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50 फीसदी ग्राम प्रधान नहीं ले पाएंगे शपथ, करना होगा इंतजार
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इटावा। गांव की सरकार चुनने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ग्राम प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्यों का निर्वाचन हो गया है। ग्राम पंचायत सदस्यों के निर्वाचन में अभी पेच फंसा है। जिले में ग्राम पंचायत सदस्य के 5903 पद हैं, लेकिन आधे से भी ज्यादा पदों पर कोई नामांकन नहीं हुआ। इसलिए अभी यह पद रिक्त हैं। इस वजह से जिले की लगभग 50 फीसदी पंचायतों में गांव की सरकार नहीं बन सकेगी। ग्राम प्रधान तो निर्वाचित हो चुके हैं, परंतु उन्हें शपथ नहीं दिलाई जा सकेगी। ऐसे में गांवों में विकास कार्य तभी शुरू हो सकेंगे, जब ग्राम पंचायत का गठन हो जाएगा।
जिले की 471 ग्राम पंचायतों का गठन तभी होगा, जब हर पंचायत में सदस्यों की दो तिहाई संख्या पूरी हो। सदस्यों के दो तिहाई संख्या के बिना ग्राम पंचायत गठित नहीं होगी। इसके चलते निर्वाचित ग्राम प्रधानों को शपथ भी नहीं दिलाई जाएगी। जिले में ग्राम पंचायत सदस्यों के आधे से भी ज्यादा पद खाली हैं। इससे 200 से अधिक ग्राम पंचायत ऐसी हैं, जहां अभी गांव की सरकार नहीं बन पाएगी। इन ग्राम पंचायतों में गांव की सरकार तभी बन पाएगी जब रिक्त पदों के लिए चुनाव कराया जाए। तब तक इन गांवों के प्रधानों को इंतजार करना पड़ेगा।
जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह ने बताया कि अभी सभी सहायक विकास अधिकारियों से ग्राम पंचायतों के गठन की सूचना मांगी गई है। जहां दो तिहाई सदस्य नहीं होंगे वहां ग्राम पंचायत का गठन नहीं होगा। अब राज्य निर्वाचन आयोग रिक्त पदों पर निर्वाचन का कार्यक्रम जारी करेगा। इसके बाद पद भर जाएंगे, तभी प्रधानों को शपथ दिलाई जाएगी।
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सबसे बड़े ब्लॉक महेवा की सभी 91 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्य पद पर रुचि न लेने के चलते प्रथम चरण में केवल 22 ग्राम पंचायतों में ही गठन होगा। 69 ग्राम पंचायतें सदस्यों के बिना प्रथम बार में गठित नहीं हो पाएंगी। मालूम हो कि ब्लॉक महेवा में 1145 ग्राम पंचायत सदस्यों के पद हैं। इसमें से केवल 452 ग्राम पंचायतों सदस्यों के पर्चे दाखिल हुए थे। इनमें 400 से अधिक ग्राम पंचायत सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए। शेष पर चुनाव हुआ। सहायक विकास अधिकारी पंचायत श्याम वरन राजपूत ने बताया कि जिन पंचायतों में 11 सदस्य हैं, वहां आठ का निर्वाचन होना चाहिए। जिनमें 13 सदस्य हैं, वहां नौ और जहां 15 सदस्य है उनमें 10 का निर्वाचन होना चाहिए।
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जिले की 471 ग्राम पंचायतों का गठन तभी होगा, जब हर पंचायत में सदस्यों की दो तिहाई संख्या पूरी हो। सदस्यों के दो तिहाई संख्या के बिना ग्राम पंचायत गठित नहीं होगी। इसके चलते निर्वाचित ग्राम प्रधानों को शपथ भी नहीं दिलाई जाएगी। जिले में ग्राम पंचायत सदस्यों के आधे से भी ज्यादा पद खाली हैं। इससे 200 से अधिक ग्राम पंचायत ऐसी हैं, जहां अभी गांव की सरकार नहीं बन पाएगी। इन ग्राम पंचायतों में गांव की सरकार तभी बन पाएगी जब रिक्त पदों के लिए चुनाव कराया जाए। तब तक इन गांवों के प्रधानों को इंतजार करना पड़ेगा।
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जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह ने बताया कि अभी सभी सहायक विकास अधिकारियों से ग्राम पंचायतों के गठन की सूचना मांगी गई है। जहां दो तिहाई सदस्य नहीं होंगे वहां ग्राम पंचायत का गठन नहीं होगा। अब राज्य निर्वाचन आयोग रिक्त पदों पर निर्वाचन का कार्यक्रम जारी करेगा। इसके बाद पद भर जाएंगे, तभी प्रधानों को शपथ दिलाई जाएगी।
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