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चुनावी खर्चे में भाजपा की सरिता नंबर वन
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इटावा। विधानसभा चुुनाव प्रचार के दौरान चुनाव खर्च में अभी तक भाजपा की सरिता भदौरिया अव्वल हैं। अभी अंतिम चार दिन का हिसाब इसमें नहीं जुड़ा है। सपा के सर्वेश कुमार शाक्य दूसरे नंबर पर हैं।
निर्वाचन आयोग ने हर प्रत्याशी के लिए 40 लाख रुपये खर्च की सीमा तय की है। प्रतिदिन होने वाले सभी मदों के चुनाव खर्च व्यय प्रेक्षक को देना होता है। व्यय प्रेक्षक अपनी सहयोगी टीम के साथ खर्च का पर्यवेक्षण करते हैं। अभी तक सभी प्रत्याशियों ने व्यय प्रेक्षक रूपेश सिंघवी के समक्ष 17 फरवरी तक का खर्च दाखिल किया है। इसमें भाजपा की सरिता भदौरिया ने सबसे अधिक 12 लाख 84 हजार 490 और निर्दलीय शरद भदौरिया ने सबसे कम 47 हजार 548 रुपये खर्च किए हैं। सपा के सर्वेश कुमार शाक्य ने 12 लाख 14 हजार 230, बसपा के कुलदीप गुप्ता संटू ने नौ लाख 74 हजार 290, कांग्रेस के मो. राशिद खान ने आठ लाख 11 हजार 638, निर्दलीय प्रतिभा शाक्य ने दो लाख 25 हजार 386, बाबी ने आठ लाख 42 हजार 752, सत्यप्रकाश ने तीन लाख 46 हजार 309, मनोज कुमार गुप्ता ने 59 हजार 500 और श्याम सिंह ने 53 हजार 767 रुपये खर्च किए हैं।
नोडल अधिकारी व वरिष्ठ कोषाधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि अभी अंतिम रूप से व्यय प्रस्तुत नहीं किया गया है। व्यय प्रेक्षक रूपेश सिंघवी के समक्ष 20 फरवरी तक की अवधि का खर्चा प्रस्तुत होगा। उसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति चुनाव खर्चे की समीक्षा कर रिपोर्ट चुनाव आयोग को प्रेषित करेगी।
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निर्वाचन आयोग ने हर प्रत्याशी के लिए 40 लाख रुपये खर्च की सीमा तय की है। प्रतिदिन होने वाले सभी मदों के चुनाव खर्च व्यय प्रेक्षक को देना होता है। व्यय प्रेक्षक अपनी सहयोगी टीम के साथ खर्च का पर्यवेक्षण करते हैं। अभी तक सभी प्रत्याशियों ने व्यय प्रेक्षक रूपेश सिंघवी के समक्ष 17 फरवरी तक का खर्च दाखिल किया है। इसमें भाजपा की सरिता भदौरिया ने सबसे अधिक 12 लाख 84 हजार 490 और निर्दलीय शरद भदौरिया ने सबसे कम 47 हजार 548 रुपये खर्च किए हैं। सपा के सर्वेश कुमार शाक्य ने 12 लाख 14 हजार 230, बसपा के कुलदीप गुप्ता संटू ने नौ लाख 74 हजार 290, कांग्रेस के मो. राशिद खान ने आठ लाख 11 हजार 638, निर्दलीय प्रतिभा शाक्य ने दो लाख 25 हजार 386, बाबी ने आठ लाख 42 हजार 752, सत्यप्रकाश ने तीन लाख 46 हजार 309, मनोज कुमार गुप्ता ने 59 हजार 500 और श्याम सिंह ने 53 हजार 767 रुपये खर्च किए हैं।
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नोडल अधिकारी व वरिष्ठ कोषाधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि अभी अंतिम रूप से व्यय प्रस्तुत नहीं किया गया है। व्यय प्रेक्षक रूपेश सिंघवी के समक्ष 20 फरवरी तक की अवधि का खर्चा प्रस्तुत होगा। उसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति चुनाव खर्चे की समीक्षा कर रिपोर्ट चुनाव आयोग को प्रेषित करेगी।
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