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अधूरी पड़ी कान्हा गोशाला, बजट का इंतजार
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फोटो संख्या 14- सड़क पर खड़े छुट्टा गोशाला
- फोटो : ETAWAH
इटावा। राहतपुरा गांव में बन रही 500 गोवंशों की क्षमता वाली कान्हा गोशाला का निर्माण दो साल में भी पूरा नहीं हो सका है। बजट के अभाव में भुगतान न होने से ठेकेदार ने छह महीने पहले काम बंद कर दिया है।
इससे गोशाला का निर्माण अधूरा पड़ा है। बड़ी संख्या में सड़कों पर घूम रहे गोवंश हादसों की वजह बन रहे हैं। गोवंशों से टकराकर कई लोग जान गंवा चुके हैं। कई बार खुद गोवंश हादसे का शिकार हो जाते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवंशों को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश भर में कान्हा गोशालाओं का निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत राहतपुरा गांव में दो साल पहले लगभग 1.65 करोड़ रुपये की लागत से 500 गोवंशों की क्षमता वाली कान्हा गोशाला का निर्माण कार्य शुरू हुआ।
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600 वर्गमीटर में बनने वाली कान्हा गोशाला के लिए नगर पालिका परिषद ने नगर विकास विभाग को जमीन चिन्ह्ति कर प्रस्ताव भेजा था। इस पर नगर विकास विभाग ने गोशाला के लिए 82.95 लाख रुपये जारी किए थे।
इसके बाद ठेकेदार बंटी ने करीब दो साल पहले गोशाला का निर्माण कार्य शुरू कराया। ठेकेदार ने गोशाला निर्माण का 75 फीसदी से ज्यादा काम पूरा करा दिया। इस बीच ठेकेदार ने भुगतान के लिए कई बार संबंधित अफसरों से संपर्क किया, लेकिन हर बार अफसरों ने बजट की दूसरी किस्त जारी न होने पर असमर्थता जताई।
छह महीने से बंद पड़ा है निर्माण कार्य
बकाया भुगतान न होने पर ठेकेदार ने छह महीने पहले गोशाला निर्माण का काम बंद कर दिया। तब से मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट कान्हा गोशाला निर्माण कार्य अटका पड़ा है। अभी गोशाला में सड़क और बायोगैस प्लांट समेत कई काम बाकी है। उधर, गोशाला का निर्माण पूरा न होने की वजह से छुट्टा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं।
महंगाई से बढ़ गई गोशाला की लागत
जिस समय कान्हा गोशाला के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया था, उस वक्त लागत 1.65 करोड़ रुपये थी। अब बिल्डिंग मैटेरियल, मजदूरी और परिवहन भाड़ा महंगा हो गया है। नगर पालिका के अधिकारियों की मानें तो रिवाइज इस्टीमेट में गोशाला के निर्माण की कीमत 1.65 करोड़ से बढ़कर करीब ढाई करोड़ पहुंच गई है। जल्द ही रिवाइज इस्टीमेट के साथ फाइल शासन को भेजने की तैयारी है।
कान्हा गोशाला का निर्माण दो साल पहले शुरू हुआ था। टिन शेड, बाउंड्री, गोवंशों के लिए चरहई, कर्मचारी आवास, भूसा स्टोर समेत 75 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। शासन से जारी बजट की पहली किस्त का 82.95 लाख रुपया खर्च हो चुका है। बाकी 83 लाख का बजट जारी नहीं हुआ है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
- अनिल कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, इटावा
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इससे गोशाला का निर्माण अधूरा पड़ा है। बड़ी संख्या में सड़कों पर घूम रहे गोवंश हादसों की वजह बन रहे हैं। गोवंशों से टकराकर कई लोग जान गंवा चुके हैं। कई बार खुद गोवंश हादसे का शिकार हो जाते हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवंशों को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश भर में कान्हा गोशालाओं का निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत राहतपुरा गांव में दो साल पहले लगभग 1.65 करोड़ रुपये की लागत से 500 गोवंशों की क्षमता वाली कान्हा गोशाला का निर्माण कार्य शुरू हुआ।
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600 वर्गमीटर में बनने वाली कान्हा गोशाला के लिए नगर पालिका परिषद ने नगर विकास विभाग को जमीन चिन्ह्ति कर प्रस्ताव भेजा था। इस पर नगर विकास विभाग ने गोशाला के लिए 82.95 लाख रुपये जारी किए थे।
इसके बाद ठेकेदार बंटी ने करीब दो साल पहले गोशाला का निर्माण कार्य शुरू कराया। ठेकेदार ने गोशाला निर्माण का 75 फीसदी से ज्यादा काम पूरा करा दिया। इस बीच ठेकेदार ने भुगतान के लिए कई बार संबंधित अफसरों से संपर्क किया, लेकिन हर बार अफसरों ने बजट की दूसरी किस्त जारी न होने पर असमर्थता जताई।
छह महीने से बंद पड़ा है निर्माण कार्य
बकाया भुगतान न होने पर ठेकेदार ने छह महीने पहले गोशाला निर्माण का काम बंद कर दिया। तब से मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट कान्हा गोशाला निर्माण कार्य अटका पड़ा है। अभी गोशाला में सड़क और बायोगैस प्लांट समेत कई काम बाकी है। उधर, गोशाला का निर्माण पूरा न होने की वजह से छुट्टा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं।
महंगाई से बढ़ गई गोशाला की लागत
जिस समय कान्हा गोशाला के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया था, उस वक्त लागत 1.65 करोड़ रुपये थी। अब बिल्डिंग मैटेरियल, मजदूरी और परिवहन भाड़ा महंगा हो गया है। नगर पालिका के अधिकारियों की मानें तो रिवाइज इस्टीमेट में गोशाला के निर्माण की कीमत 1.65 करोड़ से बढ़कर करीब ढाई करोड़ पहुंच गई है। जल्द ही रिवाइज इस्टीमेट के साथ फाइल शासन को भेजने की तैयारी है।
कान्हा गोशाला का निर्माण दो साल पहले शुरू हुआ था। टिन शेड, बाउंड्री, गोवंशों के लिए चरहई, कर्मचारी आवास, भूसा स्टोर समेत 75 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। शासन से जारी बजट की पहली किस्त का 82.95 लाख रुपया खर्च हो चुका है। बाकी 83 लाख का बजट जारी नहीं हुआ है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
- अनिल कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, इटावा

फोटो संख्या 15- राहतपुरा गांव में बन रही कान्हा गोशाला का तैयार टिनशेड- फोटो : ETAWAH

फोटो संख्या 16- राहतपुरा में अधूरी पड़ी कान्हा गोशाला- फोटो : ETAWAH