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बारिश से आधा दर्जन मकान क्षतिग्रस्त, तीन घायल
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तरलियन खोड़न गांव में दलदल से होकर निकलते ग्रामीण
- फोटो : ETAWAH
इटावा/भरथना/सैफई। बरसात थम नहीं रही है, शुक्रवार को दूसरे दिन भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। कहीं सड़कों पर जलभराव तो कहीं दुकानों में पानी घुस गया। कच्चे रास्ते दलदल में तब्दील हो गए।
इससे लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ीं। सैफई के पीजीआई चौराहा व गोल चक्कर पर बारिश के बाद जलभराव से सड़क ने तालाब का रूप ले लिया।
इससे मेडिकल यूनिवर्सिटी जाने वाले मरीजों व तीमारदारों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा। वहीं, बारिश के दौरान बीते 24 घंटों में जिले में अलग-अलग जगह आधा दर्जन से ज्यादा मकान भरभरा कर ढह गए।
मलबे में दबकर तीन लोग घायल हो गए। बसरेहर के पास दतावली पुल से लगभग तीन किलोमीटर दूर गुरुवार को नहर की पटरी पर पेड़ गिरने आवागमन बंद रहा। जिम्मेदारों ने दूसरे दिन भी पेड़ हटवाने के बाबत कुछ नहीं किया।
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भरथना में चार घरों की छत व दीवार बारिश से गिर गई। नायब तहसीलदार विशाल सिंह ने बताया कि सराय चौरी में कमलेश कुमारी के कच्चे मकान की छत का एक हिस्सा गिर गया। खितौरा गांव में पक्की दीवार गिरने से शिशुपाल का पुत्र मयंक घायल हो गया।
परिजन घायल को ग्वालियर अस्पताल लेकर गए हैं। जैतपुर (बिजौली) में जागेश्वर दयाल के मकान की पक्की दीवार गिरने से वह खुद चुटहिल हो गए।
बकेबर के लुधियानी गांव में साधना के कच्चे मकान का एक हिस्सा ढह गया। भरथना कस्बा स्थित मिडिल स्कूल परिसर में स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने स्थित मैदान में दूसरे दिन भी पानी भरा रहा।
चकरनगर संवाद न्यूज एजेंसी के मुताबिक तेज बारिश से गांव पसिया में पारथ सिंह, नरसिंह, तिलियन खोडन में कठोरे लाल व राम भरोसे के मकान भरभरा कर गिर गए। किसी को चोट नहीं आई है।
उधर, महेवा संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार गांव मुकुटपुर में सोबरन सिंह का कच्चा मकान, बस्ती महेवा में लल्लन बाबू सविता का मकान भी ध्वस्त हो गया। सूचना मिलने पर लेखपाल सुधीर चौबे ने पहुंचकर जायजा लिया।
ताखा संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार समथर ग्राम पंचायत के मजरा नगला तार में बलराम का कच्चा मकान गिर गया। बेलाहार में शिवकुमार का कच्चा मकान, नगला लछी में जगन्नाथ कठेरिया का कच्चा मकान और ग्राम पंचायत आड़रपुर में जनवेद कुमार का कच्चा मकान गिर गया।
जसवंतनगर के ग्राम धनुआ निवासी दिव्यांग रमेश चंद्र राठौर के मकान की छत व दीवार भरभराकर गिर गई। नगला लायक में विधवा महिला रीमा देवी का भी मकान गिर गया।
जलभराव व दलदल बनी मुसीबत
चकरनगर। हनुमंतपुरा चौराहा बाजार में जल निकासी का इंतजाम न होने से जलभराव से बारिश का पानी कई दुकानों में घुस गया। तेज बारिश के बाद जलभराव से चौराहे व मुख्य बाजरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
नायब तहसीलदार चकरनगर संदीप सिंह ने बताया कि कस्ब की जलनिकासी के लिए पूर्व में ही संबंधित विभाग को लिखा जा चुका है। चकरनगर के बीहड़ क्षेत्र के कुंवारी नदी के किनारे जंगलों में बसा तिलियन खोडन गांव की दो किलोमीटर सड़क दलदल में तब्दील हो चुकी है।
ग्रामीण रवि प्रताप सिंह राठौर, जयपाल सिंह, रामनारायण, जयकुमार, गणेश सिंह ने बताया कि दलदल से होकर निकलना मुश्किल हो रहा है। जूते भी हाथ में लेकर निकलना पड़ता है।
धान की फसल के लिए अमृत बनी बारिश
बकेवर। दो दिन से हो रही बरसात से बाजरा की अगेती फसल खेत में बिछ जाने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं, पिछेती फसल को कोई नुकसान नहीं है। धान की फसल के लिए किसान लाभदायक बता रहे हैं।
किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए यह बारिश अमृत के समान है। धान में लगने वाले छोटे-मोटे कीट पतंगा रोग इस बारिश से पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। किसान कल्लू पाल व कृष्ण अवस्थी का कहना है कि बाजरा की फसल खेतों में गिरने से उसकी बाली दाना के साथ-साथ कंडवा रोग लग जाने से नष्ट हो जाएगी।
सरसों व सब्जी के लिए नुकसानदायक
