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68 लाख की छात्रवृत्ति पर कैलिफोर्निया विवि से पीएचडी करेंगे दिव्योज
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दिव्योज को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित करते अतिथि। संवाद
- फोटो : ETAWAH
इटावा। शहर के दिव्योज सिंह को भौतिक विज्ञान से पीएचडी करने के लिए कैलिफोर्निया विवि से बुलावा आया है। विवि की ओर से उन्हें 68 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है।
भारथना चौराहे निवासी डॉ. शिवराज सिंह यादव ने बताया कि उनके छोटे बेटे दिव्योज सिंह शुरुआत से होनहार रहे हैं। उन्होंने 10वीं ए ग्रेड से पास की और 12वीं में भी 96 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद उन्होंने साइंटिस्ट बनने की ठानी।
दिव्योज बताते हैं कि उन्होंने जेई एडवांस ओबीसी कैटेगरी में 250वीं रैंक हासिल करके 2017 में इंडियन इंस्टीट्यूूट ऑफ साइंस बंगलूरू के बैचलर ऑफ साइंस विद रिसर्च में दाखिला लिया। इस बीच में उन्होंने नॉन एल्कोहलिक फैटी लीवर सिरोसिस, प्रोस्टेटे ग्रंथि वृद्धि, विकास काल में जीवों के आधार एवं आकृति परिवर्तन, विविध रोगों की बायोइनफार्मेटिक्स विषय समेत करीब आठ रिसर्च कीं।
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इसके बाद उन्होंने यहीं से अपना मास्टर ऑफ साइंस भी किया। दिव्योज बताते हैं कि पीएचडी के लिए उनके पास कैलिफोर्निया सांता बारबारा के अलावा येल विवि, यूनिवर्सिटी ऑफ पिटुुसवर्ग, राईस यूनिवर्सिटी से भी 50 से 75 लाख की छात्रवृत्ति पर रिसर्च करने के लिए आमंत्रण आए हैं। वरिष्ठ साइंटिस्ट से चर्चा करने के बाद उन्होंने कैलिफोर्निया को चुना। इन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय पिता और मां ऊषा यादव समेत सभी शिक्षकों को दिया है।
उधर, इस उपलब्धि के लिए ज्वांट्स वेलफेयर फाउंडेशन फेडरेशन की ओर से एक निजी होटल में कार्यक्रम करके उन्हें सम्मानित किया गया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि एडीआईओएस डॉ. मुकेश यादव, प्रोफेसर आरके अग्रवाल, डॉ. कैलाश यादव, ललित सक्सेना, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. शैलेंद्र कुमार, आशा अवस्थी, रीता मेहरोत्रा, डॉ. संजीव यादव, डॉ. आनंद आदि मौजूद रहे।
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भारथना चौराहे निवासी डॉ. शिवराज सिंह यादव ने बताया कि उनके छोटे बेटे दिव्योज सिंह शुरुआत से होनहार रहे हैं। उन्होंने 10वीं ए ग्रेड से पास की और 12वीं में भी 96 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद उन्होंने साइंटिस्ट बनने की ठानी।
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दिव्योज बताते हैं कि उन्होंने जेई एडवांस ओबीसी कैटेगरी में 250वीं रैंक हासिल करके 2017 में इंडियन इंस्टीट्यूूट ऑफ साइंस बंगलूरू के बैचलर ऑफ साइंस विद रिसर्च में दाखिला लिया। इस बीच में उन्होंने नॉन एल्कोहलिक फैटी लीवर सिरोसिस, प्रोस्टेटे ग्रंथि वृद्धि, विकास काल में जीवों के आधार एवं आकृति परिवर्तन, विविध रोगों की बायोइनफार्मेटिक्स विषय समेत करीब आठ रिसर्च कीं।
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इसके बाद उन्होंने यहीं से अपना मास्टर ऑफ साइंस भी किया। दिव्योज बताते हैं कि पीएचडी के लिए उनके पास कैलिफोर्निया सांता बारबारा के अलावा येल विवि, यूनिवर्सिटी ऑफ पिटुुसवर्ग, राईस यूनिवर्सिटी से भी 50 से 75 लाख की छात्रवृत्ति पर रिसर्च करने के लिए आमंत्रण आए हैं। वरिष्ठ साइंटिस्ट से चर्चा करने के बाद उन्होंने कैलिफोर्निया को चुना। इन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय पिता और मां ऊषा यादव समेत सभी शिक्षकों को दिया है।
उधर, इस उपलब्धि के लिए ज्वांट्स वेलफेयर फाउंडेशन फेडरेशन की ओर से एक निजी होटल में कार्यक्रम करके उन्हें सम्मानित किया गया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि एडीआईओएस डॉ. मुकेश यादव, प्रोफेसर आरके अग्रवाल, डॉ. कैलाश यादव, ललित सक्सेना, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. शैलेंद्र कुमार, आशा अवस्थी, रीता मेहरोत्रा, डॉ. संजीव यादव, डॉ. आनंद आदि मौजूद रहे।