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इटावा : जन आरोग्य मेले में नहीं पहुंचे डॉक्टर, फार्मासिस्ट ने बांटी दवाएं
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ताखा (इटावा)। तहसील क्षेत्र की पीएचसी में लगा गए जन आरोग्य मेलों में रविवार को डॉक्टर नहीं पहुंचे। कोसों दूर से आए मरीजों से मर्ज पूछकर फार्मासिस्टों ने दवाएं दीं। डॉक्टरों के न पहुंचने से जन आरोग्य मेलों में मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है।
ऊसराहार पीएचसी पर 11:45 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे थे। फार्मासिस्ट अभिलाख सिंह मरीजों से बीमारियां पूछकर दवा दे रहे थे। दो किलोमीटर दूर आनंदपुर गांव से आए 85 वर्षीय रघुनाथ सिंह ने बताया कि सुबह अखबार पढ़कर बेटे ने बताया कि आज अस्पताल में आरोग्य मेला लगेगा। कई दिन से दस्त हो रहे हैं, इसलिए यहां आए थे लेकिन डॉक्टर साहब नहीं आए हैं। अब छोटे डॉक्टर साहब को दिखाकर जा रहे हैं।
ऊसराहार कला के 87 वर्षीय सूरजभान सिंह ने बताया कि पैर में कई दिन से दर्द है। डंडे के सहारे जैसे तैसे दो किमी दूर अस्पताल आए हैं। बडे़े डॉक्टर नहीं आए हैं। दूसरे डॉक्टर ने समस्या पूछकर दवा दे दी है। कुल नौ मरीज पीएचसी में पहुंचे। पीएचसी खरगपुर सरैया पर फार्मासिस्ट बैठे थे। दोपहर दो बजे कोई मरीज नहीं पहुंचा था। ताखा पीएचसी में फार्मासिस्ट ने खांसी, जुकाम, बुखार के 17 मरीज देखे।
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दोपहर तक पहुंचे 22 मरीज
भरथना। पाली खुर्द गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 12:30 बजे तक डॉ. सैफ व महिला चिकित्सक डॉ. सुमन ने 10 मरीज देखे। भरथना के जहीर ने बताया कि पेट दर्द था, डॉक्टर ने समस्या सुनकर दवा दे दी है। डॉक्टर ने आराम न मिलने पर सीएचसी या जिला अस्पताल में दिखाने की सलाह दी है। कुल 22 मरीज मेले में पहुंचे। (संवाद)
बिजौली और लखना में पहुंचे 37 मरीज
बकेवर। महेवा सीएचसी में तैनात डॉ. जितेंद्र सिंह चौहान ने बिजौली पीएचसी पर 23 मरीजों को देखा। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीजों को पेट दर्द व खुजली की शिकायत थी। लखना पीएचसी पर प्रभारी डॉ. संदीप कुमार और महेवा सीएचसी से आईं डॉ. अनीता ने 14 मरीज देखे। डॉ. अनीता को ज्यादातर महिला मरीजों ने दिखाया। (संवाद)
सांस और त्वचा रोगी ज्यादा रहे
जसवंतनगर। बलरई पीएचसी में 40 मरीज पहुंचे। केंद्र के प्रभारी विवेक कुमार ने बताया कि मरीजों में पांच को सांस, तीन को मधुमेह, सात को त्वचा, तीन को हाईपरटेंशन, दो को एनीमिया, चार को बुखार की दिक्कत थी। एक मरीज को लीवर में और छह अन्य रोगों से पीड़ित थे। (संवाद)
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ऊसराहार पीएचसी पर 11:45 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे थे। फार्मासिस्ट अभिलाख सिंह मरीजों से बीमारियां पूछकर दवा दे रहे थे। दो किलोमीटर दूर आनंदपुर गांव से आए 85 वर्षीय रघुनाथ सिंह ने बताया कि सुबह अखबार पढ़कर बेटे ने बताया कि आज अस्पताल में आरोग्य मेला लगेगा। कई दिन से दस्त हो रहे हैं, इसलिए यहां आए थे लेकिन डॉक्टर साहब नहीं आए हैं। अब छोटे डॉक्टर साहब को दिखाकर जा रहे हैं।
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ऊसराहार कला के 87 वर्षीय सूरजभान सिंह ने बताया कि पैर में कई दिन से दर्द है। डंडे के सहारे जैसे तैसे दो किमी दूर अस्पताल आए हैं। बडे़े डॉक्टर नहीं आए हैं। दूसरे डॉक्टर ने समस्या पूछकर दवा दे दी है। कुल नौ मरीज पीएचसी में पहुंचे। पीएचसी खरगपुर सरैया पर फार्मासिस्ट बैठे थे। दोपहर दो बजे कोई मरीज नहीं पहुंचा था। ताखा पीएचसी में फार्मासिस्ट ने खांसी, जुकाम, बुखार के 17 मरीज देखे।
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दोपहर तक पहुंचे 22 मरीज
भरथना। पाली खुर्द गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 12:30 बजे तक डॉ. सैफ व महिला चिकित्सक डॉ. सुमन ने 10 मरीज देखे। भरथना के जहीर ने बताया कि पेट दर्द था, डॉक्टर ने समस्या सुनकर दवा दे दी है। डॉक्टर ने आराम न मिलने पर सीएचसी या जिला अस्पताल में दिखाने की सलाह दी है। कुल 22 मरीज मेले में पहुंचे। (संवाद)
बिजौली और लखना में पहुंचे 37 मरीज
बकेवर। महेवा सीएचसी में तैनात डॉ. जितेंद्र सिंह चौहान ने बिजौली पीएचसी पर 23 मरीजों को देखा। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीजों को पेट दर्द व खुजली की शिकायत थी। लखना पीएचसी पर प्रभारी डॉ. संदीप कुमार और महेवा सीएचसी से आईं डॉ. अनीता ने 14 मरीज देखे। डॉ. अनीता को ज्यादातर महिला मरीजों ने दिखाया। (संवाद)
सांस और त्वचा रोगी ज्यादा रहे
जसवंतनगर। बलरई पीएचसी में 40 मरीज पहुंचे। केंद्र के प्रभारी विवेक कुमार ने बताया कि मरीजों में पांच को सांस, तीन को मधुमेह, सात को त्वचा, तीन को हाईपरटेंशन, दो को एनीमिया, चार को बुखार की दिक्कत थी। एक मरीज को लीवर में और छह अन्य रोगों से पीड़ित थे। (संवाद)