पर रोगियों के ब्लड आदि की जांच होगी। दवाएं भी दी जाएंगी।
मरीजों का पता लगाने की जिम्मेदारी एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी लगाया गया है। एएनएम गांव में ही रोगी के ब्लड की जांच के लिए स्लाइड बनाएंगी। स्लाइड को संबंधित सीएचसी में देंगी। इस काम के बदले में एएनएम को 20 रुपये का इनसेंटिव दिया जाएगा।
सीएमओ की सलाह
सीएमओ ने बताया कि बरसात के मौसम में लोगों को मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियों से बचने की जरूरत है। डेंगू और मलेरिया के चलते लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इससे कोरोना का खतरा बढ़ जाता है।
इसलिए जरूरी है कि लोगों को मच्छर जनित बीमारियों की चपेट में आने से खुद को बचाएं। उन्होंने बताया कि डेंगू व मलेरिया के साथ वायरल बुखार के प्रति भी सावधानी बरतें। जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम है। उन्हें संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
जब व्यक्ति डेंगू और मलेरिया व वायरल बुखार से ग्रसित होता है, तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता और कम हो जाती है। इससे वह प्रभावित होता है।
उन्होंने बताया जिले में डेंगू,चिकनगुनिया और जापानी बुखार का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। वायरल बुखार से काफी लोग पीड़ित हैं।
सीएमओ ने सभी ग्राम प्रधानों से अपील की है कि यदि गांव में अधिक संख्या में बुखार के मरीज हैं, तो सीएमओ कार्यालय व सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक को बताएं। ताकि स्वास्थ विभाग की टीम गांव पहुंचकर कैंप लगाकर मरीजों की जांच और निशुल्क दवा का वितरण कर सके।
ये सावधानी बरतें
- घरों के आस-पास साफ-सफाई रखें।
- गुनगुना पानी पिएं
- ताजा गरम भोजन लें।
पूरे जिले में चलाया जाएगा अभियान
इटावा। जिला मलेरिया अधिकारी नीरज दुबे बताया कि पूरे जिले में सफाई अभियान चलाया जाएगा। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में एंटी लार्वा का छिड़काव व फागिंग कराई जाएगी। इस समय बारिश के कारण गड्ढों व निचले स्थानों में जलभराव से बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है।
अधिकारी बाढ़ व अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। आशा, संगिनी, आंगनबाड़ी समेत सभी संबंधित कर्मियों को सक्रिय किया गया है। ग्राम्य विकास, नगर विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य शिक्षा विभाग अंत विभागीय समन्वय के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा का विशेष अभियान चलाया जाएगा।
शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो। पानी उबाल कर छान कर पीने की जानकारी दें। क्लोरीन की गोलियां वितरित की जाएंगी। पंचायतीराज और नगर विकास विभाग द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में भी स्वच्छता-सैनीटाइजेशन का कार्य कराया जाएगा।
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शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भी वायरल फीवर, डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में बीते 15 दिनों में 5452 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच चुके हैं।
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केवल जिला अस्पताल में 10 दिन में 94 मरीजों को भर्ती किया गया। सरकारी आंकड़ों से ही अनुमान लगाया जा सकता है कि जिले में वायरल फीवर, डेंगू व अन्य संक्रामक बीमारियों का कितना प्रकोप है।
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संतोषपुर घाट गांव के तीन लोगों को डेंगू की पुष्टि
बसरेहर विकासखंड क्षेत्र के संतोषपुर घाट गांव में वायरल व डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। गांव के तीन लोगों को डेंगू ने अपनी चपेट में ले रखा है। वहीं, 80 के करीब लोग बुखार से पीड़ित हैं। इनमें कई बच्चे भी शामिल हैं।
गांव की गंगाश्री देवी को हालात बिगड़ने पर परिजन जिला अस्पताल ले गए। वहां पर उन्हें भर्ती नहीं किया गया। पति कोमल सिंह ने आरोप लगाया जिला अस्पताल के 26 नंबर कमरे में जाकर उन्होंने पत्नी को दिखाया।
वहां से कमरा नंबर 32 में भेज दिया। वहां पहुंचा तो कोमल को कर्मचारियों ने भर्ती करने से मना कर दिया। उसके बाद उसने एक रिश्तेदार से पांच हजार रुपये कर्ज लेकर पत्नी का निजी अस्पताल में इलाज कराया।