लवेदी। सरसों बोने वाले किसान इस बरसात को नुकसानदायक बता रहे हैं। गांव मडौली निवासी सब्जी उत्पादक किसान राजवीर कुशवाहा बताते हैं कि उनके खेत में मूली और तोरई की फसल खड़ी हुई है। बारिश से खेतों में पानी भरा हुआ है, जिससे सब्जी सड़ सकती है।
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इससे लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ीं। सैफई के पीजीआई चौराहा व गोल चक्कर पर बारिश के बाद जलभराव से सड़क ने तालाब का रूप ले लिया।
इससे मेडिकल यूनिवर्सिटी जाने वाले मरीजों व तीमारदारों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा। वहीं, बारिश के दौरान बीते 24 घंटों में जिले में अलग-अलग जगह आधा दर्जन से ज्यादा मकान भरभरा कर ढह गए।
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मलबे में दबकर तीन लोग घायल हो गए। बसरेहर के पास दतावली पुल से लगभग तीन किलोमीटर दूर गुरुवार को नहर की पटरी पर पेड़ गिरने आवागमन बंद रहा। जिम्मेदारों ने दूसरे दिन भी पेड़ हटवाने के बाबत कुछ नहीं किया।
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भरथना में चार घरों की छत व दीवार बारिश से गिर गई। नायब तहसीलदार विशाल सिंह ने बताया कि सराय चौरी में कमलेश कुमारी के कच्चे मकान की छत का एक हिस्सा गिर गया। खितौरा गांव में पक्की दीवार गिरने से शिशुपाल का पुत्र मयंक घायल हो गया।
परिजन घायल को ग्वालियर अस्पताल लेकर गए हैं। जैतपुर (बिजौली) में जागेश्वर दयाल के मकान की पक्की दीवार गिरने से वह खुद चुटहिल हो गए।
बकेबर के लुधियानी गांव में साधना के कच्चे मकान का एक हिस्सा ढह गया। भरथना कस्बा स्थित मिडिल स्कूल परिसर में स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने स्थित मैदान में दूसरे दिन भी पानी भरा रहा।
चकरनगर संवाद न्यूज एजेंसी के मुताबिक तेज बारिश से गांव पसिया में पारथ सिंह, नरसिंह, तिलियन खोडन में कठोरे लाल व राम भरोसे के मकान भरभरा कर गिर गए। किसी को चोट नहीं आई है।
उधर, महेवा संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार गांव मुकुटपुर में सोबरन सिंह का कच्चा मकान, बस्ती महेवा में लल्लन बाबू सविता का मकान भी ध्वस्त हो गया। सूचना मिलने पर लेखपाल सुधीर चौबे ने पहुंचकर जायजा लिया।
ताखा संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार समथर ग्राम पंचायत के मजरा नगला तार में बलराम का कच्चा मकान गिर गया। बेलाहार में शिवकुमार का कच्चा मकान, नगला लछी में जगन्नाथ कठेरिया का कच्चा मकान और ग्राम पंचायत आड़रपुर में जनवेद कुमार का कच्चा मकान गिर गया।
जसवंतनगर के ग्राम धनुआ निवासी दिव्यांग रमेश चंद्र राठौर के मकान की छत व दीवार भरभराकर गिर गई। नगला लायक में विधवा महिला रीमा देवी का भी मकान गिर गया।
जलभराव व दलदल बनी मुसीबत
चकरनगर। हनुमंतपुरा चौराहा बाजार में जल निकासी का इंतजाम न होने से जलभराव से बारिश का पानी कई दुकानों में घुस गया। तेज बारिश के बाद जलभराव से चौराहे व मुख्य बाजरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
नायब तहसीलदार चकरनगर संदीप सिंह ने बताया कि कस्ब की जलनिकासी के लिए पूर्व में ही संबंधित विभाग को लिखा जा चुका है। चकरनगर के बीहड़ क्षेत्र के कुंवारी नदी के किनारे जंगलों में बसा तिलियन खोडन गांव की दो किलोमीटर सड़क दलदल में तब्दील हो चुकी है।
ग्रामीण रवि प्रताप सिंह राठौर, जयपाल सिंह, रामनारायण, जयकुमार, गणेश सिंह ने बताया कि दलदल से होकर निकलना मुश्किल हो रहा है। जूते भी हाथ में लेकर निकलना पड़ता है।
धान की फसल के लिए अमृत बनी बारिश
बकेवर। दो दिन से हो रही बरसात से बाजरा की अगेती फसल खेत में बिछ जाने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं, पिछेती फसल को कोई नुकसान नहीं है। धान की फसल के लिए किसान लाभदायक बता रहे हैं।
किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए यह बारिश अमृत के समान है। धान में लगने वाले छोटे-मोटे कीट पतंगा रोग इस बारिश से पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। किसान कल्लू पाल व कृष्ण अवस्थी का कहना है कि बाजरा की फसल खेतों में गिरने से उसकी बाली दाना के साथ-साथ कंडवा रोग लग जाने से नष्ट हो जाएगी।
सरसों व सब्जी के लिए नुकसानदायक
लवेदी। सरसों बोने वाले किसान इस बरसात को नुकसानदायक बता रहे हैं। गांव मडौली निवासी सब्जी उत्पादक किसान राजवीर कुशवाहा बताते हैं कि उनके खेत में मूली और तोरई की फसल खड़ी हुई है। बारिश से खेतों में पानी भरा हुआ है, जिससे सब्जी सड़ सकती है।

भरथना में बारिश से क्षतिग्रस्त मकान- फोटो : ETAWAH

बाजरा की फसल- फोटो : ETAWAH