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बारिश ने रोकी अगेती आलू, तिलहन फसलों की बुवाई
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इटावा/ बकेवर। बारिश ने अगैती आलू और तिलहन फसलों की बुआई रोक दी है। मौसम साफ होने के बाद खेत तैयार होने में करीब सात दिन का समय लगेगा। जिन किसानों ने खेतों की जुताई कर ली थी, अब उन्हें दोबारा करानी होगी। बारिश धान के लिए फायदेमंद तो फूल आने वाली दलहन की फसल के लिए नुकसानदायक बताई जा रही है।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि आलू की अगैती फसल की बुआई चल रही है। आलू की अगैती फसल का रकबा करीब पांच फीसदी यानी करीब 1200 हेक्टेयर है। 30 सितंबर तक अगैती आलू की फसल की बुआई का समय है, लेकिन खेतों में पानी ज्यादा भरने से जुताई सात से 10 दिन पिछड़ेगी।
सरसों की तैयारी कर रहे सुबोध कुमार, पवन ने बताया कि अभी अधिक नुकसान नहीं है, लेकिन बारिश से बुआई में अब देरी होगी। खेत की जुताई बेकार हो गई है। अब फिर से करानी पड़ेगी। जुताई का 200 रुपये प्रति बीघा का अतिरिक्त खर्चा बढ़ जाएगा। नवरात्र के दो-तीन दिन बाद से सरसों की बुआई शुरू हो पाएगी। यदि फिर से बारिश हो गई तो बुआई 10 से 15 दिन लेट हो सकती है। इससे रकबा घटेगा और पैदावार पर भी असर पड़ेगा।
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जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि आलू की अगैती फसल की बुआई चल रही है। आलू की अगैती फसल का रकबा करीब पांच फीसदी यानी करीब 1200 हेक्टेयर है। 30 सितंबर तक अगैती आलू की फसल की बुआई का समय है, लेकिन खेतों में पानी ज्यादा भरने से जुताई सात से 10 दिन पिछड़ेगी।
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सरसों की तैयारी कर रहे सुबोध कुमार, पवन ने बताया कि अभी अधिक नुकसान नहीं है, लेकिन बारिश से बुआई में अब देरी होगी। खेत की जुताई बेकार हो गई है। अब फिर से करानी पड़ेगी। जुताई का 200 रुपये प्रति बीघा का अतिरिक्त खर्चा बढ़ जाएगा। नवरात्र के दो-तीन दिन बाद से सरसों की बुआई शुरू हो पाएगी। यदि फिर से बारिश हो गई तो बुआई 10 से 15 दिन लेट हो सकती है। इससे रकबा घटेगा और पैदावार पर भी असर पड़ेगा।
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