{"_id":"614e0a558ebc3e04de61858b","slug":"etawah-news-broken-roads-budget-is-also-less-on-it-etawah-news-knp6542223161","type":"story","status":"publish","title_hn":"769 किमी सड़क के लिए मांगे सवा छह करोड मिले तीन करोड़ भी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
769 किमी सड़क के लिए मांगे सवा छह करोड मिले तीन करोड़ भी नहीं
विज्ञापन
महेवा अंदावा मार्ग पर भरा पानी
- फोटो : ETAWAH
इटावा। जनपद की खस्ताहाल सड़कों से लगने वाले झटकों से लोगों को जल्द राहत मिलती नहीं दिखती। भले ही सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के अभियान का चारों ओर ढिंढोरा पीटा जा रहा है।
इसके उलट गड्ढों को भरने के लिए लोक निर्माण विभाग को आधा-अधूरा बजट ही दिया गया। शासन ने सड़कों के सुधार के लिए भेजी गई मांग के सापेक्ष 50 फीसदी से कम धनराशि भेजी है।
ऐसे में सड़कों के गड्ढे कैसे भर पाएंगे, यह बड़ा सवाल है। समय रहते पूरी धनराशि नहीं मिली तो सड़कों पर हिचकोले खाते ही सफर तय करना होगा। जिले की 769 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए लगभग 6 करोड़ 25 लाख रुपये चाहिए।
विज्ञापन
शासन ने अभी सिर्फ 2 करोड़ 97 लाख रुपये की स्वीकृत किए हैं। यह धनराशि 50 फीसदी से भी कम है। इस हिसाब से बमुश्किल सड़कों के आधे गड्ढे ही भरे जा सकेंगे।
सड़क सुधार के नाम पर होने वाले दिखावे से सुहाने सफर की उम्मीदों को झटका लगना तय है। प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता मोहम्मद अख्तर ने बताया कि शासन के आदेश पर सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाया जाएगा।
विभाग से मांगी गई और खंडवार मिली धनराशि
इटावा वृत्त लोक निर्माण विभाग में चार खंड काम कर रहे हैं। इन खंडों से अलग अलग सड़कों का निर्माण और उनका रखरखाव किया जाता है। इनका नोडल लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड को बनाया गया है।
प्रांतीय खंड ने 183.79 किमी गड्ढों को भरने के लिए 1.53 करोड़ रुपये मांगे, मिले एक करोड़
निर्माण खंड द्वितीय ने 153.82 किमी सड़क गड्ढा मुक्त करने के लिए मांगे 1.56 करोड़ रुपये, मिले 31.90 लाख
निर्माण खंड प्रथम ने 163.26 किमी सड़क के लिए 1.36 करोड़ रुपये मांगे, मिले सिर्फ 86 लाख
निर्माण खंड तृतीय ने 268.54 किमी सड़क के लिए 1.80 करोड़ रुपये मांगे, मिले सिर्फ 80 लाख
सड़क नहीं दिखते हैं सिर्फ गड्ढे
महेवा। महेवा अछल्दा मार्ग के अलावा हाईवे से जुुड़ने वाले लिंक मार्ग छतनापुर, आनेपुर, रजपुरा से रामनगर, दिलीपनगर मार्ग पूरी तरह से उखड़ गए हैं। इन मार्गों पर सड़क कम गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं।
विज्ञापन
इसके उलट गड्ढों को भरने के लिए लोक निर्माण विभाग को आधा-अधूरा बजट ही दिया गया। शासन ने सड़कों के सुधार के लिए भेजी गई मांग के सापेक्ष 50 फीसदी से कम धनराशि भेजी है।
विज्ञापन
ऐसे में सड़कों के गड्ढे कैसे भर पाएंगे, यह बड़ा सवाल है। समय रहते पूरी धनराशि नहीं मिली तो सड़कों पर हिचकोले खाते ही सफर तय करना होगा। जिले की 769 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए लगभग 6 करोड़ 25 लाख रुपये चाहिए।
विज्ञापन
शासन ने अभी सिर्फ 2 करोड़ 97 लाख रुपये की स्वीकृत किए हैं। यह धनराशि 50 फीसदी से भी कम है। इस हिसाब से बमुश्किल सड़कों के आधे गड्ढे ही भरे जा सकेंगे।
सड़क सुधार के नाम पर होने वाले दिखावे से सुहाने सफर की उम्मीदों को झटका लगना तय है। प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता मोहम्मद अख्तर ने बताया कि शासन के आदेश पर सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाया जाएगा।
विभाग से मांगी गई और खंडवार मिली धनराशि
इटावा वृत्त लोक निर्माण विभाग में चार खंड काम कर रहे हैं। इन खंडों से अलग अलग सड़कों का निर्माण और उनका रखरखाव किया जाता है। इनका नोडल लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड को बनाया गया है।
प्रांतीय खंड ने 183.79 किमी गड्ढों को भरने के लिए 1.53 करोड़ रुपये मांगे, मिले एक करोड़
निर्माण खंड द्वितीय ने 153.82 किमी सड़क गड्ढा मुक्त करने के लिए मांगे 1.56 करोड़ रुपये, मिले 31.90 लाख
निर्माण खंड प्रथम ने 163.26 किमी सड़क के लिए 1.36 करोड़ रुपये मांगे, मिले सिर्फ 86 लाख
निर्माण खंड तृतीय ने 268.54 किमी सड़क के लिए 1.80 करोड़ रुपये मांगे, मिले सिर्फ 80 लाख
सड़क नहीं दिखते हैं सिर्फ गड्ढे
महेवा। महेवा अछल्दा मार्ग के अलावा हाईवे से जुुड़ने वाले लिंक मार्ग छतनापुर, आनेपुर, रजपुरा से रामनगर, दिलीपनगर मार्ग पूरी तरह से उखड़ गए हैं। इन मार्गों पर सड़क कम गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं।