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17 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:08 AM IST
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खितौरा में सामूहिक विवाह
- फोटो : अमर उजाला
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बाबा जय गुरुदेव की जन्मभूमि खितौरा में तीन दिवसीय आध्यात्मिक होली सत्संग मेला का समापन शनिवार को निर्धन कन्याओं के दहेज रहित विवाह के साथ हो गया। सामूहिक विवाह समारोह में उत्तर प्रदेश, नेपाल, झारखंड, बिहार एवं मध्य प्रदेश के 17 जोड़ों ने जन्म जन्मांतर तक साथ रहने की कसमें खाकर एक-दूजे का हाथ थामा। जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के अध्यक्ष पंकज जी महाराज ने सभी जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
सत्संग के दौरान राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चंद्र ने सत्संग की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि स्वभाव और संस्कार बड़ी चीज है। जीव के स्वभाव को सद्गुरु धीरे-धीरे बदलते है। इसके लिए कई बार मानव जन्म दिलवाते है। स्वभाव और संस्कार को बदलने के लिए संगत में सबसे छोटी सेवा करनी चाहिए। छोटी सेवा का फल बहुत बड़ा मिलता है। उन्होंने कहा कि तीज त्योहारों का उद्देश्य एक तरफ मानव जीवन में आध्यात्मिक चेतना पैदा करना है और दूसरी तरफ जीवन में उल्लास लाता है।
इस दौरान जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के अध्यक्ष पंकज जी महाराज ने मई महीने में मथुरा में होने वाले बाबा जय गुरुदेव जी महाराज के चतुर्थ वार्षिक भंडारे में आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि अबकी बार वार्षिक भंडारा सत्संग मेला 17 से 21 मई तक मथुरा में होगा। इस दौरान मेला प्रभारी चरन सिंह के अलावा डॉ. रामकृष्ण यादव, प्रधान खितौरा सुनील यादव, मनु भाई डी पटेल, डॉ. केके मिश्रा, बाबूराम यादव, राजेंद्र भसीन, वीरेंद्र सिंह, डॉ. रामयश सिंह यादव, पप्पू यादव, संतराम चौधरी, महेंद्र यादव, राज कुमार, रामस्वरूप, श्याम सिंह यादव, वीरेंद्र सिंह चौहान, बैकुंठ नाथ पांडेय, सीलू शर्मा व राजू पांडेय आदि मौजूद रहे।
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सत्संग के दौरान सीतापुर के सचिन संग रोली, अजय पटेल का प्रतापगढ़ की प्रीति, सुजीत का रांची झारखंड की बेबी कुमारी, संदीप कुमार का पूर्वी चम्पारन बिहार की रेणु कुमारी, गोंडा के दुर्गेश का सीतापुर की जनक दुलारी, विजय किशोर का हरदोई की पम्पी यादव, पिंटू का सीतापुर की गीता देवी, वेदप्रकाश का औरैया की रूबी देवी, सोनू का इटावा की मंजू, सुरेश कुमार का हरदोई की सानू कुमारी, कौशल किशोर का सीतापुर की सोमवती, जयप्रकाश का मिर्जापुर की नीतू कुमारी, राज खटिक का नेपाल की पूजा खटिक, शिव पूजन का लखनऊ की अंजू यादव, रामनारायन का बहराइच की निशा, रमेश का सीतामढ़ी बिहार की कविता, विजय का गुमला झारखंड की अमृता के साथ विवाह कराया गया।
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सत्संग के दौरान राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चंद्र ने सत्संग की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि स्वभाव और संस्कार बड़ी चीज है। जीव के स्वभाव को सद्गुरु धीरे-धीरे बदलते है। इसके लिए कई बार मानव जन्म दिलवाते है। स्वभाव और संस्कार को बदलने के लिए संगत में सबसे छोटी सेवा करनी चाहिए। छोटी सेवा का फल बहुत बड़ा मिलता है। उन्होंने कहा कि तीज त्योहारों का उद्देश्य एक तरफ मानव जीवन में आध्यात्मिक चेतना पैदा करना है और दूसरी तरफ जीवन में उल्लास लाता है।
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इस दौरान जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के अध्यक्ष पंकज जी महाराज ने मई महीने में मथुरा में होने वाले बाबा जय गुरुदेव जी महाराज के चतुर्थ वार्षिक भंडारे में आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि अबकी बार वार्षिक भंडारा सत्संग मेला 17 से 21 मई तक मथुरा में होगा। इस दौरान मेला प्रभारी चरन सिंह के अलावा डॉ. रामकृष्ण यादव, प्रधान खितौरा सुनील यादव, मनु भाई डी पटेल, डॉ. केके मिश्रा, बाबूराम यादव, राजेंद्र भसीन, वीरेंद्र सिंह, डॉ. रामयश सिंह यादव, पप्पू यादव, संतराम चौधरी, महेंद्र यादव, राज कुमार, रामस्वरूप, श्याम सिंह यादव, वीरेंद्र सिंह चौहान, बैकुंठ नाथ पांडेय, सीलू शर्मा व राजू पांडेय आदि मौजूद रहे।
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सत्संग के दौरान सीतापुर के सचिन संग रोली, अजय पटेल का प्रतापगढ़ की प्रीति, सुजीत का रांची झारखंड की बेबी कुमारी, संदीप कुमार का पूर्वी चम्पारन बिहार की रेणु कुमारी, गोंडा के दुर्गेश का सीतापुर की जनक दुलारी, विजय किशोर का हरदोई की पम्पी यादव, पिंटू का सीतापुर की गीता देवी, वेदप्रकाश का औरैया की रूबी देवी, सोनू का इटावा की मंजू, सुरेश कुमार का हरदोई की सानू कुमारी, कौशल किशोर का सीतापुर की सोमवती, जयप्रकाश का मिर्जापुर की नीतू कुमारी, राज खटिक का नेपाल की पूजा खटिक, शिव पूजन का लखनऊ की अंजू यादव, रामनारायन का बहराइच की निशा, रमेश का सीतामढ़ी बिहार की कविता, विजय का गुमला झारखंड की अमृता के साथ विवाह कराया गया।