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35,000 परिवारों की जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Thu, 09 Jun 2016 12:00 AM IST
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csc
- फोटो : getty images
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राशन वितरण की नई व्यवस्था में सिर्फ पात्रों को ही लाभ मिले इसकी तैयारी की जा रही है। इसके तहत जिले में 76 लोहिया ग्रामों की एनएफएसए सूची में शामिल 35,000 परिवारों की जांच शुरू हो गई है। इनका सत्यापन बड़े पैमाने पर कराया जा रहा है। डीएम ने एडीएम और एसडीएम सहित सभी अधिकारियों को एक-एक गांव की जिम्मेदारी सौंपी है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में वर्तमान में कुल 2.77 लाख परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत बेहद सस्ती दरों पर गेहूं, चावल, चीनी और केरोसिन मुहैया कराया जा रहा है। इसमें नगरीय क्षेत्र के 50 हजार परिवारों को अलग कर दें तो करीब सवा दो लाख परिवार 471 ग्राम पंचायतों के हैं। इनमें से 76 ग्राम पंचायतों की एनएफएसए सूची का सत्यापन हो रहा है।
प्रत्येक ग्राम पंचायत से औसतन 450 परिवारों को इस सूची में शामिल किया गया है। इस तरह 76 लोहिया ग्राम पंचायतों के करीब 35,000 परिवारों की जांच शुरू हुई है। गौरतलब है कि खाद्यान्न वितरण की नई व्यवस्था में अंत्योदय और पात्र गृहस्थियों के तौर पर सूची बनाई गई है। इन्हें सरकार बेहद न्यूनतम दरों पर गेहूं व चावल मुहैया करा रही है। इस सूची में कई ऐसे परिवारों ने भी जगह बना ली है, जो अपात्र हैं। सबसे पहले इन अपात्रों को डा. राममनोहर लोहिया समग्र विकास योजना में चयनित ग्राम पंचायतों से बाहर निकालने के प्रयास हो रहे हैं। यह लोहिया ग्राम वर्ष 2012-13 से लेकर वर्ष 2015-16 तक चयनित हुए हैं। इसके लिए डीएम नितिन बंसल ने प्रत्येक लोहिया ग्राम में सत्यापन के लिए एक अधिकारी नामित किया है।
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इन अधिकारियों में एडीएम ईश्वरचंद्र भरथना के बनामई, एसडीएम सदर बसरेहर के कैशोंपुर राहिन, एसडीएम ताखा लोहिया ग्राम पंचायत ताखा, एसडीएम सैफई अपने ब्लाक क्षेत्र के चौबेपुर, एसडीएम जसवंतनगर ब्लाक क्षेत्र के आराजी सरायभूपत, एसडीएम भरथना ग्राम सूजीपुर, डीडीओ बढ़पुरा ब्लाक के मानिकपुर बिसू में जाकर अपात्रों की जांच करेंगे। इसके अलावा जिलास्तरीय कई अधिकारियों को सत्यापन का दायित्व सौंपा गया है। ये एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे।
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जिले में वर्तमान में कुल 2.77 लाख परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत बेहद सस्ती दरों पर गेहूं, चावल, चीनी और केरोसिन मुहैया कराया जा रहा है। इसमें नगरीय क्षेत्र के 50 हजार परिवारों को अलग कर दें तो करीब सवा दो लाख परिवार 471 ग्राम पंचायतों के हैं। इनमें से 76 ग्राम पंचायतों की एनएफएसए सूची का सत्यापन हो रहा है।
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प्रत्येक ग्राम पंचायत से औसतन 450 परिवारों को इस सूची में शामिल किया गया है। इस तरह 76 लोहिया ग्राम पंचायतों के करीब 35,000 परिवारों की जांच शुरू हुई है। गौरतलब है कि खाद्यान्न वितरण की नई व्यवस्था में अंत्योदय और पात्र गृहस्थियों के तौर पर सूची बनाई गई है। इन्हें सरकार बेहद न्यूनतम दरों पर गेहूं व चावल मुहैया करा रही है। इस सूची में कई ऐसे परिवारों ने भी जगह बना ली है, जो अपात्र हैं। सबसे पहले इन अपात्रों को डा. राममनोहर लोहिया समग्र विकास योजना में चयनित ग्राम पंचायतों से बाहर निकालने के प्रयास हो रहे हैं। यह लोहिया ग्राम वर्ष 2012-13 से लेकर वर्ष 2015-16 तक चयनित हुए हैं। इसके लिए डीएम नितिन बंसल ने प्रत्येक लोहिया ग्राम में सत्यापन के लिए एक अधिकारी नामित किया है।
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इन अधिकारियों में एडीएम ईश्वरचंद्र भरथना के बनामई, एसडीएम सदर बसरेहर के कैशोंपुर राहिन, एसडीएम ताखा लोहिया ग्राम पंचायत ताखा, एसडीएम सैफई अपने ब्लाक क्षेत्र के चौबेपुर, एसडीएम जसवंतनगर ब्लाक क्षेत्र के आराजी सरायभूपत, एसडीएम भरथना ग्राम सूजीपुर, डीडीओ बढ़पुरा ब्लाक के मानिकपुर बिसू में जाकर अपात्रों की जांच करेंगे। इसके अलावा जिलास्तरीय कई अधिकारियों को सत्यापन का दायित्व सौंपा गया है। ये एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे।