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टैक्स स्लैब में बदलाव न होने से कर्मचारी जगत में भारी निराशा

Mon, 01 Feb 2021 10:53 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 01 Feb 2021 10:53 PM IST
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इटावा। केंद्र सरकार के आम बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। शुद्ध हवा, पानी और पर्यावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वहीं देश का सबसे बड़ा कर्मचारी वर्ग अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। कोरोना काल में सरकार ने देश के सभी सेक्टरों को रियायतें दी। परंतु उस समय कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार टैक्स स्लैब में बदलाव कर राहत देगी। परंतु ऐसा नहीं हुआ। टैक्स स्लैब में बदलाव न किए जाने से कर्मचारियों में निराशा है। सरकार ने पहली बार स्वास्थ्य विभाग का बजट 137 फीसदी बढ़ाकर समाज के सभी वर्गों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं का मार्ग प्रशस्त किया है।
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हेल्थ सेक्टर को मजबूती मिलेगी
जिले के प्रमुख अर्थशास्त्री एवं क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कानपुर डॉ. रिपुदमन सिंह का कहना है कि 2021-22 के लिए पेश किया गया बजट विकास परख है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ सेक्टर तथा कोविड -19 से निपटने के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। बजट की घोषणा होते ही सेंसेक्स में 2000 अंक की वृद्धि हुई है , क्योंकि अर्थव्यवस्था में विनियोग के लिए इस बजट में प्राथमिकता दी गई है। स्टार्टअप स्कीम के लिए पुन: एक साल तक टैक्स फ्री किया गया है । कुल मिलाकर यह बजट कोरोना से जूझती हुई अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने में तथा भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा।
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बैंकों के डूबते ऋण बच सकेंगे
इलाहाबाद बैंक के सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रबंधक अनुराग मिश्र ने कहा कि बैंकों के डूबते ऋण वसूली हेतु ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी बनाए जाने की घोषणा, लघु उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु प्रस्ताव, किसानों के लिए एमएसपी सिस्टम में (लागत से डेढ़ गुने से ज्यादा मूल्य देने हेतु ) बदलाव का प्रस्ताव बेहतर है। सरकार का पीपीपी ( पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप ) के तहत बढ़ावा देने हेतु अनेक प्रस्ताव इस बजट में हैं। आईडीबीआई बैंक के निजीकरण व एलआईसी में एफडीआई को 74 प्रतिशत करना इसी ओर संकेत हैं।
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कर्मचारी समाज के लिए ठेंगा दिखाने वाला बजट
इटावा। जिस कर्मचारी समाज ने कोरोना जैसे आपात काल में सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर काम किया हो। जो सरकार के निर्णय पर अमल के लिए और विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हो उसके समाज के लिए बजट में ठेंगा दिखाया गया है। न तो बजट में सीज किए गए भत्तों की चर्चा की गई न ही केशलेस इलाज पर। न ही पुरानी पेंशन व्यवस्था का कोई प्राविधान किया गया। यह बजट पूरी तरह से कारपोरेट घरानों के मार्ग दर्शन में कर्मचारी विरोधी और निराशाजनक बजट है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने बजट पर प्रतिक्रिया के रूप में व्यक्त किए।

युवाओं को मिलेंगे अवसर
ई गवनेंस परियोजना से जुड़े युवा देवेंद्र सिंह बघेल का कहना है कि इस वर्ष का बजट युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरक है। आत्मनिर्भर योजना में युवा/युवतियों को स्किल के साथ आत्मनिर्भर बनकर नया आयाम देने का मौका दिया है। स्किल इंडिया, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, आत्मनिर्भर योजना, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया के क्षेत्र में बजट अच्छा साबित होगा।
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