{"_id":"5e5c07ab8ebc3ef3923e348e","slug":"etawah-news-etawha-news-knp547980587","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीडब्ल्यूडी प्रमुख सचिव बनकर 6 लाख रुपये मांगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीडब्ल्यूडी प्रमुख सचिव बनकर 6 लाख रुपये मांगे
विज्ञापन
इटावा। पीडब्ल्यूडी का प्रमुख सचिव बनकर किसी ठग ने राजकीय निर्माण निगम सैफई के विद्युत परियोजना प्रबंधक से छह लाख रुपयों की मांग की। निगम के प्रभारी अधिकारी ने थाने में कॉल करने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राजकीय निर्माण निगम के प्रभारी अधिकारी/परियोजना प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि घटनाक्रम 13 जनवरी का है। कहा कि जब यह कॉल विद्युत विंग के परियोजना प्रबंधक गिरीश कुमार वर्मा के मोबाइल पर आई तो उन्होंने मुझे इसकी जानकारी दी। बताया कि कॉलर किसी ठेकेदार का नंबर मांग रहा है। उन्होंने सच्चाई का पता लगाने के लिए एक ठेकेदार से कॉलर का नंबर मिलवाया। तब कॉलर ने खुद को पीडब्ल्यूडी का प्रमुख सचिव नितिन कुमार गौकर्ण बताया। परियोजना प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि मोबाइल पर बातचीत के दौरान ठेकेदार के मोबाइल में ट्रू कॉलर एप पर उन्हीं के विभाग के एमडी उत्तम कुमार का नाम आ रहा था। कहा कि वह प्रमुख सचिव व एमडी दोनों की आवाज को पहचानते हैं। इसलिए वह समझ गए थे कि कोई धोखेबाजी से रुपये ऐंठना चाहता है। ठेकेदार से कॉलर ने कहा था कि उसके यहां नेट बैंकिंग की दिक्कत चल रही है। क्या वह छह लाख रुपये आरटीजीएस के जरिये भेज सकते हैं। ठेकेदार ने रुपये भेजने के लिए अकाउंट नंबर मांगा तो कॉलर ने नंबर भेजने की बात करते हुए फोन काट दिया था। इसके बाद जब अकाउंट नंबर नहीं आया तो दो तीन बार फिर से ठेकेदार से कॉल कराई। लेकिन कॉलर ने अकाउंट नंबर नहीं दिया। परियोजना प्रबंधक ने बताया कि ट्रू कॉलर एप्लीकेशन में मोबाइल नंबर को जिस नाम से पहले फीड कर दिया जाता है। वहीं नाम कॉल के दौरान प्रदर्शित होता है। इसीलिए एमडी का नाम आ रहा था। उन्होंने इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की। अधिकारियों के निर्देश पर ही सैफई थाने में शनिवार को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रदेव सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। छह लाख रुपयों की मांग की गई थी। हालांकि रुपये भेजे नहीं गए। कॉल करने वाले व्यक्ति के नंबर को सर्विलांस पर लगाकर पता लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
राजकीय निर्माण निगम के प्रभारी अधिकारी/परियोजना प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि घटनाक्रम 13 जनवरी का है। कहा कि जब यह कॉल विद्युत विंग के परियोजना प्रबंधक गिरीश कुमार वर्मा के मोबाइल पर आई तो उन्होंने मुझे इसकी जानकारी दी। बताया कि कॉलर किसी ठेकेदार का नंबर मांग रहा है। उन्होंने सच्चाई का पता लगाने के लिए एक ठेकेदार से कॉलर का नंबर मिलवाया। तब कॉलर ने खुद को पीडब्ल्यूडी का प्रमुख सचिव नितिन कुमार गौकर्ण बताया। परियोजना प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि मोबाइल पर बातचीत के दौरान ठेकेदार के मोबाइल में ट्रू कॉलर एप पर उन्हीं के विभाग के एमडी उत्तम कुमार का नाम आ रहा था। कहा कि वह प्रमुख सचिव व एमडी दोनों की आवाज को पहचानते हैं। इसलिए वह समझ गए थे कि कोई धोखेबाजी से रुपये ऐंठना चाहता है। ठेकेदार से कॉलर ने कहा था कि उसके यहां नेट बैंकिंग की दिक्कत चल रही है। क्या वह छह लाख रुपये आरटीजीएस के जरिये भेज सकते हैं। ठेकेदार ने रुपये भेजने के लिए अकाउंट नंबर मांगा तो कॉलर ने नंबर भेजने की बात करते हुए फोन काट दिया था। इसके बाद जब अकाउंट नंबर नहीं आया तो दो तीन बार फिर से ठेकेदार से कॉल कराई। लेकिन कॉलर ने अकाउंट नंबर नहीं दिया। परियोजना प्रबंधक ने बताया कि ट्रू कॉलर एप्लीकेशन में मोबाइल नंबर को जिस नाम से पहले फीड कर दिया जाता है। वहीं नाम कॉल के दौरान प्रदर्शित होता है। इसीलिए एमडी का नाम आ रहा था। उन्होंने इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की। अधिकारियों के निर्देश पर ही सैफई थाने में शनिवार को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रदेव सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। छह लाख रुपयों की मांग की गई थी। हालांकि रुपये भेजे नहीं गए। कॉल करने वाले व्यक्ति के नंबर को सर्विलांस पर लगाकर पता लगाया जा रहा है।
विज्ञापन