गांव के धर्मवीर सिंह और उनकी बेटी कुसुम लता समेत तीन लोगों की लैब की जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा गांव की मुन्नी देवी, दो वर्ष का यश, सत्यवीर सिंह व रेनू देवी व उनके दो बच्चे रितेश और गुनगुन व प्रेमबत्ती देवी व सनी व पंकज व रनजीत सिंह समेत तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं।
गांव में छोटे-छोटे बच्चे भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे ही हालात शहर के कई मोहल्लों व ग्रामीण क्षेत्र के गांवों के हैं। डॉक्टरों की टीमें लगातार प्रभावित गांवों में नजर रख रही हैं।
इटावा। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बढ़ते वायरल, डेंगू व मलेरिया के रोगियों की संख्या को देखते हुए जिले में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिला अस्पताल में डेंगू व मलेरिया के मरीजों के लिए 35 बेड का वार्ड तैयार किया गया है।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्र की सभी सीएचसी में चार-चार बेड आरक्षित करा दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. भगवान दास का दावा है कि मलेरिया, डेंगू व वायरल फीवर के रोगियों के इलाज का सभी अस्पतालों में बंदोबस्त किया गया है। दवाएं भी पर्याप्त मात्र अस्पतालों में उपलब्ध हैं।
सीएमओ ने बताया कि जिन गांव या कस्बों में वायरल फीवर या अन्य किसी संक्रामक बीमारी से मरीज मिलेंगे। वहां संबंधित ब्लाक की सीएचसी के डॉक्टर कैंप लगाएंगे। वहीं पर रोगियों के ब्लड आदि की जांच होगी। दवाएं भी दी जाएंगी।
मरीजों का पता लगाने की जिम्मेदारी एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी लगाया गया है। एएनएम गांव में ही रोगी के ब्लड की जांच के लिए स्लाइड बनाएंगी। स्लाइड को संबंधित सीएचसी में देंगी। इस काम के बदले में एएनएम को 20 रुपये का इनसेंटिव दिया जाएगा।
सीएमओ की सलाह
सीएमओ ने बताया कि बरसात के मौसम में लोगों को मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियों से बचने की जरूरत है। डेंगू और मलेरिया के चलते लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इससे कोरोना का खतरा बढ़ जाता है।
इसलिए जरूरी है कि लोगों को मच्छर जनित बीमारियों की चपेट में आने से खुद को बचाएं। उन्होंने बताया कि डेंगू व मलेरिया के साथ वायरल बुखार के प्रति भी सावधानी बरतें। जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम है। उन्हें संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
जब व्यक्ति डेंगू और मलेरिया व वायरल बुखार से ग्रसित होता है, तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता और कम हो जाती है। इससे वह प्रभावित होता है।
उन्होंने बताया जिले में डेंगू,चिकनगुनिया और जापानी बुखार का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। वायरल बुखार से काफी लोग पीड़ित हैं।
सीएमओ ने सभी ग्राम प्रधानों से अपील की है कि यदि गांव में अधिक संख्या में बुखार के मरीज हैं, तो सीएमओ कार्यालय व सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक को बताएं। ताकि स्वास्थ विभाग की टीम गांव पहुंचकर कैंप लगाकर मरीजों की जांच और निशुल्क दवा का वितरण कर सके।
ये सावधानी बरतें
- घरों के आस-पास साफ-सफाई रखें।
- गुनगुना पानी पिएं
- ताजा गरम भोजन लें।
पूरे जिले में चलाया जाएगा अभियान
इटावा। जिला मलेरिया अधिकारी नीरज दुबे बताया कि पूरे जिले में सफाई अभियान चलाया जाएगा। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में एंटी लार्वा का छिड़काव व फागिंग कराई जाएगी। इस समय बारिश के कारण गड्ढों व निचले स्थानों में जलभराव से बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है।
अधिकारी बाढ़ व अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। आशा, संगिनी, आंगनबाड़ी समेत सभी संबंधित कर्मियों को सक्रिय किया गया है। ग्राम्य विकास, नगर विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य शिक्षा विभाग अंत विभागीय समन्वय के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा का विशेष अभियान चलाया जाएगा।
शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो। पानी उबाल कर छान कर पीने की जानकारी दें। क्लोरीन की गोलियां वितरित की जाएंगी। पंचायतीराज और नगर विकास विभाग द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में भी स्वच्छता-सैनीटाइजेशन का कार्य कराया जाएगा।

लि अस्पताल में तैयार डेंगू वार्ड- फोटो : ETAWAH