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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज, घर-घर बजेंगी बधाइयां
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कचौरा रोड स्थित श्री साईं बाबा मंदिर में झांकी लगाता युवक
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने को लेकर चौतरफा लोगों का उत्साह हिलोरे मार रहा है। सोमवार महाअष्टमी के दिन भगवान के जन्म लेते ही घरों से मंदिरों तक जयकारों की गूंज से पूरा माहौल भक्ति रस के सरोवर में गोते लगाते नजर आएगा। रविवार का दिन जन्माष्टमी की तैयारियों के नाम रहा। बच्चे घरो में मनोरम झांकियां सजाने में व्यस्त रहे। लोगों में त्योहार का उत्साह इस कदर तारी रहा कि बारिश होने के बाद भी बाजारों में भीड़ कम नहीं हुई।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान के जन्म से लेकर उनकी लीलाओं का झांकियों के जरिए प्रदर्शन किया जाता है। लोगों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाने से लेकर झांकियां लगाने की उत्सुकता तो है, लेकिन कोरोना गाइड लाइन का पालन भी करना पड़ रहा है। झांकियां सजाने और रात बारह बजे तक लड्डू गोपाल के जन्म तक भजन- कीर्तन और दही हांडी का आयोजन लोग अपने स्तर से करते हैं, कहीं पर जीवंत झांकियां प्रदर्शित की जाती हैं। बच्चों को विभिन्न देवी- देवताओं के स्वरूपों में संवारने और आकर्षक वस्त्र पहनकर लीलाएं और नृत्य कर लड्डू गोपाल का जन्म दिन मनाते हैं। उपवास करने वाले लोग लड्डु गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर पूजा अर्चना और आरती करते हैं।
101 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग
ज्योतिषाचार्य राजीव अग्रवाल ने बताया जन्माष्टमी पर इस बार 101 साल बाद जयंती योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। साथ ही अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र व सोमवार तीनों का एक साथ मिलना दुर्लभ है। वर्षों बाद वैष्णव व गृहस्थ एक ही दिन जन्मोत्सव मनाएंगे। श्रीमद्भागवत के अनुसार भगवान का जन्म भाद्र कृष्ण अष्टमी तिथि, सोमवार को रोहिणी नक्षत्र में मध्य रात्रि में हुआ था। इस संयोग में जन्माष्टमी व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है। अष्टमी तिथि रविवार रात 10:10 बजे प्रवेश कर जाएगी, जो सोमवार रात 12:24 तक रहेगी। सोमवार रात 12:24 तक अष्टमी है।
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रेलवे मनोरंजन सदन में झांकियों की अनुमति मिली
रेलवे मनोरंजन सदन में हर साल लगने वाली मनोरम झांकियां लोगों की आकर्षण का केंद्र रहती हैं, हालांकि पिछले साल कोरोना काल के दौरान झांकियां नहीं सजाई गईं थीं। केवल हवन- पूजन किया गया था। स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना के अनुसार प्रशासन से झांकी लगाने की अनुमति मिल गई है। लेकिन स्टाल नहीं लगेंगे। सोमवार की सुबह हवन पूजन होगा।
मंदिरों में देर रात होती रही सजावट
कचौरा रोड स्थित श्री साईं बाबा मंदिर में भक्त व मंदिर समिति से जुड़े लोग भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी झांकियां सजाने में लगे रहे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर छैराहा स्थित श्री राधावल्लभ मंदिर, ग्वालियर रोड स्थित श्रीकाली बाड़ी मंदिर व चौगुर्जी स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में विराजे श्री राधा- कृष्ण दरबार को भव्य तरीके से सजाने की तैयारी चलती रही।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान के जन्म से लेकर उनकी लीलाओं का झांकियों के जरिए प्रदर्शन किया जाता है। लोगों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाने से लेकर झांकियां लगाने की उत्सुकता तो है, लेकिन कोरोना गाइड लाइन का पालन भी करना पड़ रहा है। झांकियां सजाने और रात बारह बजे तक लड्डू गोपाल के जन्म तक भजन- कीर्तन और दही हांडी का आयोजन लोग अपने स्तर से करते हैं, कहीं पर जीवंत झांकियां प्रदर्शित की जाती हैं। बच्चों को विभिन्न देवी- देवताओं के स्वरूपों में संवारने और आकर्षक वस्त्र पहनकर लीलाएं और नृत्य कर लड्डू गोपाल का जन्म दिन मनाते हैं। उपवास करने वाले लोग लड्डु गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर पूजा अर्चना और आरती करते हैं।
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101 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग
ज्योतिषाचार्य राजीव अग्रवाल ने बताया जन्माष्टमी पर इस बार 101 साल बाद जयंती योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। साथ ही अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र व सोमवार तीनों का एक साथ मिलना दुर्लभ है। वर्षों बाद वैष्णव व गृहस्थ एक ही दिन जन्मोत्सव मनाएंगे। श्रीमद्भागवत के अनुसार भगवान का जन्म भाद्र कृष्ण अष्टमी तिथि, सोमवार को रोहिणी नक्षत्र में मध्य रात्रि में हुआ था। इस संयोग में जन्माष्टमी व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है। अष्टमी तिथि रविवार रात 10:10 बजे प्रवेश कर जाएगी, जो सोमवार रात 12:24 तक रहेगी। सोमवार रात 12:24 तक अष्टमी है।
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रेलवे मनोरंजन सदन में झांकियों की अनुमति मिली
रेलवे मनोरंजन सदन में हर साल लगने वाली मनोरम झांकियां लोगों की आकर्षण का केंद्र रहती हैं, हालांकि पिछले साल कोरोना काल के दौरान झांकियां नहीं सजाई गईं थीं। केवल हवन- पूजन किया गया था। स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना के अनुसार प्रशासन से झांकी लगाने की अनुमति मिल गई है। लेकिन स्टाल नहीं लगेंगे। सोमवार की सुबह हवन पूजन होगा।
मंदिरों में देर रात होती रही सजावट
कचौरा रोड स्थित श्री साईं बाबा मंदिर में भक्त व मंदिर समिति से जुड़े लोग भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी झांकियां सजाने में लगे रहे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर छैराहा स्थित श्री राधावल्लभ मंदिर, ग्वालियर रोड स्थित श्रीकाली बाड़ी मंदिर व चौगुर्जी स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में विराजे श्री राधा- कृष्ण दरबार को भव्य तरीके से सजाने की तैयारी चलती रही।