{"_id":"5e4c29b68ebc3ecce0127af6","slug":"etawah-news-court-etawha-news-knp545500552","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या में पति व ससुर को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज हत्या में पति व ससुर को उम्रकैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। अपर जिला सत्र न्यायालय ने दहेज हत्या में पति व ससुर को उम्रकैद सुनाई है। साथ ही 4-4 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में आरोपी सास को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
राज्य सरकार की ओर से मामले के पैरवीकर्ता शासकीय अधिवक्ता दंड वीरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि बकेवर थाना क्षेत्र के व्यासपुर कोठी गांव निवासी रिचा के पति प्रदीप कुमार, ससुर मेहरबान सिंह और सास मीरा देवी आदि के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। यह मामला रिचा के इंद्रापुर गांव निवासी पिता अवधेश कुमार ने दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि दहेज की मांग के पूरी न होने पर रिचा की हत्या इन लोगों ने कर दी। बताया कि 19 साल की बेटी रिचा की शादी 2 जून 2017 को की थी। महज छह महीने बाद 28 दिसंबर को उसकी बेटी को उसके पति, ससुर व सास आदि देवर, देवरानी, ननद ने फंदा लगाकर मार दिया।
पुलिस ने पति, ससुर व सास के खिलाफ धारा 498ए, 304बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के सेक्शन चार के तहत कोर्ट में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक की न्यायाधीश रेनू सिंह ने प्रदीप सिंह व मेहरबान सिंह को साक्ष्यों व गवाहों के बयान पर दोषी करार दिया। मंगलवार को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई। मीरादेवी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य सरकार की ओर से मामले के पैरवीकर्ता शासकीय अधिवक्ता दंड वीरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि बकेवर थाना क्षेत्र के व्यासपुर कोठी गांव निवासी रिचा के पति प्रदीप कुमार, ससुर मेहरबान सिंह और सास मीरा देवी आदि के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। यह मामला रिचा के इंद्रापुर गांव निवासी पिता अवधेश कुमार ने दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि दहेज की मांग के पूरी न होने पर रिचा की हत्या इन लोगों ने कर दी। बताया कि 19 साल की बेटी रिचा की शादी 2 जून 2017 को की थी। महज छह महीने बाद 28 दिसंबर को उसकी बेटी को उसके पति, ससुर व सास आदि देवर, देवरानी, ननद ने फंदा लगाकर मार दिया।
विज्ञापन
पुलिस ने पति, ससुर व सास के खिलाफ धारा 498ए, 304बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के सेक्शन चार के तहत कोर्ट में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक की न्यायाधीश रेनू सिंह ने प्रदीप सिंह व मेहरबान सिंह को साक्ष्यों व गवाहों के बयान पर दोषी करार दिया। मंगलवार को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई। मीरादेवी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन