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इस्लाम बचाने के लिए मासूम अली असग़र को भी कुर्बानी देनी पड़ी
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फोटो संख्या 03- तक़रीर करते मौलाना आरिफ हैदर नक़वी बांदा व मौलाना अनवारुल हसन जैदी।
- फोटो : ETAWAH
इटावा। इमाम हुसैन के छह माह के बेटे हजरत अली असगर की शहादत पर घटिया अजमत अली स्थित अली मेंहदी के मकान पर मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें अली असगर के झूले की जियारत बरामद की गई।
मौलाना अनवारुल हसन जैदी ने तकरीर करते हुए कहा कि कर्बला में इमाम हुसैन तीन दिन प्यासे मासूम अली असगर को पानी पिलाने ले गए तो दुश्मने इस्लाम ने अली असगर को पानी न पिलाया और तीर से हमला करके उन्हें शहीद कर दिया। हुसैन ने कर्बला में 72 कुर्बानियां देकर रसूल अल्लाह के दीन इस्लाम और इंसानियत को मिटने से बचाया।
मौलाना आरिफ हैदर नकवी बांदा ने कहा कि कर्बला में 7 मोहर्रम से हुसैन के खेमों में पानी पर दुश्मनों ने रोक लगा दी और हुसैन और उनके साथी तीन दिन तक भूखे प्यासे रहे।
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इमाम हुसैन का इस्लाम और इंसानियत पर बहुत बड़ा एहसान है। कर्बला में मौला अब्बास, अली अकबर, जनाबे कासिम, अली असग़र भी शहीद हुए आज पूरी दुनिया में शहीदों का गम मनाया जा रहा है।
अंजुमने हैदरी कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शावेज नकवी ने बताया कि घटिया अजमत अली इमाम बारगाह में मुस्ते हसन, दरगाह हजरत अब्बास महेरे पर शारू, नौरंगाबाद स्थित इमामबाड़ा वक्फ तमीजन व काजमी में मुतवल्ली राहत हुसैन रिजवी, शरीफ मंजिल सैदबाड़ा मे राहत अकील, पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े में गुलामुस सैयदेन, आलमपुरा में शानू की ओर से मजलिसे हुईं।
मजलिसों में तस्लीम रजा, सलीम रजा, जाफ़र ईरानी, आलिम रिजवी, जहूर नक़वी ने सोजख़्वानी, तनवीर हसन, जाफ़र ईरानी, सैफू, राहिल ने नोहखवानी की और बच्चों ने कलाम पेश किए।
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मौलाना अनवारुल हसन जैदी ने तकरीर करते हुए कहा कि कर्बला में इमाम हुसैन तीन दिन प्यासे मासूम अली असगर को पानी पिलाने ले गए तो दुश्मने इस्लाम ने अली असगर को पानी न पिलाया और तीर से हमला करके उन्हें शहीद कर दिया। हुसैन ने कर्बला में 72 कुर्बानियां देकर रसूल अल्लाह के दीन इस्लाम और इंसानियत को मिटने से बचाया।
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मौलाना आरिफ हैदर नकवी बांदा ने कहा कि कर्बला में 7 मोहर्रम से हुसैन के खेमों में पानी पर दुश्मनों ने रोक लगा दी और हुसैन और उनके साथी तीन दिन तक भूखे प्यासे रहे।
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इमाम हुसैन का इस्लाम और इंसानियत पर बहुत बड़ा एहसान है। कर्बला में मौला अब्बास, अली अकबर, जनाबे कासिम, अली असग़र भी शहीद हुए आज पूरी दुनिया में शहीदों का गम मनाया जा रहा है।
अंजुमने हैदरी कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शावेज नकवी ने बताया कि घटिया अजमत अली इमाम बारगाह में मुस्ते हसन, दरगाह हजरत अब्बास महेरे पर शारू, नौरंगाबाद स्थित इमामबाड़ा वक्फ तमीजन व काजमी में मुतवल्ली राहत हुसैन रिजवी, शरीफ मंजिल सैदबाड़ा मे राहत अकील, पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े में गुलामुस सैयदेन, आलमपुरा में शानू की ओर से मजलिसे हुईं।
मजलिसों में तस्लीम रजा, सलीम रजा, जाफ़र ईरानी, आलिम रिजवी, जहूर नक़वी ने सोजख़्वानी, तनवीर हसन, जाफ़र ईरानी, सैफू, राहिल ने नोहखवानी की और बच्चों ने कलाम पेश किए।