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बारिश के बाद नहरें उफनाई, 700 बीघा फसल डूबी
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बकेवर क्षेत्र में आलू, सरसों और गेहूं के खेत में पानी भर गया।
- फोटो : ETAWHA
इटावा। बारिश और सिंचाई का काम बंद होने से नहरें उफनाने लगी हैं। पानी अधिक होने से रजबहों और बंबों के पटरियां टूट गईं। 700 बीघा से अधिक फसलें डूब गईं हैं। सूचना पर जेई सिंचाई मौके पर पहुंचे और शटर खुलवाकर पानी खार में छुड़वाया। ऊपर से पानी कम कराने के लिए अधिकारियों को जेई ने सूचना दे दी है।
बसरेहर ब्लॉक क्षेत्र से नहर निकली है। बारिश के बाद सिंचाई का काम बंद हो गया है। बारिश पानी भी नहर में आ गया है। इससे नहर पानी बढ़ गया है। नहर के साथ ही राहिन पुल से भद्दा मई तक माइनर और रजबहे भी ओवरफ्लो बह रहे हैं। गंगापुरा माइनर की पटरी टूट ने से सुशील कुमार की 15, पप्पू सिंह की छह, भूरे सिंह की आठ, गोविंद की आठ, जगजीत की छह, सोनू की छह, श्याम प्रकाश की पांच, आज्ञाराम की 15, विशेष कुमार की चार आदि किसानों की करीब 100 बीघा फसल डूब गई है। चक्कन गांव के पास तखरओ माइनर की पटरी बाबूराम यादव के खेत के सामने टूट गई। इससे भी करीब 100 बीघा गेहूं की फसल में दो फीट तक पानी भर गया है।
किसानों ने जैसे तैसे खांदी बांध कर पानी रोका। यहां बाबूराम, विनोद कुमार, सुरेंद्र कुमार, नरेश चंद, हरभान सिंह, प्रमोद कुमार, राजेश के खेत में पानी भर गया है। नहर में पानी 8.5 फीट के ऊपर बह रहा है। किसानों की सूचना पर जेई कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बसगमा झाल के पास लगे शटर खारज में खुलवा दिए हैं।
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इससे पानी कम होने लगा है। जेई गजेंद्र सिंह ने बताया ऊपर से पानी बढ़ने से समस्या हुई है। पानी कम कराने के लिए उच्चाअधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।
उधर, ताखा ब्लॉक के चौपुला से नगरिया यादवान की ओर जाने वाला रजबहा की खांदी गुरुवार शाम करीब पांच बजे समथर और अमथरी गांव के बीच तीन जगह टूट गई। पहले खांदी अमथरी के प्राथमिक विद्यालय के पास टूटी। ग्रामीण फावड़े लेकर वहां पहुंचे और करीब एक घंटे में दो मीटर की खांदी बांध पाए। इसी बीच समथर की ओर दो स्थानों खांदी कट गई। इससे नगला हसे, मानिकपुर, नगंला मनफूल गांव के किसानों के खेतों में पानी भर गया। पानी का बहाव तेज होने से किसान रात करीब 10 बजे तक खांदी बांध नहीं पाए। शुक्रवार सुबह किसान तहसील पहुंचे और एसडीएम से शिकायत की। इसके बाद नहर विभाग के कर्मचारियों ने खांदी बांद की। नहर के पानी में किसान विश्राम सिंह, महाराज सिंह, ब्रजराज सिंह, प्रमोद, राकेश, संजू बाल्मीकि, राम आसरे, मनोज, रामशंकर रामबाबू, बंसीलाल आदि किसानों की करीब 500 बीघा फसल में पानी भर गया है।
एसडीएम ताखा नंदलाल मौर्य ने कहा कि रजबहा कटने से फसलों के नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। करीब 50 एकड़ फसल प्रभावित हुई है। फसल बीमा एजेंसी से मुआवजा दिलाया जाएगा।
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बसरेहर ब्लॉक क्षेत्र से नहर निकली है। बारिश के बाद सिंचाई का काम बंद हो गया है। बारिश पानी भी नहर में आ गया है। इससे नहर पानी बढ़ गया है। नहर के साथ ही राहिन पुल से भद्दा मई तक माइनर और रजबहे भी ओवरफ्लो बह रहे हैं। गंगापुरा माइनर की पटरी टूट ने से सुशील कुमार की 15, पप्पू सिंह की छह, भूरे सिंह की आठ, गोविंद की आठ, जगजीत की छह, सोनू की छह, श्याम प्रकाश की पांच, आज्ञाराम की 15, विशेष कुमार की चार आदि किसानों की करीब 100 बीघा फसल डूब गई है। चक्कन गांव के पास तखरओ माइनर की पटरी बाबूराम यादव के खेत के सामने टूट गई। इससे भी करीब 100 बीघा गेहूं की फसल में दो फीट तक पानी भर गया है।
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किसानों ने जैसे तैसे खांदी बांध कर पानी रोका। यहां बाबूराम, विनोद कुमार, सुरेंद्र कुमार, नरेश चंद, हरभान सिंह, प्रमोद कुमार, राजेश के खेत में पानी भर गया है। नहर में पानी 8.5 फीट के ऊपर बह रहा है। किसानों की सूचना पर जेई कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बसगमा झाल के पास लगे शटर खारज में खुलवा दिए हैं।
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इससे पानी कम होने लगा है। जेई गजेंद्र सिंह ने बताया ऊपर से पानी बढ़ने से समस्या हुई है। पानी कम कराने के लिए उच्चाअधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।
उधर, ताखा ब्लॉक के चौपुला से नगरिया यादवान की ओर जाने वाला रजबहा की खांदी गुरुवार शाम करीब पांच बजे समथर और अमथरी गांव के बीच तीन जगह टूट गई। पहले खांदी अमथरी के प्राथमिक विद्यालय के पास टूटी। ग्रामीण फावड़े लेकर वहां पहुंचे और करीब एक घंटे में दो मीटर की खांदी बांध पाए। इसी बीच समथर की ओर दो स्थानों खांदी कट गई। इससे नगला हसे, मानिकपुर, नगंला मनफूल गांव के किसानों के खेतों में पानी भर गया। पानी का बहाव तेज होने से किसान रात करीब 10 बजे तक खांदी बांध नहीं पाए। शुक्रवार सुबह किसान तहसील पहुंचे और एसडीएम से शिकायत की। इसके बाद नहर विभाग के कर्मचारियों ने खांदी बांद की। नहर के पानी में किसान विश्राम सिंह, महाराज सिंह, ब्रजराज सिंह, प्रमोद, राकेश, संजू बाल्मीकि, राम आसरे, मनोज, रामशंकर रामबाबू, बंसीलाल आदि किसानों की करीब 500 बीघा फसल में पानी भर गया है।
एसडीएम ताखा नंदलाल मौर्य ने कहा कि रजबहा कटने से फसलों के नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। करीब 50 एकड़ फसल प्रभावित हुई है। फसल बीमा एजेंसी से मुआवजा दिलाया जाएगा।